Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Over 30 Lakh Fake Voters In MP, Former Chief Electoral Officer Salina Singh Removed Due To Pressure

फर्जी वोटरों का खुलासा करने वाली वेबसाइट का दावा : मप्र में 30 लाख फर्जी वोटर, पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दबाव के चलते हटाना पड़ा

वेबसाइट का दावा है कि 2008 के मुकाबले 2018 की सूची में 1.5 करोड़ मतदाता बढ़ गए हैं, जिसमें से अधिकांश नाम फर्जी हैं।

पंकज भारती | Last Modified - Jul 12, 2018, 04:49 PM IST

फर्जी वोटरों का खुलासा करने वाली वेबसाइट का दावा : मप्र में 30 लाख फर्जी वोटर, पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दबाव के चलते हटाना पड़ा
  • देपालपुर में 67 हजार, सांवेर में 63 हजार और महू में 47 हजार वोटर फर्जी होने का दावा किया।

इंदौर। मप्र की शिवराज सरकार पर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर डुप्लिकेसी (फर्जी नाम) को लेकर भारी दबाव था। मप्र की पूर्व मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह को यह पता ही नहीं था कि वोटर लिस्ट में डुप्लिकेसी क्या होती है और इसे कैसे दूर किया जा सकता है। मामला उछलने के बाद शिवराज सरकार ने दबाव में आकर सलीना सिंह को सीईओ पद से हटाने की अनुशंसा की थी। मप्र में फर्जी वोटरों का खुलासा करने वाली द पॉलिटिक्स डॉट इन के फाउंडर विकास जैन ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि मप्र की मतदाता सूची में अब भी 30 लाख से अधिक फर्जी वोटरों के नाम शामिल हैं।


- मप्र में मतदाता सूची की गड़बड़ियों को उजागर करने वाली वेबसाइट के सीईओ जैन ने dainikbhaskar.com से कहा कि सलीना सिंह को इस बात का इल्म तक नहीं था कि डुप्लिकेट वोटर क्या होते हैं और डुप्लिकेट वोटर लिस्ट क्या होती है। सीईओ सिंह को हटाने की वजह उनका तीन साल का कार्यकाल पूरा होना बताया गया है, जबकि रुलिंग पार्टी को लग रहा था कि फर्जी वोटर मामले से उसकी छवि खराब हो रही है। मामला सामने आने पर इंदौर कलेक्टर से 2.5 लाख मतदाताओं की वोटर लिस्ट में 75 हजार डुप्लिकेट मतदाता होने की बात चुनाव आयोग तक पहुंचाई गई, जबकि बुधनी में से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। इसे लेकर ही चुनाव आयोग नाराज था। सिंह को हटाने की यह भी एक वजह थी।

सीईओ को अभी हटाया जाना नियम विरुद्ध :जैन के अनुसार 7 मई 2018 को चुनाव आयोग ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा था कि मतदाता सूची में सुधार कार्य स्पेशल समरी रिवीजन के तहत चल रहा है। ऐसे में नियमानुसार जब स्पेशल समरी रिवीजन चल रहा हो तो किसी भी सीईओ को हटाया नहीं जा सकता, लेकिन मप्र में यह नियम विरुद्ध ऐसा किया गया। वहीं स्पेशल समरी रिवीजन के तहत जो भी अपडेशन वोटर लिस्ट में किया गया हो उसे पब्लिश करने का भी नियम है, लेकिन यहां इसे भी लागू नहीं किया गया।


2008 से 2018 तक बढ़ गए 1.5 करोड़ मतदाता :जैन की माने तो साल 2003 में मप्र की मतदाता सूची में जितने नाम शामिल थे, 2008 की सूची में उसमें से 16 लाख नाम कम हो गए। वहीं 2008 के मुकाबले 2018 की सूची में 1.5 करोड़ मतदाता बढ़ गए। यह डुप्लिकेसी के कारण हुआ। यह रुलिंग पार्टी की देन है। सबसे अधिक डुप्लिकेसी ग्रामीण क्षेत्र की मतदाता सूची में है।


आगर में 73 हजार तो आलोट में 66 हजार फर्जी वोटर :आगर विस में 73 हजार तो आलोट में 66 हजार से अधिक फर्जी वोटर्स हैं। वेबसाइट का दावा है कि आगर में 205372 कुल मतदाताओं में से 73197 मतदाता फर्जी हैं। अर्थात यहां इतने मतदाताओं के नाम, रिलेटिव नाम और जेंडर एक समान हैं। इसी प्रकार आलोट में 190439 वोटरों में से 66640 वोटर फर्जी हैं।


मालवा-निमाड़ में संभावित फर्जी वोटर
-विधानसभा : गंधवानी

कुल वोटर: 216024
संभावित फर्जी वोटर : 62216


-विधानसभा :आगर
कुल वोटर: 205372
संभावित फर्जी वोटर : 73197


- विधानसभा : देपालपुर
कुल वोटर: 221851
संभावित फर्जी वोटर : 67202


विधानसभा : सांवेर
कुल वोटर: 232603
संभावित फर्जी वोटर : 63205


विधानसभा : आलोट
कुल वोटर: 190439
संभावित फर्जी वोटर : 66640


विधानसभा : राजपुर (बड़वानी)
कुल वोटर: 214026
संभावित फर्जी वोटर : 64861


विधानसभा : धार
कुल वोटर: 242296
संभावित फर्जी वोटर : 64382


विधानसभा : खरगौन
कुल वोटर: 210675
संभावित फर्जी वोटर : 56553


विधानसभा : कुक्षी
कुल वोटर: 204425
संभावित फर्जी वोटर : 52229


विधानसभा : महू
कुल वोटर: 244097
संभावित फर्जी वोटर : 47369


विधानसभा : झाबुआ
कुल वोटर: 255582
संभावित फर्जी वोटर : 55667


विधानसभा : भीकनगांव
कुल वोटर: 206045
संभावित फर्जी वोटर : 45829

कांग्रेस ने इसी वेबसाइट के दावों को बनाया था मुद्दा :हाल ही में कांग्रेस ने मप्र में 60 लाख फर्जी मतदाताओं की सूची चुनाव आयोग को सौंपी थी। कांग्रेस ने आयोग से जांच कर फर्जी वोटरों के नाम तत्काल हटाए जाने की मांग की थी। कांग्रेस ने जो लिस्ट आयोग को सौंपी थी वह इसी वेबसाइट का खुलासा था। मीडिया के सामने भी कांग्रेस ने वेबसाइट द्वारा जारी दस्तावेजों को प्रस्तुत किया था। कांग्रेस की शिकायत पर दिल्ली से आए चुनाव आयोग के दल ने भोपाल में मतदाता सूची की जांच भी की थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×