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50 इलेक्ट्रिक कारें खरीदी, नहीं बने चार्जिंग स्टेशन

2 वर्ष पहले
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दो माह पहले निगम के अफसरों को अलॉट होना थी इलेक्ट्रिक कारें, एआईसीटीएसएल परिसर में खड़ी धूल खा रही हैं

नगर निगम ने 19 जेडओ, 4 अपर आयुक्त और 8 उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों के लिए 50 इलेक्ट्रिक कारें तो खरीद लीं, लेकिन इन्हें चार्ज करने के लिए पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन नहीं बनाए। नतीजतन, ये कारें एआईसीटीएसएल परिसर में खड़ी धूल खा रही हैं। चार्जिंग स्टेशन कब बनेंगे और ये कारें अधिकारियों को कब दी जाएंगी, इस बारे में किसी को कुछ पता नहीं है।

इंदौर डीबी स्टार

नगर निगम के 50 से ज्यादा अफसरों के लिए प्राइवेट वाहन अटैच हैं। हर अधिकारी को पद के मुताबिक तीन से दस लीटर डीजल रोज दिया जाता है। रोज करीब 850 लीटर डीजल की खपत होती है।

हर महीने करीब 25,500 लीटर डीजल पर 18 लाख रुपए से ज्यादा का खर्च आता है। यह खर्च बचाने के लिए नगर निगम ने अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक कारें खरीदी हैं। कार उपलब्ध करवाने से लेकर संचालन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ठेकेदार कंपनी की है। ये कारें बैटरी चलित हैं और फ्यूल ऑप्शन भी है। पेट्रोल-डीजल वाली कारों की जगह इन कारों का उपयोग किया जाना है। सबसे पहले असिस्टेंट इंजीनियर (एई) और जूनियर इंजीनियर (जेई) को इलेक्ट्रिक कार दी जाना थी, लेकिन इन कारों के लिए अब तक पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन नहीं बन पाए हैं। नतीजतन, कारें दो माह से एआईसीटीएसएल परिसर में खड़ी धूल खा रही हैं। फिलहाल ट्रायल के तौर पर चलाई जा रही 5-6 इलेक्ट्रिक कारें एआईसीटीएसएल कैंपस में बने स्टेशन पर चार्ज की जा रही हैं।

एक बार में एक कार ही चार्ज की जा सकती है। एक कार को चार्ज होने में करीब 4 से 5 घंटे लगते हैं। करीब 23 लाख रुपए की लागत से नगर निगम मुख्यालय और नेहरू पार्क में चार्जिंग स्टेशन बनाए जाना हैं, लेकिन ये अब तक तैयार नहीं हुए हैं। इसके चलते कारें बेकार पड़ी हुई हैं।

बिजली कंपनी के चार्जिंग स्टेशन भी अधर में

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक बसें और कार चार्ज करने के लिए इंदौर में 25 चार्जिंग स्टेशन बनाने का दावा किया था। कहा गया था कि शहर में हर 3 किमी पर चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इन स्टेशनों पर कम दरों में कार चार्ज करने की सुविधा दी जाएगी। ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक बसें भी चार्ज की जा सकेंगी, लेकिन यह चार्जिंग स्टेशन अब तक नहीं बने हैं।

ट्रायल के तौर पर चला रहे हैं कुछ गाड़ियां

 नगर निगम के अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक कारें खरीदी गई हैं। यह कारें कार्यालय परिसर में खड़ी हैं। एआईसीटीएसएल परिसर में चार्जिंग स्टेशन बनाया गया है। ट्रायल के तौर पर कुछ कारें चलाई जा रही हैं। निगम अधिकारियों को यह कारें कब दी जाएंगी फिलहाल यह तय नहीं है।

माला सिंह, पीआरअो एआईसीटीएसएल

कारों के बारे में पता करना पड़ेगा

 डीजल खर्च बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से एआईसीटीएसएल के माध्यम से इलेक्ट्रिक कारें खरीदी गई हैं। ये कारें नगर निगम के अधिकारियों को दी जाना हैं। फिलहाल कुछ कारें ट्रायल के तौर पर चलाई जा रही हैं। मुझे इससे ज्यादा जानकारी नहीं है। इस बारे में एआईसीटीएसएल के दफ्तर जाकर पता लगाया जाएगा।

रजनीश कसेरा, अपर आयुक्त नगर निगम

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