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प्री-मानसून की गतिविधि भी नदारद, तेज हवाओं के बाद भी उमस से लोग परेशान

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 11:20 AM IST

बारिश की गतिविधि नजर नहीं आने से बढ़ने लगी चिंता, तालाबों में भी पानी नहीं के बराबर।

Pre monsoon activity also disappeared

इंदौर. मप्र में समय से पहले मानसून आने की खबर से उत्साहित लोगों के माथे पर अब चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं। जलसंकट से जूझ रहे लोगों को बारिश का बेसब्री से इंतजार है। गुरुवार सुबह से तेज हवाएं चल रही हैं, लेकिन ये हवाएं लोगों को उमस से राहत नहीं दिला पा रही हैं। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अभी इंदौर में बारिश के लिए 10 दिन का इंतजार करना होगा और प्री-मानसून की गतिविधि जारी रहेगी, लेकिन ऐसे कोई आसार दिख नहीं रहे हैं। कुछ दिनों की राहत के बाद अब तापमान समान्य से ज्यादा होने लगा है। गुरुवार सुबह पारा 32 के पार पहुंच गया है।

विदर्भ की ओर मुड़ा मानसून

- मौसम विभाग के मुताबिक मानसून महाराष्ट्र तक तो समय पर आ गया था, लेकिन मुंबई से मप्र आने के बजाय वह विदर्भ, अहमद नगर की तरफ चला गया। इस कारण मप्र में समय से पहले आ रहा मानसून 10 दिन पिछड़ गया है।

- इस बार प्री-मानसून में भी ज्यादा बारिश नहीं हुई। इस कारण बोरिंग भी सूखे पड़े हैं। यशवंत सागर में भी कुछ ही दिनों का पानी बचा है। बारिश लेट होने का असर जलसंकट के रूप में देखने को मिल रहा है। नगर निगम टैंकर के जरिए जलापूर्ति कर रही है।


35 से 40 किमी की रफ्तार से चल रही हवा

- पिछले तीन दिन से हवा की रफ्तार 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई है। हालांकि हवा लगातार इसी गति से नहीं चल रही। कुछ सेकंड के झोंके इस गति से चल रहे हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग का कहना है कि हवा ऐसी ही चलती रही तो प्री-मानसून के बादल भी नहीं बरसेंगे।

इन दाे रास्तों से आएगा प्रदेश में मानूसन

1. मुंबई, सूरत, जलगांव, अमरावती, नागपुर, गोंदिया से बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा।
2. गुजरात के भरूच से बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला।

ऐसे पता चलता है मानसून आ गया

  • करीब तीन किमी ऊपर हवा में 90 फीसदी नमी होना चाहिए।
  • मौजूदा हवा का रुख बदलकर दक्षिण-पश्चिमी होना चाहिए।
  • एक-दो दिन लगातार बारिश हो।

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