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डिफेंस / सीमा पर दुश्मन की घुसपैठ रोकेगी इन्फ्रारेड किरणें; ठंड, बारिश और गर्मी से सैनिकों को मिलेगी राहत



पत्रकारों से चर्चा करते बीएसएफ डीजी केके शर्मा। (मध्य में) पत्रकारों से चर्चा करते बीएसएफ डीजी केके शर्मा। (मध्य में)
  • इंदौर आए बीएसएफ डीजी बोले- पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जम्मू में 11 किमी क्षेत्र में लगाए गए सिस्टम
  • सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगें इसकी शुरुआत
Danik Bhaskar | Sep 16, 2018, 10:50 AM IST

इंदौर.  देश की सीमा की सुरक्षा अब इन्फ्रारेड किरणों से होगी। इससे सैनिकों को ठंड, बारिश और गर्मी में काफी राहत मिलेगी। सीमा पर कॉम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बाॅर्डर मैनेजमेंट सिस्टम के तहत एक ऐसी अदृश्य बॉर्डर विकसित की जाएगी, जिसमें किसी के भी प्रवेश करते ही तत्काल जानकारी मिल जाएगी।

 

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जम्मू में 11 किमी क्षेत्र में लगाए गए इस सिस्टम की शुरुआत सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। आने वाले समय में इसे चरणबद्ध तरीके से पाकिस्तान बॉर्डर पर चिह्नित दो हजार किमी क्षेत्र में लगाया जाएगा और बांग्लादेश बॉर्डर पर भी भविष्य में इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

 

यह बात बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल (डीजी) केके शर्मा ने शनिवार को इंदौर बीएसएफ सेंटर पर मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने कहा इस सिस्टम को इजराइल, यूएस और यूरोपीय टेक्नोलॉजी की मदद से लगाया गया है। इसमें एक छोर से इन्फ्रारेड किरण दूसरे छोर पर रिसीवर तक जाती है। बीच में कोई भी आता है तो कनेक्शन टूटने पर तुरंत अलार्म से जानकारी मिल जाती है।

 

इसे कैमरे के जरिए बॉर्डर आउट पोस्ट पर देखा जा सकेगा और कुछ भी संदेहास्पद होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह सिस्टम पानी में भी काम करेगा। इस मौके पर बीएसएफ आईजी बीके मेहता और आरसी ध्यानी भी मौजूद थे।
 

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