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फैसला / देर रात तक गरबा पंडाल में लाउडस्पीकर बजाने के मामले में हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, आयोजकों को करना होगा कलेक्टर को आवेदन



The case of playing DJ in Garba Pandal
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The case of playing DJ in Garba Pandal

  • आचार संहिता के चलते प्रशासन ने रात 10 बजे के बाद साउंड सिस्टम के उपयोग पर लगाई है रोक

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 02:33 PM IST

इंदौर. आचार संहिता के चलते नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में रात 10 बजे तक माइक-डीजे की अनुमति दिए जाने के विरोध में हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि गरबा आयोजक कलेक्टर को आवेदन करें। कोर्ट ने कलेक्टर को 24 घंटे में आवेदन पर सुनवाई करते हुए अंतिम फैसला देने को कहा है। हालांकि कोर्ट ने कलेक्टर को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए फैसले को प्रकाश में रखते हुए फैसला करने को कहा है।

क्या है मामला

  1. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा द्वारा गरबों का समय रात 12 बजे तक किए जाने और लाउडस्पीकर की अनुमति रात 12 बजे तक दिए जाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि चुनाव के लिए नामांकन, मतदान, मतगणना में लंबा समय बचा है। शहर में गरबे रात 8 से 9 बजे के बीच ही शुरू होते हैं। ऐसे में 10 बजे तक का समय निर्धारित करना गलत होगा। बगैर लाउडस्पीकर के गरबे संभव नहीं हैं। इसका समय बढ़ाया जाना चाहिए।

  2. इसलिए मिले अनुमति

    नेताओं का कहना है कि यह पर्व साल में एक बार आता है। बच्चियां महीनेभर पहले से तैयारी करती हैं। आयोजक मंडल भी कई दिन पहले से तैयारी करते हैं। ऐसे में शहर में सारे ही पंडालों में गरबा महोत्सव की समय सीमा एक घंटे बढ़ाई जाना चाहिए। इस मामले में इंदौर कलेक्टर ने कहा था कि चुनाव आयोग की गाइड लाइन के तहत संभव हाेने पर समय बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।

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