इंदौर

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डेढ़ साल से एक कमरे में थी बंद और हाथ-पैरों में बंधी थी ढेर सारी पटिट्यां, पिता ने बताया इसलिए किया ऐसा

घर में बंद रहने से हवा नहीं लगने और गर्मी के कारण हाथ-पैर में हुए फफोले

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 02:07 AM IST
युवती के हाथ में बंधे कपड़े व पॉलीथिन खोलती स्वास्थ्य विभाग की टीम। युवती के हाथ में बंधे कपड़े व पॉलीथिन खोलती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

झाबुआ(इंदौर). शहर की इंदिरा कॉलोनी में एक मानसिक बीमार युवती डेढ़ साल से घर में बंद मिली। उसके हाथ-पैरों में पॉलीथिन और कपड़ों की पटि्टयां बंधी हुई थी। पूरा घर इतना बदबू मार रहा था कि जब मानवाधिकार आयोग से जुड़े पदाधिकारी पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेकर पहुंचे तो अंदर घुसते ही कुछ पुलिसकर्मियों व पदािधकािरयों को उल्टी हो गई। युवती के हाथ-पैरों में बंधी पटि्टयां खोलीं तो फफोले दिखे। इन्हीं में से बदबू आ रही थी। प्राथमिक उपचार के बाद युवती को परिजन के साथ एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज शुरू हुआ।

मानसिक बीमार थी युवती

- मौके पर पहुंचे झकनावदा अस्पताल के डॉ. एमएल चोपड़ा ने बताया पॉलीथिन व कपड़े लंबे समय से बंधे हुए थे।

- कमरा भी बंद था और युवती भी घर में ही बंद रहती थी, हवा नहीं लगने और अत्यधिक गर्मी के कारण फफोले हो गए हैं।

- प्राथमिक इलाज के बाद झाबुआ भेजा है। झाबुआ जिला अस्पताल में देर रात तक इलाज जारी था।

- यहां भी परिवार के लोग युवती को घर में बंद रखने के पीछे उसकी मानसिक स्थिति को ही कारण बताते रहे।

- प्राथमिक रूप से युवती के हाथ-पैरों में कपड़े व पॉलीथिन बांधने का कारण इलाज के नाम पर आजमाए गए अंधविश्वास को माना जा रहा है।

पैसे नहीं होने से इलाज नहीं करवाया

- सूचना मिली थी कि डेढ़ साल से युवती घर में बंद है और घर वाले किसी को अंदर नहीं जाने देते, अंदर से बदबू आ रही है।

- पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को सूचना देकर बुलाया। अंदर गए तो युवती मुंह के बल खाट पर लेटी हुई थी। उसके हाथ और पैरों में पटि्टयां बंधी हुई थी।

- युवती का नाम शीतल बामनिया (20) है, जिसके पिता सलीम पशु चिकित्सा विभाग से ड्रेसर के पद से रिटायर हुए हैं।

- युवती की मां मानसिक रूप से बीमार है और युवती भी। उसके साथ ही युवती एक बहन मरियम भी मानसिक बीमार है।

- सलीम ने बताया इलाज के पैसे नहीं होने से इलाज नहीं करवा पाया। कपड़े बंधे होने के पीछे कारण बताया कि उसकी मां उसे बाहर नहीं निकालने देती है।

युवती को जिला अस्पताल  में भर्ती किया गया। युवती को जिला अस्पताल  में भर्ती किया गया।
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युवती के हाथ में बंधे कपड़े व पॉलीथिन खोलती स्वास्थ्य विभाग की टीम।युवती के हाथ में बंधे कपड़े व पॉलीथिन खोलती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
युवती को जिला अस्पताल  में भर्ती किया गया।युवती को जिला अस्पताल  में भर्ती किया गया।

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