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सुसाइड केस / अब भय्यू महाराज के ड्राइवर का पत्र, लिखा- डॉ. आयुषी सहित कई लोग शक के घेरे में



फाइल फोटो फाइल फोटो
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  • ड्राइवर ने पीएम से लेकर मुख्य सचिव, कलेक्टर सहित कई अफसरों को भेजा पत्र
  • ट्रस्टियों-आयुषी में बढ़ सकता है विवाद, वे भी कर सकती हैं ट्रस्ट संभालने का दावा

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 03:25 AM IST

इंदौर. भय्यू महाराज की मौत के मामले में जहां सीबीआई जांच की मांग उठ रही है, वहीं सद्गुरु ट्रस्ट में उनकी पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख के ट्रस्टी बनाए जाने के प्रस्ताव पर सवाल उठने लगे हैं। भय्यू महाराज के ड्राइवर कैलाश पाटिल ने इस संबंध में मुख्य सचिव, कलेक्टर, एसडीएम के साथ ही प्रधानमंत्री व अन्य जगह भी पत्र भेजे हैं।

 

पाटिल ने पत्र में लिखा है कि डॉ. आयुषी खुद ही संशय में हैं और आरोपित हैं, इसलिए उन्हें ट्रस्टी नहीं बनाया जाना चाहिए। भास्कर से चर्चा में पाटिल ने पत्र लिखे जाने की पुष्टि करते हुए कहा मामले की अभी जांच चल रही है। ऐसे में ट्रस्ट में किसी भी तरह का बदलाव उचित नहीं होगा।

 

पाटिल ने विनायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि महाराज की सारी संपत्ति का हिसाब वही रखता था। कम से कम पांच से सात करोड़ रुपए लेकर वह भागा होगा। डॉ. आयुषी को ट्रस्टी बनाने का प्रस्ताव गलत प्रक्रिया से आया है। मैं भी संस्था का आजीवन सदस्य हूं। कायदे से आजीवन सदस्यों की सभा होती है और इसमें प्रस्ताव लाकर मंजूरी ली जाती है कि किसे ट्रस्टी बनाना है, लेकिन किसी से भी मंजूरी नहीं ली गई।

 

 

भय्यू महाराज की पत्नी आयुषी के करीबियों की मानें तो जल्द ही आयुषी पूरी तरह ट्रस्ट संभालने पर विचार कर सकती हैं। सूत्रों की मानें तो आयुषी को पता है कि कुछ लोग जानबूझकर ट्रस्ट को विवादित बनाना चाहते हैं? कुछ खुलकर सामने आ चुके हैं तो कुछ पर्दे के पीछे की भूमिका में हैं? बावजूद आयुषी पारिवारिक स्थिति काे संभालने के बाद ही ट्रस्ट से जुड़ेंगी, यह जानकारी भी सामने आ रही है। इसमें भय्यू महाराज की मां और बेटियों की जिम्मेदारी अहम है। सूत्रों का कहना है एक-दो माह आयुषी निर्णय करेंगी। फिलहाल वे पुलिस रिपोर्ट, ट्रस्टियों की कवायद को सिर्फ देख रही हैं? 
 

कुछ ट्रस्टी अभी विरोध में, नहीं चाहते कमान फिर हाथ से चली जाए? 
महाराज के जाने के बाद कुछ सदस्य चाहते हैं कि श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट की कमान फिर से न चली जाए। वहीं कुछ लोग इसे महाराज की मौत को संदेहास्पद बनाकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। हालांकि अभी पुलिस भी केस को पूरी तरह स्पष्ट नहीं कर पाई है। जांच के बाद ही यह क्लियर होगी। कुछ सदस्यों को डर यह भी है कि यदि आयुषी पूरी तरह कमान संभालती है तो ट्रस्ट के कई समीकरण बदल जाएंगे।

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