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किडनैपर के चंगुल से छूटकर लौटे 6 साल के बेटे ने पूछा- भैया कहां है; मां बोली- वो सो रहा है...उठते ही लगाया गले-साथ खाया खाना और निकल गया मस्ती करने...

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 12:23 PM IST

SSP ने पूछा- तुम्हें बदमाशों ने मारा तो नहीं, मासूम ने अपने अंदाज में दिया ये जवाब

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इंदौर. रविवार को अगवा किए गए 6 साल के अक्षत जैन को पुलिस मंगलवार तड़के 3 बजे सागर से इंदौर लेकर आई। घर में पाठ कर रही मां शिल्पा बेटे को देखते ही रो पड़ी और उसे सीने से लगा लिया। अपने लाड़ले को देख पिता रोहित, दादा सुरेंद्र और दादी मनीबाई की आंखों में भी आंसू आ गए। माता-पिता से मिलते ही अक्षत भी खुशी से झूम उठा, लेकिन कुछ ही देर बाद सो गया। अक्षत के इंतजार में प्राइम सिटी कॉलोनी के रहवासी भी रातभग जागते रहे। पदभार ग्रहण करने के बाद नवागत एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र भी अक्षत से मिलने पहुंचीं। पढ़िए एसएसपी और अक्षत में हुई बातचीत के अंश।


ठंड लगी तो बड़ी जैकेट पहना दी मुझे


एसएसपी- हैलो बेटा कैसे हो?
अक्षत- बढ़िया।

एसएसपी- तुम किसके साथ चले गए थे?
अक्षत- दो भैया बाइक से आए थे। वो ले गए थे।

एसएसपी- उन्होंने तुम्हें मारा तो नहीं?
अक्षत- नहीं मारा, लेकिन जब मैंने शोर मचा दिया तो एक भैया ने मेरा मुंह दबा दिया था।

एसएसपी- तो फिर तुमने क्या किया?
अक्षत- मैंने ही उसे नोंच दिया। फिर एक भैया के कमरे पर ले गए, मुझे बड़ी जैकेट पहनाई। खाना खिलाया, फिर सुला दिया।

एसएसपी- तुम तो बहुत बहादुर हो, क्या बनोगे बड़े होकर?
अक्षत- (हाथ से बंदूक का इशारा) पुलिस वाला।

मां शिल्पा ने बताया, बेटा जैसे ही घर आया तो सबसे पहले उसने बड़े भाई चित्रांश से मिलने की इच्छा जाहिर की। सुबह जैसे ही वह उठा तो उसने अक्षत को गले लगा लिया। इसके बाद दिनभर काॅलोनी के रहवासी व दोस्त मिलने आए। बेटे को सकुशल लाने के लिए शिल्पा ने इंदौर पुलिस के अधिकारियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।


चार संदिग्धों की भूमिका तलाश रही है पुलिस

अपहरण कांड में पुलिस ने ललितपुर के पांच आरोपी दीपक, अंकित, लोकेश, वसीम, नवाब और संतोष की भूमिका तो लगभग स्पष्ट कर ली है। चार अन्य संदिग्ध जो इंदौर में संतोष के संपर्क में उन्हें भी पुलिस तलाश रही है। मंगलवार दोपहर पुलिस ने अक्षत को माता-पिता के साथ थाने बुलवाया। अक्षत से उस रूट की जानकारी जुटाई, जहां से बदमाश उसे उठा ले गए थे। गार्डन से मांगलिया तक का रूट पुलिस ने अक्षत की निशानदेही पर क्लियर किया। मांगलिया में भी बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें अक्षत उनके साथ बाइक पर है। अक्षत ने पुलिस को बताया कि बदमाशों ने एक कटिंग दुकान पर दाढ़ी भी बनवाई थी।


इंदौर पुलिस के ललितपुर पहुंचने के 10 मिनट पहले बच्चे को बरोदिया चौकी के सामने छोड़ भागे अपहृर्ता

फिरौती के काॅल आने के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर ललितपुर के निलेश को उठाया तो उसने किसी भी तरह के काॅल करने से मना किया। बाद में उसके मोबाइल की काॅल डिटेल के आधार पर अमित नामक के युवक को उठाया गया। इसी दौरान निलेश के मोबाइल पर संतोष के कॉल आने लगे। इससे इंदौर और ललितपुर का लिंक सही साबित हो गया। जब अपहृताओं को पता चला कि पुलिस ललितपुर आ गई है तो वे अक्षत को बरोदिया चौकी के पास कागज में पर्ची पर उसका नाम, पिता का नाम व मोबाइल नंबर लिख छोड़ भागे। इस दौरान सिर्फ 10 मिनट का अंतर रहा, वरना अपहर्ता रंगे हाथ पकड़े जाते। अधिकारियों ने कहा है कि अभी अपहरण का कारण भी स्पष्ट नहीं है।

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