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सुबह सफाई करने पहुंचे कर्मचारी तो फूल देकर किया सम्मान, क्योंकि नं. 1 के ये भी असली हीरो

3 वर्ष पहले
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सफाई में शहर को नंबर 1 की हैट्रिक लगवाने में अहम भूमिका निभाने वाले सफाईकर्मियों का गुरुवार को सम्मान किया गया। कई कॉलोनियों में लोगों ने सुबह सफाई के लिए पहुंचे सफाईकर्मियों को हाथों में फूल थमाए तो कई जगह मिठाई और हार-फूल के साथ सम्मान किया। वार्ड 71 के लोगों ने कचरा संग्रहण के लिए आने वाली गाड़ी के ड्राइवर और क्लीनर को गुलाब का फूल और मिठाई देकर सम्मानित किया। यहां शुरुआत शोभना मूंदड़ा व गोविंदा मूंदड़ा ने की। इसके बाद आसपास की कॉलोनियों में भी यह सिलसिला चला। छावनी के पारसी मोहल्ला में रोजाना सफाई के लिए आने वाली महिला सफाई कर्मी को दिनेश पांडेय के परिवार ने साड़ी दी। छावनी में अशोक गोधा ने हाथ घड़ी देकर आभार जताया। सफाईकर्मी राजेश कहते हैं दूसरी बार नंबर वन आने के बाद लोगों की सोच और व्यवहार में भी अंतर आया था लेकिन अब जो प्यार मिल रहा है, वह वाकई खुशी दे रहा है।

सफाई की हैट्रिक के बाद इंदौर शहर फेसबुक, वाट्सएप सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी छाया रहा। पुणे में जॉब कर रही इंदौर की नवनीत टूटेजा ने लिखा यह मेरे लिए गर्व की बात है। आज बहुत खुश हूं, कंपनी के सारे लोगों ने बधाई दी और कहा कि तुम्हारा इंदौर छा गया। शादी के बाद जयपुर में रह रहीं इंदौर की भारती ने लिखा कि आज तो ससुराल वालों ने मेरे शहर की तारीफ की। दिल खुश हो गया। वडोदरा में जॉब कर रहे इंदौर के अनिल पालीवाल ने वाट्सएप पर स्टेटस लगाकर लिखा कि जब चार साल पहले यहां आया था तो कंपनी के लोग चिढ़ाते थे कि पान-गुटखा थूकने वाले शहर का साथी। लेकिन स्वच्छता की हैट्रिक के बाद इंदौर के बारे में उन्हीं लोगों के मुंह से तारीफ सुनकर बहुत अच्छा लग रहा है।

एनआरआई ने फोन पर दी शुभकामनाएं

नंबर 1 का जश्न विदेश में रह रहे भारतीयों ने भी मनाया। यूएस में रहने वाली अपर्णा (इंदौर में अजय बाग कॉलोनी निवासी) का कहना है कि जैसे ही सोशल मीडिया पर पता चला तो सबसे पहले मम्मी और पापा को फोन कर बधाई दी। फिर यहां इंदौर के ही रहने वाले कुछ अन्य एनआरआई के साथ जश्न मनाया।

कल तक निगम के कर्मी, अब घर के सदस्य जैसे, एक दिन न दिखे तो मन बेचैन हो जाए
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एसएस इनफिनिटीज टाउनशिप में गुरुवार सुबह कचरा वाहन के ड्राइवर को फूल देकर सम्मानित किया। मिठाई खिलाई।

93% स्कोर : कचरा निपटान के बाद के कामों ने बनाया नं.1
हमने घर-घर से कचरा उठाने के अलावा उसे अलग-अलग लेने का काम तो पहले ही कर लिया था। कचरा पेटियां भी पहले ही हटा दी थीं। इसके बाद जो प्रयोग इंदौर ने जनता के साथ किए, वही हमारे लिए तीसरी बार भी दावेदारी का प्रमुख कारण बने। सर्विस लेवल प्रोग्रेस में हमें 1250 में से 1239 अंक मिले। दस्तावेज और प्रमाण पत्रों में हमें 1250 में से 1050 अंक मिले। टीम ने जो निरीक्षण किया, उसमें भी हमें 1250 में से 1241 अंक मिले। इससे साफ है इंदौर में जमीनी काम हुआ और जो दावे हमने किए थे, वे टीम को भी नजर आए, इसलिए इसमें भी सिर्फ 9 अंक ही कटे। जनता के फीडबैक में हमें 1250 में से 1129 अंक मिले। इसमें 121 अंक कम मिले, फिर भी नंबर-2 पर रहे अंबिकापुर से हमारे 265 अंक ज्यादा हैं। हमारा कुल स्कोर 93% रहा।

इंदौर 7 स्टार के लायक, उसी की तैयारी करें : सचिव, शहरी विकास मंत्रालय
इंदौर ने मुझे भी चौंकाया है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की बात करूं तो इंदौर ने काफी अनोखे काम किए हैं। गार्बेज फ्री सिटी होने के कारण इंदौर 5 स्टार हो गया। मैं बता दूं कि हमारी ऑल इंडिया रैंकिंग में तीन शहर आए हैं- पहला इंदौर, दूसरा अंबिकापुर और तीसरा मैसूर। एक समय जिस ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरे का ढेर था, आज उसे हरा-भरा करने पर काम हो रहा है। घर-घर में कचरे से खाद बना रहे हैं आपके यहां के लोग। मुझे यूनाइटेड नेशन के साथ थ्री-आर इवेंट करना था। सोचा देश के सबसे स्वच्छ शहर में क्यों न किया जाए? मेरे साथ जापान के मंत्री भी आए थे। उन्होंने भी कहा था कि हमने भी इंडिया में कहीं और इतनी सफाई नहीं देखी। मेरा मानना है इंदौर को 7 स्टार रेटिंग पर काम करना चाहिए और यह इंदौर ही कर सकता है। आज दुनिया के लोग इंदौर को जानने लगे हैं। बस चुनौती यह है कि इंदौर इसे कैसे मेंटेन करता है और आगे बढ़ाता है। हमारे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी इंदौर शामिल है। इसलिए इंदौर को अब ज्यादा से ज्यादा स्मार्ट शहर बनाएं। मेरी शुभकामनाएं।

दुर्गा शंकर मिश्रा

1100 नाले कान्ह व सरस्वती नदी में मिलने से रोकेंगे
स्वच्छता में नंबर 1 की हैट्रिक के बाद अब नया टारगेट

स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार तीसरी बार नंबर वन आने के बाद निगम ने अब अगला टारगेट तय किया है। निगम इसी साल नवंबर अंत तक शहर की दोनों प्रमुख नदियों सरस्वती और कान्ह को सौ फीसदी शुद्ध करेगा। तय किया गया है कि इन नदियों में मिलने वाले शहरभर में 1100 से ज्यादा छोटे-बड़े नालों को रोका जाएगा। यानी उनका पानी इन नदियों में न मिले इस पर तेजी से काम होगा। हालांकि यह काम पहले से चल रहा है लेकिन निगम अब इसे स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर पूरा करेगा। गुरुवार को इसे लेकर निगम की अहम बैठक हुई। निगम आयुक्त आशीष सिंह, अधीक्षण यंत्री अशोक राठौर और सभी जेडओ की मौजूदगी में हुई बैठक में तमाम आला अफसर मौजूद थे। राठौर को इस काम की मॉनिटरिंग का जिम्मा सौंपा गया है। दोपहर में ही उन्होंने कुछ हिस्सों में निरीक्षण भी किया। यह भी तय किया कि अगले सप्ताह रिव्यू बैठक होगी, जिसमें सभी को यह बताना होगा कि क्या-क्या काम पूरा किया। हर हाल में इस साल के अंत तक यह काम सौ फीसदी पूरा किया जाना है।

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