• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Indore News
  • News
  • Indore - 15 साल बाद भी चल सकती है यात्री बस, राज्य शासन तय नहीं कर सकता आयु : हाई कोर्ट
--Advertisement--

15 साल बाद भी चल सकती है यात्री बस, राज्य शासन तय नहीं कर सकता आयु : हाई कोर्ट

राज्य शासन द्वारा यात्री बसों की आयु 20 से घटाकर 15 साल करने के आदेश को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने खारिज कर दिया। 15 साल...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:40 AM IST
राज्य शासन द्वारा यात्री बसों की आयु 20 से घटाकर 15 साल करने के आदेश को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने खारिज कर दिया। 15 साल बाद भी बसों के फिट होने पर इनके संचालन की अनुमति देने के साथ शासन के आदेश जारी होने के बाद के वाहनों पर इसे लागू किए जाने की भी बात कही है।

जाहिद खान और प्रकाश सोनी की बस की आयु 15 साल पूरी होने पर विभाग ने नोटिस देकर परमिट निरस्त करने की जानकारी दी, जबकि परमिट की वैधता अवधि बाकी थी। विभाग ने 28 दिसंबर 2015 को शासन के नोटिफिकेशन के आधार पर यह नोटिस जारी किया था, जिसमें मोटर व्हीकल नियम 1994 के नियम 77 (1-ए) के तहत यात्री बस की आयु 20 से घटाकर 15 साल की थी। इसके खिलाफ खान और सोनी की तरफ से सीनियर एडवोकेट सुनील जैन ने याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट ने नोटिफिकेशन में यात्री बस की आयु तय करने के आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट में तर्क दिया था कि नोटिफिकेशन जिस तारीख को जारी हुआ, वह उसके बाद के वाहनों पर ही लागू होना चाहिए। कोर्ट ने इसे भी स्वीकार किया है।

स्कूलों बसों की उम्र 15 साल ही रहेगी- डिविजन बेंच ने सिंगल बेंच का वह फैसला यथावत रखा है, जिसमें स्कूलों बसों की आयु 15 साल ही रखना तय किया था। परिवहन विभाग ने डीपीएस हादसे के बाद स्कूलों बसों की आयु कमर्शियल वाहनों की तरह 15 साल कर दी थी। इसे रिट पिटिशन के रूप में चुनौती दी थी। सिंगल बेंच ने इस याचिका को खारिज कर दिया था। रिट अपील के रूप में यह मामला डिविजन बेंच के समक्ष गया था। मंगलवार को डिविजन बेंच ने अपील खारिज कर दी।