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कोई बॉडी बिल्डर तो कोई अपने एक्शन की वजह से रहता है चर्चा में...ऐसे हैं ये 'दबंग' पुलिसवाले

अपनी दमदार बॉडी को लेकर इस IPS ने बनाई अलग पहचान

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 04:53 PM IST
मोतीलाल दायमा मोतीलाल दायमा

इंदौर. सफाई में नंबर वन होने के बाद अब इंदौर की ट्रैफिक पुलिस ने अपने बेहतर काम से नंबर वन का अवॉर्ड जीता है। पिछले दिनों यहां सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है। इंदौर को ‘बेहतर सड़क सुरक्षा के लिए सबसे अच्छी पहल’ श्रेणी में 120 शहरों में से नं.1 चुना गया। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि ट्रैफिक प्रबंधन, सड़क हादसों में कमी और सीमित संसाधनों में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर यह पुरस्कार मिला है।

कांस्टेबल रंजीत सिंह डांस कर ट्रैफिक को करते हैं कंट्रोल

शहर में चौराहे पर रोबोट से ट्रैफिक मैनेजमेंट होता है। वहीं डांस कर ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले कांस्टेबल रंजीत सिंह भी सुर्खियों में हैं। उन्हें बेस्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट का पुरस्कार मिला। 4 नवंबर को नागपुर में इंदौर को ये अवॉर्ड मिलेगा। सर्वे के अनुसार इंदौर में सड़क हादसों में 44% की कमी और मौतों में 22% की कमी आई है। इसी को लेकर शहरी विकास मंत्रालय ने इंदौर को नंबर वन अवॉर्ड दिया है।

(DainikBhaskar.com बता रहा है कुछ ऐसे पुलिसवालों के बारे में जो अलग तरीके से अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। कोई बॉडी बिल्डर तो कोई अपने रौबदार एक्शन से जाना जाता है।)


मोतीलाल दायमा, मध्यप्रदेश
- 27 साल के मोतीलाल दायमा इंदौर पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं। दोस्त इन्हें प्यार से अर्नोल्ड बुलाते हैं।
- 2012 से पुलिस में कॉन्स्टेबल की नौकरी कर रहे मोतीलाल का वेतन भले ही कम है, लेकिन अपनी डायट पर वे एक लाख से ज्यादा खर्च करते हैं।
- इमसें उनके विभाग के ही कुछ अधिकारी व शहर के नागरिक निजी तौर पर दायमा की आर्थिक मदद करते हैं।

किशोर दांगे, महाराष्ट्र किशोर दांगे, महाराष्ट्र

किशोर दांगे, महाराष्ट्र

 

- जालना के एक गरीब परिवार में जन्मे किशोर को पुलिस की नौकरी कड़ी मेहनत के बदौलत मिली।
- इस मुकाम को हासिल करने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने बॉडी बिल्डिंग पर भी ध्यान दिया।
- यही वजह है कि मिस्टर महाराष्ट्र, मिस्टर मराठवाड़ा के अलावा कई विदेशी प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

नवीन कुमार हरियाणा नवीन कुमार हरियाणा

नवीन कुमार, हरियाणा   


- एक इंटरव्यू में नवीन ने बताया कि उन्होंने अपने दोस्त राकेश को देखते हुए बॉडी बिल्डिंग का मन बनाया था।
- 2013 में ASI नवीन मिस्टर हरियाणा रह चुके हैं।
- नौकरी के साथ-साथ घंटों जिम को देने के लिए विभागीय अधिकारियों ने ही उनकी मदद की।

सचिन अतुलकर, मध्य प्रदेश सचिन अतुलकर, मध्य प्रदेश

सचिन अतुलकर, मध्य प्रदेश 


- IPS सचिन फिटनेस के मामले में पुलिस डिपार्टमेंट के अफसर-कर्मचारियों के आइकॉन हैं।
- सचिन 2007 बैच के पासआउट हैं और वे मात्र 22 साल की उम्र में बने IPS बन गए थे।
- उनके मुताबिक, बॉडी बिल्डिंग से एक अच्छे व्यक्तित्व, माइंड और बॉडी को डेवलप करता है।

तेजेंद्र सिंह, उत्तराखंड तेजेंद्र सिंह, उत्तराखंड

तेजेंद्र सिंह, उत्तराखंड


- देहरादून के तेजेंद्र को बचपन से ही बॉडी बनाने का शौक था। स्थानीयों के बीच ये 'बीस्ट' के नाम से जाने जाते हैं।
- 2006 में वे पुलिस में भर्ती हुए। एक साल बाद ही पहली बार बॉडी बिल्डिंग में नेशनल में गोल्ड मेडल जीता था। 
- 2009 में मिस्टर हरक्यूलिस का खिताब भी वह जीत चुके हैं।

शिवदीप लांडे, महाराष्ट्र शिवदीप लांडे, महाराष्ट्र

शिवदीप लांडे, महाराष्ट्र


- IPS शिवदीप लांडे इन दिनों मुंबई में एंटी नारकोटिक्स सेल में डीसीपी के पोस्ट पर तैनात हैं।
- महिला का रूप बनाकर उत्तर प्रदेश पुलिस के सब इंस्पेक्टर को पकड़ने के मामले में वे विवाद में भी आए थे।
- शिवदीप अपने कामों को लेकर बिहार समेत पूरे महाराष्ट्र में चर्चित हैं।

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सचिन अतुलकर, मध्य प्रदेशसचिन अतुलकर, मध्य प्रदेश
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शिवदीप लांडे, महाराष्ट्रशिवदीप लांडे, महाराष्ट्र
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