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सफाई से भ्रष्टाचार / टाइमकीपर भाई का 1 करोड़ का बंगला, बेटे की छह हजार वर्गफीट में कोठी



प्रोजेक्ट की डिजाइन और फोटो वेबसाइट पर डाली गई है। प्रोजेक्ट की डिजाइन और फोटो वेबसाइट पर डाली गई है।
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प्रोजेक्ट की डिजाइन और फोटो वेबसाइट पर डाली गई है।प्रोजेक्ट की डिजाइन और फोटो वेबसाइट पर डाली गई है।

ईओडब्ल्यू  ने आरोपियों की संपत्ति बिक्री पर रोक लगाई

 

Dainik Bhaskar

Oct 14, 2018, 02:12 AM IST

इंदौर.  ईओडब्ल्यू के छापे में करोड़ों की बेनामी संपत्ति में फंसे नगर निगम के सहायक यंत्री और स्वच्छता अभियान के प्रभारी कार्यपालन यंत्री अभयसिंह राठौर के बेटे जयसिंह की फर्म का गुलाब बाग काॅलोनी में ही एक और प्रोजेक्ट आकार ले रहा है।

 

छानबीन में अभयसिंह के छोटे भाई आईडीए के टाइमकीपर संतोषसिंह राठौर का एक करोड़ रु. (वर्तमान कीमत) का एक और बंगला स्कीम नंबर 114 में मिला है, जबकि उसकी तनख्वाह सिर्फ 26 हजार रु. प्रतिमाह है। जांच अधिकारी एवं ईओडब्ल्यू डीएसपी आनंद यादव के मुताबिक ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपी भाइयों की संपत्ति बिक्री पर रोक लगा दी।

 

इसके अलावा अभयसिंह व संतोषसिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई जबकि इन बेटे, भांजे, जीजा सहित पांच लोगों को सह आरोपी बनाया है। ईओडब्ल्यू ने नगर निगम एवं इंदौर विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।

 

इसमेंं दोनों का सर्विस रिकार्ड मांगते हुए कहा कि ये दोनों सेवा में कब भर्ती हुए, नियुक्ति से लेकर अब तक वेतन-भत्तों में कितना पैसा प्राप्त प्राप्त किया, किन-किन विभागों में रहे। साथ ही इनके विरुद्ध भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत और कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई है। जांच के दौरान कुछ और संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। सत्यापन के बाद कुछ और बेनामी संपत्तियां भी सामने आएंगी।

 

 

निगम के सहायक यंत्री राठौर का बेटा बना रहा आलीशान कोठी : अभयसिंह के पुत्र जयसिंह व जीजा राकेश सिंह चौहान की फर्म डोयान डेवलपर्स द्वारा गुलाब बाग में अभयसिंह के मकान के पीछे छह हजार वर्गफीट का बड़ा प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है जिसकी लगभग दो मंजिलें बन चुकी हैं।

 

पोते के जन्म पर रिश्तेदार आए थे, उनकी भी नकदी जोड़ ली 

सवाल- छापे में 15 करोड़ की संपत्ति रिश्तेदारों के नाम मिली?  
जवाब- जब कार्रवाई हुई घर पर बेटे जय के पुत्र जन्म के उत्सव में बहुत से रिश्तेदार और परिवार के सदस्य आए थे। उनके पास की नकदी और ज्वेलरी को भी जोड़ दिया।  
सवाल- रिश्तेदारों के नाम की संपत्ति भी आपकी बताई जा रही है? 
जवाब- न्यायालय के समक्ष सारे साक्ष्य प्रस्तुत करूंगा। मैंने संपत्ति का टैक्स और इनकम टैक्स जमा किया है। मेरे रिश्तेदार, जिनके नाम की संपत्ति मेरी बताई जा रही है, वे भी पूरा हिसाब न्यायालय में पेश करेंगे।

अभय सिंह

 

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