मुंबई के कपड़ा उद्योगपति ने अपनी सुपारी मुझ पर ट्रांसफर कर दी : बाहेती

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:45 AM IST
Indore News - mp news mumbai39s textile industrialist transferred his supari to me baheti

भास्कर संवाददाता | इंदौर

उद्योगपति डॉ. रमेश बाहेती को मुंबई के गैंगस्टर्स से मिली धमकी के मामले में उन्होंने कहा कि यह धमकी उनसे पारिवारिक रूप से जुड़े मुंबई के कपड़ा कारोबारी प्रशांत अग्रवाल ने ट्रांसफर करवाई थी। प्रशांत ने उन्हें कॉल कर इसे स्वीकार भी किया। डॉ. बाहेती से उनके 15 वर्षों से पारिवारिक संबंध थे।

सबूताें के अाधार पर केस में बढ़ाएंगे अाराेपियाें के नाम

इधर, एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने कहा है कि क्राइम ब्रांच की टीम गिरफ्तार आरोपी सूरज सेन से मिली जानकारी के आधार पर गैंगस्टर से जुड़े प्रथमेश परब, चिराग जोशी व जगदीश पटेल की भूमिका को भी तलाश रही है। सबूतों के आधार पर आरोपी के नाम बढ़ाए जाएंगे। टीम मुंबई भेजी है।

प्रशांत अग्रवाल जिस पर डॉक्टर बाहेती ने आरोप लगाया।

कंपनी खरीदी का पैमेंट नहीं दे सके प्रशांत ताे गैंगस्टर्स को मेरी जानकारी देकर बोले- मुझसे कर लें वसूली

डॉ. रमेश बाहेती, उद्योगपति

प्र शांत अग्रवाल मुंबई के कपड़ा कारोबारी हैं। मुंबई से 120 किमी दूर तारापुरा में उनकी फैक्टरी है। प्रशांत ने अमेरिका की एक कंपनी से संपर्क कर कुछ समय पहले पीथमपुर में आईआईएम के पास मेरी एसटीआई इंडिया लिमिटेड कंपनी 70 रुपए करोड़ में खरीदी थी। इस दौरान कंपनी के सभी दायित्व प्रशांत को वहन करना थे। मैं प्रशांत की तारापुरा वाली फैक्टरी में कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका हूं। प्रशांत कंपनी के कर्मचारियों को समय पर न वेतन दे रहे थे और न उनके पीएफ, टीडीएस की राशि जमा कर रहे थे। इसे अपने सिद्धांतों के खिलाफ मानकर मैंने 31 मार्च 2018 को इस्तीफा दे दिया था। कंपनी छोड़ने के दौरान हमारे रिश्तों में खटास नहीं थी। प्रशांत मुझसे हर 15-20 दिन में बात करते थे। मेरी कंपनी लेने के बाद भी प्रशांत कंपनी संचालन में मुझसे सलाह-मशविरा करते थे। प्रशांत ने अहमदाबाद के कॉटन सप्लायर जगदीश पटेल की कंपनी भी खरीदी थी, लेकिन वे कंपनी के दायित्वों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। पैमेंट नहीं मिलने पर जगदीश ने वसूली के लिए मुंबई के गैंगस्टर्स से संपर्क किया। इसमें मध्यस्थता मुंबई के चिराग जोशी ने की और एक महीने तक प्रशांत को धमकाया। परेशान होकर प्रशांत ने चिराग से संपर्क कर मेरी जानकारी बदमाशों को दे दी अाैर कहा कि उसके बकाए रुपए मुझसे वसूल कर लाे। उसने मेरे माेबाइल नंबर अाैर बेटियों की जानकारी भी उन्हें दी। इसके बाद डेढ़ महीने से गैंगस्टर्स मुझे परेशान कर रहे हैं। मैं धमकियाें काे नजरअंदाज कर रहा था। जब बदमाशों ने लंदन, सिंगापुर, बेंगलुरू में रहने वाली मेरी बेटियों को लेकर 16 जून को धमकीभरा मैसेज भेजा तो मैं घबरा गया। मैंने एडीजी वरुण कपूर से शिकायत की। एडीजी ने क्राइम ब्रांच को मेरा केस दिया। 100 घंटे में एक आरोपी सूरज सेन गिरफ्तार भी हाे गया। उसने भी चिराग का नाम कबूला। फिर अपना नाम सामने आने पर प्रशांत ने 12 जुलाई को मुझे माेबाइल पर काॅल कर एक घंटे बात की। उसने कबूला कि अहमदाबाद की पार्टी का पेमेंट नहीं करने पर चिराग जोशी गैंगस्टर्स के माध्यम से उसे धमका रहा था। माली हालत ठीक नहीं होने पर प्रशांत ने उसकी सुपारी मुझ पर ट्रांसफर करवा दी।

प्र शांत अग्रवाल मुंबई के कपड़ा कारोबारी हैं। मुंबई से 120 किमी दूर तारापुरा में उनकी फैक्टरी है। प्रशांत ने अमेरिका की एक कंपनी से संपर्क कर कुछ समय पहले पीथमपुर में आईआईएम के पास मेरी एसटीआई इंडिया लिमिटेड कंपनी 70 रुपए करोड़ में खरीदी थी। इस दौरान कंपनी के सभी दायित्व प्रशांत को वहन करना थे। मैं प्रशांत की तारापुरा वाली फैक्टरी में कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका हूं। प्रशांत कंपनी के कर्मचारियों को समय पर न वेतन दे रहे थे और न उनके पीएफ, टीडीएस की राशि जमा कर रहे थे। इसे अपने सिद्धांतों के खिलाफ मानकर मैंने 31 मार्च 2018 को इस्तीफा दे दिया था। कंपनी छोड़ने के दौरान हमारे रिश्तों में खटास नहीं थी। प्रशांत मुझसे हर 15-20 दिन में बात करते थे। मेरी कंपनी लेने के बाद भी प्रशांत कंपनी संचालन में मुझसे सलाह-मशविरा करते थे। प्रशांत ने अहमदाबाद के कॉटन सप्लायर जगदीश पटेल की कंपनी भी खरीदी थी, लेकिन वे कंपनी के दायित्वों को पूरा नहीं कर पा रहे थे। पैमेंट नहीं मिलने पर जगदीश ने वसूली के लिए मुंबई के गैंगस्टर्स से संपर्क किया। इसमें मध्यस्थता मुंबई के चिराग जोशी ने की और एक महीने तक प्रशांत को धमकाया। परेशान होकर प्रशांत ने चिराग से संपर्क कर मेरी जानकारी बदमाशों को दे दी अाैर कहा कि उसके बकाए रुपए मुझसे वसूल कर लाे। उसने मेरे माेबाइल नंबर अाैर बेटियों की जानकारी भी उन्हें दी। इसके बाद डेढ़ महीने से गैंगस्टर्स मुझे परेशान कर रहे हैं। मैं धमकियाें काे नजरअंदाज कर रहा था। जब बदमाशों ने लंदन, सिंगापुर, बेंगलुरू में रहने वाली मेरी बेटियों को लेकर 16 जून को धमकीभरा मैसेज भेजा तो मैं घबरा गया। मैंने एडीजी वरुण कपूर से शिकायत की। एडीजी ने क्राइम ब्रांच को मेरा केस दिया। 100 घंटे में एक आरोपी सूरज सेन गिरफ्तार भी हाे गया। उसने भी चिराग का नाम कबूला। फिर अपना नाम सामने आने पर प्रशांत ने 12 जुलाई को मुझे माेबाइल पर काॅल कर एक घंटे बात की। उसने कबूला कि अहमदाबाद की पार्टी का पेमेंट नहीं करने पर चिराग जोशी गैंगस्टर्स के माध्यम से उसे धमका रहा था। माली हालत ठीक नहीं होने पर प्रशांत ने उसकी सुपारी मुझ पर ट्रांसफर करवा दी।

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