50 साल से दुनिया की हस्तियों पर चुटीले कमेंट कर रही बटर गर्ल के लिए 5 दशक में सिर्फ 10 शिकायतें व मानहानि का 1 नोटिस मिला

Indore News - “छह साल की एक बच्ची भला राजनीति, आतंकवाद और दुनिया की चर्चित हस्तियों पर कमेंट कर सकती है ? नामुमकिन ही लगता है।...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:55 AM IST
Indore News - mp news for 50 years the butter girl who has been cheating on world celebrities got only 10 complaints and a notice of defamation in 5 decades
“छह साल की एक बच्ची भला राजनीति, आतंकवाद और दुनिया की चर्चित हस्तियों पर कमेंट कर सकती है ? नामुमकिन ही लगता है। लेकिन बटर गर्ल पिछले पांच दशक से ये करती आ रही है। लॉन्गेस्ट रनिंग कैम्पेन का वर्ल्ड रिकॉर्ड है इस बच्ची के नाम। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा, बीते 50 सालों में बटर गर्ल की 10 शिकायतें ही आई होंगी। क्रिकेट की एक शख्सियत उन पर बने विज्ञापन से आहत हो गए थे। विज्ञापन में लिखा था दाल में कुछ काला है। अगले दिन हमें 500 करोड़ का मानहानि का नोटिस मिला। लेकिन इसके अगले दिन बटर गर्ल ने कहा - दाल में ज़रूर कुछ काला है। लोगों ने नोटिस ज़रूर दिए लेकिन एक भी केस आज तक कोर्ट में फाइल नहीं हुआ। कंपनी के लोगों को भी नहीं पता होता था कि कल बटर गर्ल किस पर कमेंट करेगी। ये बटर गर्ल हमारी पहचान है।’ अमूल के रुपिंदर सिंह सोढ़ी पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। वे इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन के कार्यक्रम रेंदेवू सीईओ मीट में बतौर स्पीकर आए थे। शेष | पेज 8 पर





अमूल के बारे में उन्होंने बताया - ये सिर्फ एक ब्रैंड नहीं बल्कि उदाहरण है कि गांव के छोटे-छोटे किसान भी मिलकर 45 हज़ार करोड़ की कंपनी चला सकते हैं। हमारी कंपनी के पूरे मालिक गुजरात के 36 लाख परिवार हैं। मिल्क प्रोडक्शन में एमपी की स्थिति कई राज्यों से बेहतर है। दूध उत्पादन में तीसरे नंबर पर है मध्यप्रदेश।

अमूल ने देश का विश्वास जीता है। इसे बनाए रखने के लिए हम चार स्तर पर क्वालिटी चेक करते हैं। सबसे पहले गुजरात में बने 18 हज़ार कलेक्शन सेंटर्स पर किसानों से दूध लेते समय। ट्रांसपोर्टेशन के बाद प्लांट में आने के बाद टैंकरों में मिलावट जांची जाती है। इस स्तर पर यदि गड़बड़ हो तो हम दूध में लाल रंग डाल देते हैं ताकि उसका उपयोग और कहीं ना हो जाए। इसके बाद प्रोडक्ट की पैकेजिंग से पहले और बाद में भी चेकिंग की जाती है।

रुपिंदर सिहं सोढी

धोखाधड़ी से बचना हो तो प्रोडक्ट का नाम नहीं इनग्रेडिएंट्स देखें

डेयरी इंडस्ट्री में असली प्रोडक्ट की जगह सस्ते उत्पादों को एनालॉग प्रोडक्ट्स कहा जाता है और ये पुराने समय से होता आ रहा है। आज सबसे कॉमन एनालॉग प्रोडक्ट्स हैं मार्जरीन और खोआ। मार्जरीन का उपयोग चीज़ की जगह हो रहा है। चीज़, दूध से बनता है जबकि मार्जरीन मिल्क पाउडर सहित दूसरी चीज़ों से बना रहे हैं। खोआ भी वेजीटेबल ऑइल से बन रहा है। इस तरह की धोखाधड़ी से बचना हो तो प्रोडक्ट का नाम नहीं उनके इनग्रेडिएंट्स भी देखें।



घी में ऐसी ही धोखाधड़ी लोगों के साथ की जा रही है। घी की जनरल क्वालिटी आरएम में चेक होती है जो 40 से 42 होनी चाहिए। लेकिन इन दिनों देशभर में नकली घी की काफी शिकायतें आ रही हैं। वे लोग वेजिटेबल ऑइल में फ्लेवर और पांच फीसदी देसी घी मिलाकर घी तैयार कर रहे हैं। सरकारी लैब में भी आप इसे चेक करवाएंगे तो उसकी आरएम वैल्यू सही आएगी। घी को एडवांस लेवल पर चेक करने के लिए जीसी मशीन आती है जिसमें इंफ्रारेड से चेकिंग होती है। ये गड़बड़ी भी पकड़ में आ जाती है।

X
Indore News - mp news for 50 years the butter girl who has been cheating on world celebrities got only 10 complaints and a notice of defamation in 5 decades
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना