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पीसीसीएफ ने मांगी जानकारी- साल में कितनी बार चोरल के जंगल गए रेंजर, एसडीओ और वन संरक्षक

चोरल में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा होने के बाद भोपाल स्थित वन महकमे के मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है।...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:35 AM IST
चोरल में हजारों पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा होने के बाद भोपाल स्थित वन महकमे के मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इंदौर वन संरक्षक से जानकारी मांगी है कि पिछले एक वर्ष में चोरल रेंज में वन रक्षक, डिप्टी रेंजर, रेंजर, एसडीओ और वन संरक्षक ने कब-कब जंगलों का दौरा किया है। सात दिन के भीतर यह जानकारी भेजना है। यह जानकारी देने से खुलासा हो जाएगा कि अफसर कब-कब जंगल गए थे। यदि जंगल गए थे तो उनको हजारों पेड़ों की अवैध कटाई क्यों नहीं दिखी? वन रक्षकों की हड़ताल के वक्त भी रेंजर, एसडीओ, वन संरक्षक ने जंगल की कमान अपने हाथ ली थी। उस वक्त कटाई की जानकारी अफसरों को क्यों नहीं लगी। पीसीसीएफ एमके सपरा ने चोरल के जंंगलों में कटाई, खुदाई की नई-नई जानकारी सामने आने के बाद यह निर्णय लिया है। इंदौर वन मंडल के अफसरों की दौरा डायरी सामने आते ही यह साफ हो जाएगा कि तीन से छह महीने में वे कब जंगल देखने गए थे। अफसरों ने दौरा डायरी में आशापुरा, बाईग्राम, ओखला, मली, पितांबरा, लोधिया में दौरा करना बताया तो उन्हें फिर बताना होगा कि पेड़ों में घावटी, नालों में लकड़ी की सिल्लियांं पड़ी क्यों नहीं दिखीं?

जंगल उजाड़कर बना दिए खेत

अनुभवी कर्मियों का अनुमान- 50 लाख रुपए का नुकसान

वन कर्मचारी संघ ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। संघ के करीब 25-25 साल अनुभवी कर्मचारी नेताओं ने पीसीसीएफ, सीसीएफ, सीएफ को भेजे पत्र में लिखा है कि चोरल में करीब 50 लाख रुपए की लकड़ी का नुकसान हुआ है। संघ के इस अनुमान का मतलब है कि मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक से भी वसूली और निलंबित होने की कार्रवाई हो सकती है।