इंदौर / विजयवर्गीय बोले- मंत्री सिंघार के आरोप सही तो दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया जाना चाहिए



कैलाश विजयवर्गीय। कैलाश विजयवर्गीय।
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कैलाश विजयवर्गीय।कैलाश विजयवर्गीय।

  • अरुण यादव के ट्वीट पर कहा - संघर्ष उन्होंने किया, मलाई कमलनाथ खा रहे हैं
  • पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा ने सिंघार को सिंह के खिलाफ सोच समझकर बयान देने की नसीहत दी

Dainik Bhaskar

Sep 03, 2019, 07:42 PM IST

इंदौर. कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप में अब अन्य नेता भी शामिल हो गए। मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने जहां सिंघार को सिंह पर सोच-समझकर बयान देने की नसीहत दी। वहीं, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मामले में जांच कर जो भी दोषी हो उस पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा यदि सिंघार के आरोप सही हैं तो सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। वहीं मामले में नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि वे इस मामले में कोई टिप्पणी नही करेंगे। उन्होंने कहा कि उमंग मध्यप्रदेश केबनेट में मेरे साथी है मैं उनके बारे में कुछ नही कहना चाहता हूं, मैं व्यक्तिगक्त तौर पर उनसे बात करूंगा।

 

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा में कहा कि इन दिनों मप्र में एक अलग राजनीति दिखाई दे रही है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। आरोप इसलिए गंभीर हैं क्योंकि इसे लगाने वाला कैबिनेट मंत्री है न कि कोई विपक्ष का नेता।

 

कैबिनेट मंत्री ने सिंह पर अवैध शराब के करोबार के आरोप लगाए। यदि सिंह ऐसा कर रहे हैं तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री को तत्काल मामले में स्पष्टीकरण देते हुए मामले की जांच करवानी चाहिए।

 

विजयवर्गीय ने अरुण यादव के प्रदेश की वर्तमान स्थित पर आहत होने वाले ट्वीट पर कहा कि संघर्ष किया अरुण यादव ने, गिरफ्तार हुए अरुण यादव और मलाई खा रहे हैं मुख्यमंत्री कमलनाथ, जिन्होंने हमेशा एसी में बैठकर राजनीति की। दिल्ली में किसकी सेटिंग है और कौन वहां पैसे भेज सकता है। वहीं मंत्री, मुख्यमंत्री बन सकता है। 


उधर, इसी मामले में पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा कि सिंघार को सोच समझकर बयान देना चाहिए। दिग्विजय सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। घर का विवाद घर में ही सुलझा लेना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि मामले में हस्तक्षेप कर दिग्विजय सिंह के पत्र और पीसीसी अध्यक्ष के मामले पर कोई निर्णय लेना चाहिए। ताकि विवाद जल्द खत्म किया जा सके।

 

आनंद राय के ऑडियो को लेकर कहा कि सभी जानते हैं राय की किससे नजदीकियां हैं। वहीं भतीजे द्वारा खजराना मंदिर में केक काटने के मामले को सही ठहराते हुए कहा कि यदि इससे एक कार्यकर्ता के चेहरे पर खुशी आती है तो इसमें क्या हर्ज है। केक काटकर कोई गुनाह तो नहीं कर दिया। भाजपा वाले क्या-क्या नहीं करते। कई गायों से भरे ट्रक पकड़ते हैं। रुपए मिलते ही छोड़ देते हैं और गाऊ माता करते रहते हैं।

 

वहीं मंत्री सिलावट ने प्रदेश अध्यक्ष पर मचे घमासान पर कहा कि सिंधिया जी देश के नेता हैं, प्रदेश के नेता हैं। उन्हें देश-प्रदेश में जब भी कोई पद दिया गया है, उसे उन्होंने ईमानदारी निभाया है। सिंधिया जी किसी पद के पीछे नहीं, पद उनके पीछे है। पद उनके लिए बहुत छोटी चीज है। पद के पीछे वे कभी नहीं भागे। उनका एक सूत्र है निस्वार्थ भाव से सेवा करो।

 

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