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किसानों को बकाया देने बुलाया, बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई, भीड़ लाठी-पत्थरों से मारती रही; 1 की मौत, 5 गंभीर

3 वर्ष पहले
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  • उज्जैन से 5 खेत मालिक मजदूरों को एडवांस दिए रु. लेने गए, तभी उनके बच्चा चोर होने की अफवाह उड़ी
  • धार के खड़किया गांव में 38 साल के गणेश को लाठियों से पीटा, फिर पत्थर मारकर जान ले ली
  • मॉब लिंचिंग से 5 साल में देश में 48 मौतें, प्रदेश में सालभर में बच्चा चोरी के शक में मारपीट की 10 से ज्यादा घटनाएं

धार. मध्य प्रदेश में बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने बुधवार को 5 किसानों और उनके ड्राइवर को लाठी-पत्थरों से बुरी तरह पीटा। इसमें एक की मौत हो गई, जबकि 5 लोगों की हालत गंभीर है। भीड़ ने किसानों की दो कारों में तोड़फोड़ की। घटना तिरला इलाके के खड़किया गांव की है। पीड़ित उज्जैन जिले के लिंबी पिपलिया गांव के रहने वाले हैं। 5 किसान मजदूरों से अपना एडवांस रुपया लेने गांव पहुंचे थे, जहां रुपए नहीं देने का मन बना चुके मजूदरों ने बच्चा चाेरी की अफवाह फैला दी। घटना के फोटो-वीडियो में हमलावरों के चेहरे दिख रहे फिर भी 12 घंटे में कोई गिरफ्तार नहीं हुई।

  • एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि 2 गाड़ी में 6 लोग आए थे। किसानों ने मजदूरों को 50 हजार रु. एडवांस दिए थे। लेकिन कुछ मजदूर काम किए बगैर भागकर गांव आ गए थे। तिरला के खिड़कियां गांव में इन लोगों को बुलाया गया। इन पर पत्थरबाजी की गई और पीछा किया। फिर इनके बच्चा चोर होने की अफवाह फैलाई। बोरलाई गांव के हाट बाजार में 500 से ज्यादा की भीड़ ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
  • कार चालक गणेश (38) को बड़वानी रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जगदीश राधेश्याम शर्मा (45), नरेंद्र सुंदरलाल शर्मा (42), विनोद तुलसीराम मुकाती (43), रवि पिता शंकरलाल पटेल (38), जगदीश पूनमचंद शर्मा को इंदौर लाया गया है। रवि की हालत गंभीर है। पुलिस ने 3 आरोपी मजदूरों अवतार सिंह, भुवनसिंह, जामसिंह की पहचान कर ली है। उनके साथ 15 से 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

छोटी सी बल्ली से 500 उन्मादियों का मुकाबला कर रहा था गणेश

हमें देखते ही लोग चिल्लाने लगे- बच्चा चोर हैं, जिंदा मत छोड़ना
पीड़ित नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा उज्जैन और तिरला थाना पर रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई थी। बाद में मजदूरों का फोन आया कि आप खड़किया आ जाओ, यही अपना हिसाब कर लेंगे। हम 6 लोग दो गाड़ी लेकर बुधवार को तिरला थाने पर पहुंचे। उन्हें बताया कि खड़किया के लोगों से पैसा लेना है और वे उन्हें बुला रहे हैं। वहीं, अस्पताल में भर्ती जगदीश शर्मा ने कहा कि जैसे ही हमारी गाड़ियां गांव में घुसीं लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। हम गाड़ी घुमाकर भागे। कुछ दूर ही चले थे कि भीड़ ने घेर लिया। लोग चिल्ला रहे थे कि बच्चा चोर आ गए। मारो.. जिंदा मत छोड़ना। भीड़ ने हमें बाहर निकाला और लोग बुरी तरह पीटने लगे।

भीड़ के वो चेहरे जिन्होंने की क्रूरता

मानवता को शर्मसार करने वाली घटना