ठगी का कॉल सेंटर / 5 अन्य ठिकानों पर पुलिस ने मारा छापा, संचालक फरार



Police raid on 5 call centers in indore
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Police raid on 5 call centers in indore
Police raid on 5 call centers in indore

  • इंदौर में कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिकी लोगों से की जा रही थी ठगी
  • पुलिस ने सोमवार रात दबिश देकर सी-21 के पीछे चल रहे कॉल सेंटर से 80 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया था

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 05:30 PM IST

इंदौर. अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के द्वारा अमेिरका के लोगों से ठगी करने के मामले में गुरुवार को पुलिस ने विजय नगर स्थित 5 ठिकानों पर छापा मारा। पुलिस को पता चला था कि उक्त स्थानों पर भी कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले ही कॉल सेंटर का संचालन करने वाले आरोपी फरार हो गए। वहीं दूसरी ओर सोमवार को की गई कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए कंप्यूटरों की जांच भी की जा रही है।

 

गुरुवार को पुलिस की टीम ने विजय नगर स्थित 5 स्थानों पर दबिश दी। पुलिस को अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित करने वाले सरगना जावेद, राहिल, शाहरुख और भाविल से पूछताछ के दौरान यह जानकारी लगी थी कि विजय नगर क्षेत्र में 5 कॉल सेंटर संचालित किए जा रहे हैं जिनके माध्यम से भी ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। जानकारी के बाद पुलिस ने इन स्थानों पर गुरुवार दोपहर कार्रवाई की। हालांकि पुलिस की कार्रवाई से पहले ही इन कॉल सेंटरों का संचालन करने वाले आरोपी फरार हो गए थे।

 
ठगी के शिकार 50 हजार अमेरिकियों का मिला डेटा 
सोमवार रात मारे गए छापे के दौरान जब्त कंप्यूटरों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में बदमाशों से जब्त किए गए कम्प्यूटर व मोबाइल में सायबर सेल को अहम सुराग मिले हैं। एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि गिरोह के मुख्य सरगना कॉल तो अपने कर्मचारियों से करवाते थे, लेकिन जब कोई अमेरिकी जाल में फंस जाता था तो उसे टीम का 'क्लोजर' (ठगी के लिए डील करने वाला एक्सपर्ट) अडेंट करता था। यह क्लोजर पहले तो विजिलेंस अधिकारी बनकर अमेरिकी लेंग्वेज में कठोर कार्रवाई के लिए धमकाता था, फिर उसे सेटलमेंट के मोड पर लाकर ठगी के गिफ्ट कार्ड, वायर ट्रांसफर, बिट क्वाइन और अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांजेक्शन के ऑप्शन देकर डॉलर ट्रांसफर के लिए तैयार कर लेता था। 


इस गिरोह में जावेद, शाहरुख और राहिल ही क्लोजर की भूमिका में थे। वहीं कुछ दीमापुर की लड़कियों को भी क्लोजर बनाकर ये ट्रेंड कर चुके थे। इनके कम्प्यूटर व मोबाइल में करीब 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी लोगों की जानकारी मिली है, जिन्हें ये ठगी का शिकार बना चुके हैं। इसे वेरिफाई कर टीम ठगी का कुल आंकड़ा निकालने में जुटी है। जबकि एक साल में ये ढाई लाख अमेरिकी नागरिकों से ठगी कर चुके हैं। 


यह है मामला
सोमवार 10 जून की रात राज्य सायबर पुलिस ने इंदौर के सी-21 मॉल के पीछे प्लेटिनम प्लाजा स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर 80 लड़के-लड़कियों को पकड़ा था। यह लोग अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर के माध्यम से अमेरिकी लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। आरोपियों के पास से 10 लाख अमेरिकी नागरिकों का डेटा बरामद किया गया था। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर (एसएसएन) का उपयोग ड्रग ट्रैफिकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में होने का डर बताकर ठगी को अंजाम देते थे। एक साल में करीब ढाई लाख अमेरिकियों से करोड़ों रु. ठग चुके हैं। आरोपियों ने नागालैंड व मेघालय के पढ़े-लिखे युवाओं को ठगी के लिए 22 हजार रुपए प्रतिमाह पर नौकरी पर रखा था। इनके कम्प्यूटर स्क्रीन पर अलग-अलग प्रश्न और उनके उत्तरों की लिस्ट बतौर स्क्रिप्ट इन्हें ठगी के लिए रटा दी गई थी। 

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