मप्र / महेश्वर में नर्मदा खतरे के निशान से 1 फीट नीचे, उज्जैन में 3 दिन पहले नाले में बहे युवक का शव मिला



उज्जैन में घाट स्थित मंदिर डूब गए हैं। उज्जैन में घाट स्थित मंदिर डूब गए हैं।
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar
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उज्जैन में घाट स्थित मंदिर डूब गए हैं।उज्जैन में घाट स्थित मंदिर डूब गए हैं।
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar
Narmada is flowing one foot below the danger mark in Maheshwar

  • मंदसौर में दिनभर में एक इंच से ज्यादा, अब तक 60.2, रतलाम में 48.42 इंच बारिश
  • इंदौर, उज्जैन संभाग में भारी बारिश की संभावना, 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 05:25 PM IST

इंदौर. प्रदेश में हो रही लगतार बारिश से सभी छोटे-बड़े नदी नाले उफान पर हैं। महेश्वर में जहां नर्मदा खतरे के निशान से एक फीट नीचे बह रही है, वहीं उज्जैन में शिप्रा के उफान पर होने से घाट किनारे मौजूद सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं। वहीं, नागदा में लगातार बारिश के बाद चंबल नदी में मौजूद मंदिर डूब गया। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

 

उज्जैन में दो गेट खोले : मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में यही हालत बने रहेंगे। 13 जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया। इसमें इंदौर, धार, देवास के अलावा कई और जिले शामिल हैं। इंदौर और आसपास हो रही बारिश के कारण यशवंत सागर के गेट खोल दिए गए हैं। उज्जैन में गंभीर डैम के ओवरफ्लो होने से गेट नं. 2 और 3 को एक-एक मीटर खोला गया है।

 

तीन दिन पहले बहे युवक का शव मिला

उज्जैन के तराना के ग्राम बेलरी की टिलर नदी में बहे 35 वर्षीय युवक सुनील धाकड़ का शव बुधवार को बचाव दल ने नदी से निकाला। सुबह करीब 10 बजे रेस्क्यू दल ने सर्च अभियान शुरू किया और 2 घंटे की मशक्कत के बाद नदी में घटनास्थल से दो किमी दूर युवक का शव मिला। पुलिस से पीएम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया, जहां शाम को उसका पीएम किया गया। युवक सोमवार रात पिता को खाना देकर घर लौट रहा था, जहां नदी पार करते समय वह तेज बहाव में बह गया था।

 

ओंकारेश्वर में नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

 

ओंकारेश्वर बांध से छोड़ रहे 23 हजार 200 क्यूमेक्स पानी
खंडवा में 9 घंटे में 4.6 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि महेश्वर में नर्मदा खतरे के निशान से 1 फीट नीचे बह रही है। ओंकारेश्वर बांध से मंगलवार को 23 हजार 200 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया। यह सोमवार के मुकाबले करीब 7 हजार क्यूमेक्स ज्यादा रहा। इससे नर्मदा का जलस्तर बढ़कर 166 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर है। इस वजह से मोरटक्का पुल को तीसरे दिन भी बंद रहा।  

 

48 साल में करीब 10 बार पुल से ऊपर बही नर्मदा
वर्ष 2014 से अब तक 5 साल में यह पहला मौका है। जब नर्मदा का जल स्तर अधिक होने पर पुल बंद किया हो। इसके पहले वर्ष 2013 में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण आवागमन बंद किया था। उस दौरान नर्मदा का सर्वाधिक जल स्तर 171.100 दर्ज किया। पुल से पानी अधिक लेकिन केंद्रीय जल आयोग में दर्ज आंकड़ों को देखे तो पता चलेगा कि वर्ष 1971 से 2019 तक 48 साल में करीब 23 बार नर्मदा का जल स्तर मोरटक्का पुल के चिह्नित खतरे के निशान 165 मीटर पर या उससे अधिक पहुंच गया हो।

 

बारिश के चलते नर्मदा ने लिया विकराल रूप।

 

अब तक मंदसौर में 60.2 जबकि रतलाम में 48.42 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। गांधीसागर के 3 बड़े व 7 छोटे गेट खुले रखे गए। इनसे करीब 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने इंदौर, उज्जैन संभाग में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, यानी इस दौरान भारी बारिश के आसार हैं। 

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