पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

एस्मा के बावजूद डॉक्टरों ने किया विरोध प्रदर्शन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 68 डॉक्टर रहे गैर हाजिर

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • सातवां वेतनमान 2016 से देने सहित अन्य 13 सूत्रीय मांगों को लेकर डॉक्टरों ने भोपाल में महारैली निकाली
  • 13 मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर हुए शामिल, गैरहाजिर डॉक्टरों की सूची प्रशासन को भेजी गई
Advertisement
Advertisement

इंदाैर. सातवां वेतनमान 2016 से देने सहित अन्य 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के सभी 13 मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मंगलवार को भोपाल में महारैली निकाली। सैकड़ों की संख्या में डॉक्टरों ने इकबाल मैदान से मुख्यमंत्री निवास तक रैली निकाली। सरकार ने इस आंदोलन के एक दिन पूर्व सोमवार को एस्मा लगा दिया था और डॉक्टरों के अवकाश को निरस्त कर दिया था। बावजूद इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से 68 डॉक्टर्स इसमें शामिल हुए। दोपहर में इन डॉक्टरों की जानकारी कॉलेज प्रशासन ने संचालनालय भिजवा दी। 
 

ये भी पढ़ें
कैब ड्राइवर की कार का पहिया बदलवा रहे डॉक्टर को बस ने कुचला, मौत
कार्यक्रम की प्रारंभिक रूपरेखा के तहत दो हजार से अधिक डॉक्टर भोपाल पहुंचने वाले थे लेकिन सरकार ने एन मौके पर एस्मा लागू कर दिया था। बावजूद इमरजेंसी और यूनिट वाले डॉक्टरों को छोड़कर डॉक्टर भोपाल पहुंचे। सर्जरी, हड्डी , स्त्री एवं प्रसूति रोग सहित सभी विभागों से 68 डॉक्टर्स गैर हाजिर रहे। सबसे ज्यादा सर्जरी विभाग के 20 डॉक्टरों अनुपस्थित रहे और रैली में विरोध के स्वर मुखर किए। स्त्री रोग विभाग, फोरेंसिक और हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों की संख्या ज्यादा थी। आश्चर्य जनक रूप से नॉन क्लिनिकल विभागों से उपस्थिति बेहद कम थी। दोपहर में ही एमजीएम मेडिकल काॅलेज प्रशासन गैरहाजिर डॉक्टरों की जानकारी भेज दी है।
 

कार्रवाई का फैसला शासन स्तर
डीन डाॅ. ज्योति बिंदल ने बताया कि हमने राज्य शासन काे अटेंडेंस भिजवा दी है। एस्मा के तहत कार्रवाई का फैसला शासन स्तर पर ही होना है। दोपहर में भोपाल के इकबाल मैदान से मुख्यमंत्री निवास तक महारैली निकाली गई। प्रदेश के 13 मेडिकल काॅलेज के करीब हजार से ज्यादा डॉक्टर्स भाेपाल पहुंचे। डॉक्टर्स का कहना है कि हमने किसी भी प्रकार से मरीज को असुविधा नहीं होने दी है। यूनिट इंचार्ज मौजूद थे। उनका यह भी दावा है कि ऑपरेशन नहीं टले जबकि ज्यादातर सीनियर डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि मंगलवार रात को ही राज्य शासन ने सभी संभागायुक्तों को पत्र लिखकर एस्मा के तहत डॉक्टरों के अवकाश निरस्त करने के आदेश दे दिए थे। 
 

वचन पत्र में हमारी मांगाें पर सहमति थी
मप्र मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डाॅ. पूनम माथुर ने बताया कि सरकार के वचन पत्र में हमारी इन मांगाें के बारे में सहमति दी गई थी लेकिन सरकार अपनी बात से मुकर रही हैं। जब उनके मैनिफेस्टो में इन मांगों को रखा गया था तब अब क्यों पीछे हट रहे हैं। हमें सातवां वेतनमान भी 2016 से मिलना चाहिए लेकिन हमें 2018 से दिया जा रहा है। अन्य विभागों की तुलना में भेदभाव किया जा रहा है। नाॅन क्लिनिकल डॉक्टरों काे मिलने वाला एनपीए वापस ले लिया गया है। सातवें वेतनमान में सहायक प्राध्यापकों काे आठ साल बाद मिलने वाला सह प्राध्यापक का वेतन समाप्त कर दिया गया है। हमारी 13 सूत्रीय मांगाें पर काेई विचार नहीं किया गया है।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव - आज आप अपनी रोजमर्रा की व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय सुकून और मौजमस्ती के लिए भी निकालेंगे। मित्रों व रिश्तेदारों के साथ समय व्यतीत होगा। घर की साज-सज्जा संबंधी कार्यों में भी समय व्यतीत हो...

और पढ़ें

Advertisement