तीन तलाक समाप्त करने का मौका कांग्रेस ने गंवा दिया : सायरा बानो

Indore News - देश में सबसे ज्यादा समय तक कांग्रेस की सरकार रही। उनके पास मौका था कि वे मुस्लिम महिलाओं की भलाई के लिए तीन तलाक को...

Aug 31, 2019, 07:45 AM IST
देश में सबसे ज्यादा समय तक कांग्रेस की सरकार रही। उनके पास मौका था कि वे मुस्लिम महिलाओं की भलाई के लिए तीन तलाक को समाप्त कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका और कांग्रेस ने वह मौका गंवा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा को समझा और उसे समाप्त किया। इससे कई महिलाओं को अपने हक की लड़ाई लड़ने का हौसला मिला है।

यह बात शुक्रवार शाम रवींद्र नाट्यग्रह में आगाज कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उत्तराखंड की सायरा बानो ने कही। उन्होंने कहा शाह बानो ने जब तीन तलाक को लेकर केस लगाया था, उस समय कांग्रेस की सरकार थी। तब एक वरिष्ठ मंत्री ने मुस्लिमों को लेकर भद्दी टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुस्लिमों के उत्थान की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। इसके बाद कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल से तीन तलाक का केस लगाने वालीं इशरत जहां ने कहा कि तीन तलाक की बात कुरान में भी नहीं लिखी है। नबी भी इसे पसंद नहीं करते हैं। शादी तो धूमधाम से होती है और उस समय सारे रिश्तेदार मौजूद रहते हैं, लेकिन तीन तलाक फोन पर, चिट्‌ठी में या ईमेल के जरिये दे दिया जाता है। ऐसे में महिलाओं के मन में डर रहता है कि कहीं रोटी जल जाने या दाल में नमक ज्यादा हो जाने पर उन्हें शौहर तीन तलाक न दे दे। जम्मू कश्मीर से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करने वालीं भास्कर संवाददाता उपमिता वाजपेयी ने कहा अनुच्छेद 370 समाप्त होने की खबर पर वहां के लोगों में इतनी चर्चा नहीं हो रही थी, जितनी कि मेहबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरबंद करने के दौरान दोनों के बीच लड़ाई को लेकर चर्चा हो रही थी।

कर्नल भारत भूषण ने कहा- पाकिस्तान खुद अपनी अर्थव्यवस्था के कारण ही खत्म हो जाएगा।

चीन की नब्ज गिलगिट पाकिस्तान पर ध्यान लगाना चाहिए : भूषण

मुख्य वक्ता कर्नल भारत भूषण ने कहा पाकिस्तान तो अपने आप ही अर्थव्यवस्था के कारण खत्म हो रहा है। हमें उसके बजाय गिलगिट पाकिस्तान जो कि चीन की नब्ज है, उस पर ध्यान लगाना चाहिए। हमें अब बलूचिस्तान की आजादी पर बात करनी चाहिए। कश्मीर ब्राह्मण समाज समिति के अध्यक्ष अशोक बम्बरू, राज्य खाद्य आयोग सदस्य स्नेहलता उपाध्याय ने भी संबोधित किया। इस मौके पर पूर्व जस्टिस वीएस कोकजे, पूर्व डीजीपी एसके राउत, कृष्णकुमार अष्ठाना, प्रहलादराय माहेश्वरी व गोपी नेमा और आयोजक हरीश विजयवर्गीय व अभिषेक शर्मा मौजूद थे। गुरुसिंघ सभा के सदस्य रिंकू भाटिया, अरबिंदो सोसायटी अध्यक्ष सुमन कोचर, आॅल इंडिया हज कमेटी मेम्बर इनायत हुसैन व आरिफ खान ने इशरत जहां और सायरा बानो का सम्मान किया।

कई मुस्लिम महिलाओं को तो आज भी नहीं पता कि तीन तलाक के खिलाफ देश में कानून बन चुका है : सायरा

इंदौर | मेरी शादी साल 2002 में इलाहाबाद में एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही पति और ससुराल वाले बुरा बर्ताव करने लगे। मारपीट तो रोज की बात थी। बच्चों के भविष्य की खातिर मैं सालों साल सहती रही। ऐसे ही एक दिन झगड़े के बाद मैं मायके उत्तराखंड चली गई। वहां स्पीड पोस्ट के जरिए मेरे पति ने मुझे तलाकनामा भेजा। उस तलाकनामे को लेकर मैं मुफ्ती के पास गई, उन्होंने जवाब दिया, टेलीग्राम के जरिए भेजा गया तलाक इस्लाम में जायज है। यह सुनते ही पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मुझे बच्चों के भविष्य की चिंता होने लगी। जो मेरे साथ हुआ, ऐसा कई महिलाओं के साथ पहले हो चुका था। तभी इस प्रथा को समाप्त करने का सोचा।

यह कहना है तीन तलाक, बहु विवाह और निकाह हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वालीं पहली महिला सायरा बानो का। उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वालीं सायरा ने शुक्रवार को भास्कर से खास चर्चा में कहा, मुस्लिम समाज की महिलाओं में आज भी बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है, जिन्हें नहीं पता कि तीन तलाक के विरुद्ध कानून बन चुका है। वे अशिक्षित हैं, अखबार नहीं पढ़तीं, इसलिए मैं एक ऐसा सामाजिक संगठन शुरू करना चाहती हूं, जो मुस्लिम महिलाओं के हित में काम करे।

सायरा बानो

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