जनसुनवाई / 48 मामलों में संबंधित अधिकारियों को दिए कार्रवाई के निर्देश



Police public hearing concluded in Indore
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Police public hearing concluded in Indore

  • मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में बीच सुनवाई से चले गए अधिकारी
     

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 07:57 PM IST

इंदौर. पुलिस कंट्रोल रूम में हर मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई 12 फरवरी को दो हिस्सों में हुई। सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई जनसुनवाई मात्र 45 मिनट ही चली। जनसुनवाई लेने वाले अधिकारी नई एसएसपी के पद भार ग्रहण में शामिल होने चले गए। 12.45 बजे वापस से जनसुनवाई प्रारंभ हुई लेकिन इसमें अधिकारी उपस्थित नहीं थे। कुल 48 शिकायतकर्ता आए। सभी मामलों में एसपी हेडक्वार्टर अवधेश गोस्वामी ने जांच के आदेश दिए।


कर्मचारी ने दर्ज कराया झूठा केस
इंजीनियर निशिकांत पिता रंजनीकांत व्यास (55) निवासी पत्रकार कॉलोनी ने बताया कि मैं मैकेनिकल इंजीनियर हूं और मशीनिंग साल्यूशन का टिविइन टाॅवर में काम करता हूं। मेरे ऑफिस ने सेल्स मैनेजर के सौरभ श्रीवास्तव काम करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सौरभ ने मेरी कंपनी का माल चुराकर बाहरी लोगों को बेच दिया। ग्राहक को माल की नकली रसीद देकर पेमेंट कंपनी में जमा नहीं करता था। माल को चोरी कर खुद के घर पर रखता था। बाद में बाजार में बेच देता था। हिसाब किताब में हेराफेरी करता था। जो कर्मचारी उसे रोकता था, उसे गलत आरोप लगाकर परेशान करता था।

 

जब उसके फर्जीवाड़े की जानकारी मुझे लगी तो उसने अपनी गलती मान ली और माफीनामा लिख दिया। लेकिन इसके बाद भी नहीं सुधरा और उसके फर्जी काम चलते रहे। वो कंपनी के ग्राहकों से कंपनी के बारे में अनर्गल बातें करने लगा। उन्हें गाली-गलौच के मेल करके बदनाम करने की कोशिश करने लगा।

 

इसके बाद मैंने फरवरी 2017 में उसके खिलाफ शिकायत की, जांच के बाद पुलिस ने सौरभ 408 की धारा में 13 जुलाई 2017 को केस दर्ज किया। सितंबर 2017 में जमानत पर छूट गया। इसके बाद सौरभ ने लसूड़िया थाने में मेरे और दो कर्मचारियों के खिलाफ झूठी शिकायत कर मुझ पर उल्टा केस दर्ज करवा दिया।

 

इसने लसूड़िया पुलिस में रास्ते में रोकना, मारपीट, गाली-गलौच और चार हजार रुपए लूटने के झूठी शिकायत की। लसूड़िया पुलिस ने बिना जांच किए मेरे और दो कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया। इस मामले में एसपी अवधेश गोस्वामी ने एडिशनल एसपी पूर्व जोन-2 को जांच के लिए कहा।


खाते से निकाले 43 हजार रुपए
हरिसिंह चौहान (63) ने बताया कि 7 फरवरी को मेरे पास एक नंबर से काॅल आया। इसमें कहा गया कि मेरा एटीएम कार्ड बंद हो गया है। आपकी एटीएम सीरिज नंबर दे दो, तो डर के मारे मैंने नंबर बता दिया। इसके बाद छह बार में आरोपी ने मेरे अकाउंट से 43 हजार 799 रुपए भी निकाल लिए। इसके बाद भी मेरे नंबर पर लगातार कॉल आ रहे हैं।


मोबाइल के नाम पर ठगी
गोविंद सिंह मकवाना ने बताया कि मैंने ओएलएक्स पर एक मोबाइल देखा था। पेटीएम पर 24 हजार 480 रुपए का ट्रांजेक्शन किया, बाद में मुझे कॉल आया कि मैं दिल्ली आर्मी से बोल रहा हूं आपका पार्सल ओवर नाइट ट्रेन से रखवा देंगे। मेरा पार्सल नहीं आया। इसके बाद उसने मेरे पूरे दस्तावेज भी वाट्सएप पर मंगवाल दिए और मुझे झांसा देते रहे कि मोबाइल भेज रहे है। मुझे रोज कॉल कर बोलते है कि मोबाइल चाहिए तो 11 हजार रुपए और भेजो जब मोबाइल मिलेगा। 


नहीं दे रहा एनओसी
अजयपिता मोहन सिंह ठाकुर ने बताया कि 27 जुलाई 2012 को अर्जुन मंगलानी सपना चेंबर्स साउथ तुकोगंज से एक लाख 10 हजार रुपए फायनेंस पर लेकर ऑटो (एमपी13 आर2036) ली थी। अब तक में मंगलानी को एक लाख 53 हजार रुपए अदा कर चुका हूं। बावजूद उसके मंगलानी एनओसी देने को तैयार नहीं है। मंगलानी से एनओसी मांगने जाता हूं तो मेरे साथ मारपीट और गाली-गलौच करता है।
 

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