इंदौर

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एकतरफा प्यार में छात्रा पर चाकू से 22 वार करके हत्या करने वाले इंजीनियर को उम्रकैद

फेसबुक पर लड़की बनकर दोस्ती की थी, राज खुलने के बाद दोस्ती तोड़ने पर की थी छात्रा की हत्या

Dainik Bhaskar

Aug 11, 2018, 06:36 PM IST
priya murder case, Court sentences life sentence to life imprisonment

इंदौर. सितंबर 2016 में पलासिया क्षेत्र के गीता नगर में एकतरफा प्यार में छात्रा की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले इंजीनियर को कोर्ट ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी ने फेसबुक पर लड़की बन छात्रा से दोस्ती की थी। राज खुलने के बाद छात्रा ने दोस्ती खत्म की तो वह उससे बात करने उसके घर पहुंचा और मां के सामने छात्रा पर चाकू से 22 वार किए। बचाने आई मां पर भी उसने हमला किया था। अभियोजन पक्ष ने फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने घटना को विरल से विरलतम नहीं मानते हुए कहा- उम्रकैद की सजा देना उचित होगा।

यह है मामला : महू निवासी आरोपी साफ्टवेयर इंजीनियरिंग अमित उर्फ अथर्व पिता सुशील यादव ने 27 सितंबर 2016 को गीता नगर पलासिया स्थित कृष्णा अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रहने वाली 12वीं की छात्रा प्रिया रावत पर चाकू से 22 वार किए थे। लोगों ने बचने के लिए उसने दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे वह घायल हो गया था। पुलिस पलासिया ने इलाज के दौरान ही उस पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी दर्शा दी थी। ठीक होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया था तभी से आरोपी जेल में है। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश एमके शर्मा ने आरोपी को उम्रकैद, पांच हजार रुपए जुर्माना, मृतका की मां पर हमले के आरोप में एक वर्ष की कैद व एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। प्रकरण में फरियादी पक्ष की ओर से एजीपी अभिजीत सिंह राठौर ने 16 गवाहों के साक्ष्य करवा कर घटना को विरल से विरलतम मानते हुए फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने घटना को विरल से विरलतम नहीं मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

मां की आंखों के सामने अारोपी ने की थी बेटी की हत्या : मां ने बताया था कि घटना वाले दिन से करीब सवा महीने पहले प्रिया रोज की तरह कोचिंग से घर आई। वह बहुत सहज थी। इसी दौरान मैंने उसे बताया कि अमित नाम का एक लड़का आया था। अमित का नाम सुनते ही प्रिया अगबबूला हो गई। इस पर मैंने उसे शांत किया। फिर प्यार से पूछा क्या तुम उसे जानती हो, उसने कहा- हां मां मैं उसे जानती हूं। मां वह लड़का फ्रॉड है। फेसबुक पर लड़की बनकर उसने मुझसे चैटिंग की और दोस्ती बढ़ाई। उसने जब मुझे बताया कि वह लड़का है तो मैंने उसे बुरी तरह डांटा और उससे बात बंद कर दी। मैंने उसे अपने फेसबुक फ्रेंड से भी हटा दिया है। वह बहुत गुस्से में थी। मैंने उसे समझाते हुए कहा कि कि इतना गुस्सा नहीं करते। हमें उससे कोई झगड़ा नहीं करना है। मैंने उसे कहा जो हुआ उसे भूल जाओ। इसके बाद प्रिया ने अपना ध्यान पढ़ाई में लगा लिया। लंबे समय तक मेरी प्रिया से उस लड़के को लेकर कभी कोई बात नहीं हुई।

प्रिया मोबाइल नहीं रखती थी इसलिए मेरे फोन पर किया था कॉल : मां ने बताया कि प्रिया मोबाइल नहीं रखती थी। इसलिए घटना वाले दिन सुबह करीब 7.30 बजे मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया। वह उसी लड़के का था। उसने कहा कि अंटी मैं अमित बोल रहा हूं। मैंने कहा हां बोलो बेटा। उसने कहा- आंटी, प्रिया मुझसे बात नहीं कर रही है। मैं कारण नहीं समझ पा रहा हूं। मुझे हेडेक होता है। प्रिया ऐसा क्यों कर रही है? मैं परेशान हूं। बस पांच मिनट प्रिया से बात करना है। मैंने उसे मना किया, लेकिन फिर वह बोला कि पांच मिनट में आपका क्या बिगड़ जाएगा? मैंने सोचा आज आमने-सामने बात कर उसे समझा दूंगी, ताकि आगे कोई परेशानी नहीं हो। मैंने उससे कहा- तुम आ जाओ, लेकिन बात दरवाजे के बाहर से ही करेंगे। करीब तीन घंटे बाद 10.30 बजे वह लड़का हमारे घर आया। दरवाजा मैंने ही खोला। उसे वहीं रुकने को कहा, लेकिन वह गिड़गिड़ाया कि वह बैठकर बात करना चाहता है। पांच मिनट में चला जाएगा। मैंने उसे घर में आने दिया। प्रिया उसे देखते ही भड़क गई। लड़का अचानक बाथरूम में चला गया। तब तक प्रिया बाहर के कमरे में आ गई। बाथरूम से बाहर आते ही उसने प्रिया पर पीछे से अटैक कर दिया। मेरे समझ में ही नहीं आया कि ये क्या हो गया। प्रिया ने चीखते हुए कहा कि मां इसे भगाओ। ये हमें मार डालेगा। प्रिया इधर-उधर भागती रही और वह चाकुओं से वार करता रहा। खून से लथपथ प्रिया खुद को बचाने के लिए बाथरूम घुस गई और दरवाजा बंद कर लिया। जब मैं उसे बचाने दौड़ी तो उसने मुझ पर भी चाकू से हमला कर घायल कर दिया। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग हमें बचाने दौड़े। यह देख वह भागने लगा। लोगों को आता देख पकड़े जाने के डर से वह दूसरी मंजिल की गैलरी से नीचे कूद गया। घर में चारों तरफ खून ही खून फैला था। लोगों ने जब प्रिया का पूछा तो मैंने बाथरूम की ओर इशारा किया। पड़ोसियों ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया, लेकिन मेरी बच्ची ने दरवाजा नहीं खोला। इस पर लोगों ने उसे तोड़ दिया। अंदर मेरी बेटी मृत पड़ी थी। मेरी हिम्मत नहीं थी बेटी को ऐसे देखूं। कहते हैं पूरा बाथरूम खून से भर गया था..। काश मैं उस हत्यारे को घर में नहीं घुसने देती...।

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