उज्जैन / आठ दिन पहले सूखी थी शिप्रा, अफसरों ने जिम्मेदारी समझी तो बदल गई तस्वीर



officers assumed responsibility, changed the Shipra  picture
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officers assumed responsibility, changed the Shipra  picture

  • मकर संक्रांति पर सिंहस्थ जैसी रौनक 
  • शनिश्चरी अमावस्या पर शिप्रा में पर्याप्त पानी नहीं था

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:29 AM IST

उज्जैन . 5 जनवरी को शनिश्चरी अमावस्या पर शिप्रा में पर्याप्त पानी नहीं था। श्रद्धालुओं को कीचड़ मिले पानी में स्नान करना पड़ा। इस लापरवाही का खामियाजा संभागायुक्त और कलेक्टर को भुगतना पड़ा था। नए अफसरों ने इस सख्ती से सबक लेते हुए आठ दिन में शिप्रा और घाटों की तस्वीर बदल दी।

 

यहां मकर संक्रांति का स्नान 15 जनवरी को है, लेकिन इससे पहले ही रविवार को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गईं। यहां नदी में साफ और पर्याप्त पानी, फव्वारे, लाइटिंग, साफ-सफाई ने ढाई साल पहले हुए सिंहस्थ-2016 की याद ताजा कर दी।  

 

यह थी 5 जनवरी की तस्वीर 

 

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त्रिवेणी घाट पर श्रद्धालुओं ने कीचड़ के छींटे लगाकर किया था शनिश्चरी स्नान
 

5 जनवरी शनिश्चरी अमावस्या पर शिप्रा नदी सूखी थी। कुछ श्रद्धालुओं ने कीचड़ से सने पानी के शरीर पर छींटे डालकर अमावस स्नान की औपचारिकता पूरी की।

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