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सीने पर एससी-एसटी लिखने का मामला : गृहमंत्री ने ट्वीट कर बताया कि दोषी 2 पुलिसकर्मी काे कर दिया निलंबित

सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसे संवीधान पर हमला बताया था।

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 05:08 PM IST
SC-ST Writing Case on the Chest : Two policemen suspended

इंदौर। धार में पुलिस आरक्षक भर्ती के दौरान उम्मीदवारों के सीने पर पेन से एससी-एसटी लिखने के शर्मनाक घटना में मंगलवार को आरोपी दो पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। वहीं अन्य दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए धार कलेक्टर को आदेश दे दिए गए है। गौरतलब है क आरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान मेडिकल टेस्ट में अभ्यर्थियों के सीने पर उनके वर्ग एससी-एसटी लिख दिया गया था। मामला सामने आने पर कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने इसे शर्मनाक घटना बताते हुए शिवरात सरकार को आड़े हाथ लिया था।


गृहमंत्री ने यह लिखा ट्वीट में
मंगलवार को प्रदेश के गृहमंत्री भुपेन्द्र सिंह ने ट्वीट किया कि :- धार में आरक्षक भर्ती मामले में जांच के बाद दोषी पाए गए जिला पुलिस बल के निरीक्षक नानूराम वर्मा व एसएफ दल के उप निरीक्षक नानूराम मोवेल को तत्काल निलंबित कर दिया गया है व दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया गया है।

सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस

मामले में धार कलेक्टर ने सिविल सर्जन एसके खरे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। कलेक्टर ने खरे को निर्देशित किया कि जारी सूचना पत्र के माध्यम से वह अपना प्रत्युत्तर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। संतोषजनक उत्तर के अभाव में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जावेगी।


यह था मामला

  • आरक्षक चयन के लिए बुधवार (25 अप्रैल) को धार के जिला अस्पताल में अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण किया गया था। इस परीक्षण के दौरान अभ्यर्थियों के सीने पर पेन से उनकी जातियों का उल्लेख कर दिया गया।

  • मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों व अन्य अधिकारियों का कहना है कि कुछ माह पहले महिला आरक्षक की ऊंचाई में गड़बड़ी सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

  • आरक्षक पद के लिए सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 168 सेमी की ऊंचाई तय की गई है। वहीं एससी और एसटी वर्ग के लिए 165 सेमी ऊंचाई तय है। आरक्षित वर्ग की ऊंचाई नापने में कोई गड़बड़ ना हो इसलिए उनके सीने पर पेन से एससी-एसटी लिख दिया गया था।


घटना के बाद सफाई देेते रहे जिम्मेदार

हर वर्ग के लिए शारीरिक माप के मापदंड अलग-अलग होते है। इसलिए ऐसी पहचान करना होती है। पन्ना जिले में आरक्षित वर्ग की एक महिला प्रत्याशी की माप में गड़बड़ी हो गई थी, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया था। फिर भी मामले की जांच कराएंगे। - ऋषि कुमार शुक्ला, पुलिस महानिदेशक


- पुलिस की ओर से अभ्यर्थियों के सीने पर जातियां लिखने का निर्देश नहीं है। भर्ती में सहूलियत के लिए ऐसा लिखा गया होगा। इसके पीछे गलत भावना नहीं है। जाचं के आदेश दे दिए है। - बीरेन्द्र सिंह, पुलिस अधिक्षक


- पुलिस और एसएएफ के उम्मीदवारों की नापतौल हो रही थी। सबकी अलग-अलग प्रक्रिया होती है। जाति सूचक अल्फाबेट किसी दुर्भावना से नहीं लिखे गए थे। सभी पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं। डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। - अनिल शर्मा, डीआईजी (ग्रामीण)


- मुझे नहीं मालूम कि जिला अस्पताल में किसी भर्ती का मेडिकल चल रहा है। लेकिन किसी भी कैंडिडेट के शरीर पर एससी-एसटी लिखा है तो ये गंभीर है। दोषी के खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। - डॉक्टर आरसी पनिका, सीएमओ

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