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सफाई में और आगे बढ़ने के लिए बड़ा कदम; गीले, सूखे के बाद अब प्लास्टिक कचरा अलग रखना होगा

अब घरों में आपको गीले, सूखे के अलावा प्लास्टिक कचरा भी अलग रखना होगा। नगर निगम हरे व नीले रंग की गाड़ियों में पीले...

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 03:51 AM IST
Indore - सफाई में और आगे बढ़ने के लिए बड़ा कदम; गीले, सूखे के बाद अब प्लास्टिक कचरा अलग रखना होगा
अब घरों में आपको गीले, सूखे के अलावा प्लास्टिक कचरा भी अलग रखना होगा। नगर निगम हरे व नीले रंग की गाड़ियों में पीले रंग का कंपार्टमेंट भी बनाएगा। प्लास्टिक का कचरा आपको पीले रंग के कंपार्टमेंट में ही डालना होगा। फिलहाल दो गाड़ियों को इस तरह से तैयार किया गया है। तीन दिन तक मॉनिटरिंग के बाद अगले दो महीने में सभी 500 गाड़ियों में यह बदलाव किया जाएगा।

शहर के दो बार सफाई में नंबर-1 बनने के बाद तीसरी बार फिर अव्वल आने के लिए यह कवायद निगम ने शुरू की है। केंद्र सरकार की स्वच्छता सर्वेक्षण गाइड लाइन-2019 के मुताबिक अब गीले और सूखे कचरे के अलावा प्लास्टिक और पॉलिथिन भी अलग-अलग लेना होगी। निगम कंसल्टेंट ने इसके लिए अलग से गाड़ियां बनाने की बात कही थी लेकिन मेयर मालिनी गौड़ ने वर्तमान गाड़ियों को ही मॉडिफाई कर उसमें तीन हिस्से करने के लिए कहा। रविवार को मेयर ने वर्कशॉप जाकर गाड़ियों को देखा। अभी दो गाड़ियों को दो अलग-अलग वार्ड में ले जाने के लिए कहा है। इसके लिए एनजीओ और निगम के अधिकारियों को मॉनिटरिंग के लिए भी कहा है। शेष|पेज 8 पर



हर दिन 1100 मीट्रिक टन कचरा, इसमें 77 टन प्लास्टिक वेस्ट

निगम अभी हजार से 1100 मीट्रिक टन कचरा प्रतिदिन लेता है। इसमें 500 टन गीला और 600 टन सूखा कचरा होता है। कचरे में प्लास्टिक वेस्ट कुल 7 प्रतिशत रहता है जो करीब 77 टन होता है। निगम के साथ रहवासियों की भी परेशानी थी कि प्लास्टिक में गीला कचरा घर में तो भर लेते थे, लेकिन बाद में उसे सूखे कचरे के बॉक्स में डालना पड़ता था। बायो-डिग्रेडेबल वेस्ट के लिए कचरा गाड़ी में पीछे एक कोठी बनी हुई है।



मिलेंगे 60 से 65 अंक, रैग पिकर्स को भी होगा फायदा

निगम अभी जो प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा करके ले जाता है, उसे ट्रेंचिंग ग्राउंड में पन्नी बीनने वाले (रैग पिकर्स) 4 से 5 श्रेणी में छांटते हैं। इसके इन्हें 5 से 40 रुपए किलो तक के मिलते हैं। इस प्रक्रिया में 400 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। अब घर से ही प्लास्टिक अलग-अलग जाएगी तो इन्हें भी परेशानी कम होगी, वहीं निगम को अगली रैंकिंग में कचरा सेग्रिगेशन के 65 अंक पूरे मिल पाएंगे। मेयर मालिनी गौड़ के मुताबिक, जनता ने खासकर महिलाओं ने काफी सहयोग किया है, उम्मीद है आगे भी पूरा सहयोग मिलेगा। इसी से हम प्लास्टिक का उपयोग भी कम कर पाएंगे।

पीला रंग.... प्लास्टिक वेस्ट के लिए

नगर निगम ने कचरा गाड़ी में हरे, नीले के साथ पीले रंग का कम्पार्टमेंट बनाया, जिसमें प्लास्टिक वेस्ट डाल सकते हैं।

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