लापरवाही / महेश्वर बांध के प्रभावितों से रिफंड की राशि वसूली जाएगी

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 02:40 AM IST


Refunds will be collected from  affected people of Maheshwar Dam
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Refunds will be collected from  affected people of Maheshwar Dam
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  • 2000 प्रभावितों को 35 करोड़ रुपए ज्यादा दिए
  • कटौती से ज्यादा रिफंड देने का आयकर अफसरों ने किया खुलासा

खरगोन . महेश्वर बांध परियोजना के मुआवजा वितरण में भू-अर्जन अधिकारी आयकर के नियमों को समझ नहीं पाए। उन्होंने परियोजना से प्रभावित 2000 लोगों के मुआवजा की ब्याज राशि के टैक्स में कटौती करने में लापरवाही बरती। इस वजह से आयकर विभाग ने प्रभावितों को 35 करोड़ रुपए रिफंड कर दिए। कटौती से ज्यादा रिफंड की राशि देख आयकर अफसर हैरान रह गए। जांच की तो यह गड़बड़ी उजागर हुई। अब प्रभावितों को नोटिस देकर रिफंड हुई राशि बुलवाएंगे। यह खुलासा बुधवार को इंदौर से आए प्रधान आयकर आयुक्त शैली जिंदल व खंडवा अपर आयकर आयुक्त वीजे बोरिचा ने किया। 

 

आयकर विभाग के दोनों अफसर यहां इस मामले में उचित कार्रवाई के साथ हल निकालने आए थे। उन्होंने बताया महेश्वर परियोजना में कसरावद, बड़वाह, मंडलेश्वर व महेश्वर के किसान व अन्य भू-स्वामियों की जमीनें शासन ने अधिग्रहित की थी। 2013 में अवाॅर्ड पारित हुआ था। इसकी राशि 2017-18 में पीड़ितों को मिली। भू-अर्जन विभाग को इस राशि के वितरण के समय आयकर की धारा 194 ए के तहत मुआवजे पर ब्याज की राशि व 194 एलए में मुआवजे पर कुल राशि का 10 प्रतिशत टीडीएस (कटौती) करना था। इस कटौती में अफसरों को दर्शाना था कि किस सेक्शन में कितनी राशि काटी है लेकिन भू-अर्जन अफसरों ने धाराओं में न उलझकर सीधे 10 प्रतिशत कटौती कर दी। आयकर अधिनियम में रिफंड के प्रावधान के लिए किसानों ने अधिवक्ताओं से आवेदन करवाकर राशि अपने खाते में रिफंड करा ली।  अब आयकर विभाग डूब प्रभारितों से  रिफंड लेने के लिए आयकर कार्यालय में स्पेशल डेस्क बना रहा है।
 

2000 किसानों ने 35 करोड़ रुपए टीडीएस रिफंड ले लिया है। इसमें भू-अर्जन अधिकारियों की लापरवाही रही। प्रभावितों को नोटिस देकर रिफंड वापसी की कार्रवाई कर रहे हैं। - शैली जिंदल, प्रधान आयकर आयुक्त, इंदौर  

रिवाइज फाइल करेंगे  

मामला पहले का है। किसानों को जितना मुआवजा मिला उसमें एक ही धारा के तहत 10 प्रतिशत के हिसाब से टीडीएस काटा था। रिवाइस टीडीएस के लिए फाइल करवा रहे हैं। - अभिषेक गहलोत, भू-अर्जन अधिकारी महेश्वर बांध परियोजना

आगे क्या-   

 

  • डूब प्रभावितों से रिफंड के लिए आयकर विभाग कार्यालय में स्पेशल हेल्प डेस्क बना रहा है, यहां से जानकारी मिलेगी।   
  • प्रभावित सीए या टैक्स प्रेक्टिशनर की मदद लेकर राशि लौटाने की कार्रवाई कर सकते हैं।   
  • मार्च 2019 व मार्च 2020 तक इस राशि की वसूली करेंगे।   
  • राशि नहीं लौटाने पर प्रभावितों पर पैनल्टी संबंधी कार्रवाई भी होगी।   

नॉलेज : मुआवजा पर किसानों को टैक्स नहीं पर ब्याज पर लगेगा  

 

  • आयकर अधिकारी असीम पॉल ने बताया- भू-अर्जन की कार्रवाई में जमीन के मुआवजे पर किसानों को कोई टैक्स नहीं लगता है।   
  • प्रभावितों को मूल राशि पर ब्याज मिला। ब्याज की 50 प्रतिशत राशि पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होता है।   
  • किसानों को 5 लाख रुपए के ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लग रहा है, यदि किसी का टैक्स कटौत्री होता है तो विभाग वापस देगा।   

भू-अर्जन : देरी से मूल से ज्यादा हो गया ब्याज   

 

2013 में अवाॅर्ड पारित होने के बाद किसानों को 2017-18 में राशि दी गई। इससे पांच वर्षों का ब्याज कई किसानों की मूल रकम से ज्यादा हो गई। भू-अर्जन अधिकारी नियमों को नहीं समझ पाए। महेश्वर बांध मामले में प्रभावितों को मुआवजा राशि 650 करोड़ से ज्यादा बांटी गई। इसमें से ब्याज की राशि 350 करोड़ रुपए हुई।   

 

कटौत्री के नियम   
 

1. मुआवजे पर ब्याज- भू-अर्जन की राशि देरी पर किसान को देने पर भू-अर्जन विभाग ब्याज की राशि को धारा 194 ए सेक्शन पर दर्शाता है।   
2. मुआवजा - किसानों को भू-अर्जन के बदले मिलने वाली मुआवजे की राशि को आयकर की धारा 194 एलए सेक्शन में डालते हैं।   

 

पैरेलर ...  
कार्यशाला : टैक्स प्रैक्टिशनर बोले- सर्वे में संपत्ति पर 30 प्रतिशत हो पैनल्टी   


प्रधान आयकर आयुक्त जिंदल ने कार्यालय में ही 70 मिनट के दौरे में दो बैठकें की। पहली बैठक टैक्स बार एसोसिएशन व चार्टड अकाउंटेंट्स के साथ की। यह 50 मिनट तक चली। टैक्स प्रैक्टिशनर गिरीश सोमानी, आनंद जैन, आयुष सोमानी ने कहा- आयकर सर्वे पर पैनल्टी की राशि 77.25 प्रतिशत लगाई जा रही है। पूर्व की तरह ही इसे 30 प्रतिशत किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एलएन जाजू ने कहा- कई लोगों के पास पैनकार्ड नहीं है लेकिन वे आयकर के दायरे में आते हैं। ऐसे लोगों पर भी विभाग को नजर रखनी चाहिए। अफसरों ने व्यापारी संगठनों के साथ 20 मिनट चर्चा कर आयकर जमा करवाने में विभाग की मदद की बात कही।   
 

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