मुनाफाखोरी / 2019 में नीट यूजी-पीजी से एनटीए को मिले 245 करोड़, खर्च 70 करोड़ रुपए भी नहीं

नीट-यूजी के लिए आवेदन शुल्क के रूप में वर्ष 2019 में एनटीए को 193 करोड़ मिले। नीट-यूजी के लिए आवेदन शुल्क के रूप में वर्ष 2019 में एनटीए को 193 करोड़ मिले।
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नीट-यूजी के लिए आवेदन शुल्क के रूप में वर्ष 2019 में एनटीए को 193 करोड़ मिले।नीट-यूजी के लिए आवेदन शुल्क के रूप में वर्ष 2019 में एनटीए को 193 करोड़ मिले।

  • छात्र बोले- परीक्षा खर्च से तीन से चार गुना ज्यादा वसूली कर रही एजेंसी
  • नीट पीजी के लिए 3750 तो यूजी का आवेदन शुल्क 1400 रुपए लिया जा रहा

दैनिक भास्कर

Jan 06, 2020, 03:26 AM IST

 सुनील सिंह बघेल | इंदौर . मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) खुद को प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन होने का दावा करती है, लेकिन इसने अकेले 2019 में नीट पीजी और यूजी के आवेदन शुल्क के रूप में छात्रों से 245 करोड़ रुपए वसूले हैं, जबकि दोनों परीक्षाओं के आयोजन का सालाना खर्च 60-65 करोड़ भी नहीं है। एजेंसी की मुनाफाखोरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2 साल में ही 25 हजार पीजी सीटों की प्रवेश परीक्षा शुल्क के नाम पर एजेंसी को 100 करोड़ रुपए मिले, जबकि परीक्षा आयोजन का खर्च 10 करोड़ भी नहीं है। वहीं नीट यूजी के नाम पर 193 करोड़ की वसूली इससे अलग है। इसके बावजूद एजेंसी जहां यूजी के लिए 1400 तो नीट-पीजी के लिए 3750 का शुल्क वसूल रही है।


पहले नीट परीक्षा का आयोजन सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) कराता था। बाद में मानव संसाधन विकास विभाग ने इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाई। फिलहाल, नीट पीजी आवेदन के लिए छात्रों से 3750 रुपए वसूले जा रहे हैं। सालाना लगभग एक से सवा लाख छात्र नीट-पीजी परीक्षा देते हैं। 2018 में एजेंसी को आवेदन शुल्क से 48 करोड़ तो 2019 में 53 करोड़ से ज्यादा मिले। 


नीट परीक्षा एजेंसी की इस अनैतिक वसूली को उजागर करने वाले रीवा के विवेक पांडे कहते हैं कि परीक्षा खर्च से 3-4 गुना ज्यादा वसूली की जा रही है। केंद्र सरकार को अपने अधीन आने वाली इस एजेंसी की मुनाफाखोरी पर रोक लगानी चाहिए। यदि आवेदन शुल्क 5-6 सौ भी कर दिया जाए तो भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का पूरा खर्च निकल सकता है। गौरतलब है चयनित छात्रों से काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन के नाम पर लिए जाने वाला 1000 का शुल्क इससे अलग है, जबकि खर्च इसका आधा भी नहीं है।

नीट यूजी से 135 करोड़ कमाए
नीट-यूजी के लिए आवेदन शुल्क के रूप में वर्ष 2019 में एनटीए को 193 करोड़ मिले। इस वर्ष एजेंसी ने परीक्षा पर हुए खर्च को बताने से मना कर दिया है, लेकिन एनटीए से पहले परीक्षा एजेंसी रही सीबीएसई, एक आरटीआई के जवाब में 2017 में 12 लाख छात्रों के लिए लगभग 40 करोड़ रुपए खर्च होना बता चुकी है। सन् 2019 में लगभग 2 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी। यदि इन 2 वर्षों में परीक्षा आयोजन पर हुआ खर्च 50 फीसदी बढ़ा हुआ मान लिया जाए तो भी यह 55-60 करोड़ के बीच ही आता है, यानी एनटीए ने इस वर्ष अकेले नीट-यूजी से ही लगभग 135 करोड़ की कमाई की है।

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