ठगी का कॉल सेंटर / वाॅइस मैसेज को सही मानकर जाल में फंस जाते थे अमेरिकी, डेटा भी चुराते थे



police action on Indore's company to cheat online
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police action on Indore's company to cheat online

  • ठगी के लिए डीआईडी व मैजिक जैक एप का इस्तेमाल करते थे 

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 01:50 AM IST

इंदौर. इंदौर में बैठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉल सेंटर का संचालन कर अमेरिका के लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे आरोपियों ने सायबर सेल की पूछताछ में कई अहम जानकारियां उगली हैं। आरोपी इंदौर में बैठकर अमेरिका के लोगों का डेटा चुराने के बाद उन्हें डीआईडी (डायरेक्ट इंटरनेशनल डायलिंग) व मैजिक जैक एप्लिकेशन से कॉल करते थे। उनमें उन्होंने एक ऐसा सॉफ्टवेयर यूज कर रखा था जिससे वे मैसेज को अपने सिस्टम में टाइप करते थे तो वह ब्रॉड कॉस्ट होते ही वॉइस मैसेज में कन्वर्ट हो जाता था। जब वह यूएस के हजारों यूजर के लैंडलाइन फोन या मोबाइल में पहुंचता था तो अमेरिकन लेंग्वेज में एक महिला की आवाज में सुनाई देता था, इसलिए वे उसे सही मानकर विश्वास कर लेते थे और उनके बताए टोल फ्री नंबर ( 8007678409) पर तुरंत कॉल करते थे। 

 

काॅल सेंटर स्थापित करने में मददगार युवक अमेरिका में :

एसपी सिंह ने बताया कि इन कॉल सेंटर का संचालन सरगना जावेद पिता रफीक मेमन (28) निवासी हिल पार्क रेसीडेंसी केनाल रोड (अमहदाबाद), भाविल पिता अमृत भाई (29) निवासी ब्लाइंड स्कूल माउंट आबू (राजस्थान), 3 शाहरुख पिता जिक्कर भाई मेमन(25) निवासी अल मुबारक रेसीडेंसी (अमहदाबाद) द्वारा किया जा रहा था। इन्हें गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। इनके साथ एक और सरगना राहिल भी है जो अभी फरार है। वे अमेरिका में है। राहिल और जावेद को इंदौर में सन्नी चौहान नामक युवक ने कॉल सेंटर को संचालित करने में मदद की थी।

 

सायबर सेल करेगी एफबीआई से संपर्क :

आरोपी जावेद, भाविल और शाहरुख से हुई पूछताछ में ये बात भी सामने आई है कि इनके कई एजेंट और धोखाधड़ी का रुपया ट्रांसफर करने वाले अमेरिका के ही अकाउंट होल्डर वहां सक्रिय हैं जो ठगी का शिकार हुए लोगों का पैसा अपने खातों में डालकर इन आरोपियों को कमीशन काटकर इंटरनेट बैंकिंग से ट्रांसफर कर देते थे। इस पूरे रैकेट की कार्यप्रणाली और उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर की जानकारी जुटाकर सायबर सेल अमेरिका की इन्वेस्टिगेशन एजेंसी से भी जल्द संपर्क करेगी। ताकि वहां ठगाए अमेरिकी नागरिकों की शिकायत पर जो जांच हुई है उसमें उन्हें ओर मदद मिले और आरोपियों से जुडे़ लोग भी जल्द गिरफ्तार हो।

 

विजिलेंस अधिकारी बनकर ठगी करते थे :

अमेरिका में लैंडलाइन व मोबाइल फोन पर वॉइस मैसेज छोड़ने का कल्चर है। आरोपी ड्रग ट्रैफिकिंग और मनी लॉण्ड्रिंग के आपराधिक केस में स्क्रूटनी में आने का बोल डराते थे फिर उन्हें विजिलेंस अधिकारी बनकर ठगी करते थे। सायबर सेल की टीम इनके कम्प्यूटर सिस्टम व अन्य सॉफ्टवेयर का भी एक्सपर्ट टीम से परीक्षण करवा रही है। सायबर सेल ने इंदौर के प्लेटिनम प्लाजा और दिव्या क्रिस्टल बिल्डिंग में दबिश देकर दो कॉल सेंटर पकड़े थे। जहां से 61 लड़के और 19 लड़कियों को गिरफ्तार किया था।

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