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  • The commissioner said that the teachers who could not get 33% even after seeing the book, will they teach their children?

इंदौर / आयुक्त ने कहा-जो शिक्षक किताब देखकर भी 33% नहीं ला पाए, उनसे अपने बच्चाें काे पढ़वाओगे क्या?

कर्मचारी नेताओं से चर्चा करती आयुक्त कर्मचारी नेताओं से चर्चा करती आयुक्त
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कर्मचारी नेताओं से चर्चा करती आयुक्तकर्मचारी नेताओं से चर्चा करती आयुक्त

  • लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त के पास 16 शिक्षकों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर विराेध दर्ज कराने पहुंचे थे पदाधिकारी
  • अधिकारियों ने कहा-  16 शिक्षकों को हमने पूरी छानबीन करके सेवानिवृत्त किया है

Dainik Bhaskar

Dec 04, 2019, 10:56 AM IST

इंदौर. कोई शिक्षक दो बार परीक्षा देने के बावजूद किताब देखकर भी 33 प्रतिशत अंक नहीं ला पाए तो मैं अपने बच्चों का भविष्य कैसे उसके सुपुर्द कर दूं? जिसके लिए उसे 20 साल तक वेतन मिला है। सोचिए कि उसने स्कूलों में क्या पढ़ाया होगा? आप ऐसे शिक्षक का साथ कैसे दे रहे हो? लोग कल्पना करो कि क्या आप अपने बच्चों को ऐसे शिक्षकों से पढ़ाओगे?
लोक शिक्षण संचालनालय की आयुक्त जयश्री कियावत ने यह दो टूक बात मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों से कही।

संघ के प्रांतीय महामंत्री हरीश बोयत, अध्यक्ष राजकुमार पांडेय और शासकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष प्रवीण यादव ने जैसे ही 16 बर्खास्त शिक्षकों पर कार्रवाई का आदेश वापस लिए जाने की मांग की तो आयुक्त बिफर पड़ीं। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी और हमारे विभाग की छवि क्यों खराब कर रहे हैं? आप ऐसे व्यक्ति का साथ क्यों दे रहे हो जो बच्चों को नहीं पढ़ा पा रहा है? आपको तो इसमें विभाग और सरकार का साथ देना चाहिए।


उन्होंने पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि सभी की बात सुनी जाएगी। इसके लिए प्रमुख सचिव ने प्रदेशभर के संगठनों के अध्यक्ष और सचिव की बैठक बुधवार शाम चार बजे बुलाई है। इसमें वे दस्तावेजों के साथ सारे सबूत संगठनों के सामने रखेंगी। साथ ही यह भी कहा कि शिक्षक किडनी का मरीज है या मेडिकल लीव पर है तो उसका पूरा पक्ष सुना जाएगा। इन 16 शिक्षकों को हमने पूरी छानबीन करके सेवानिवृत्त किया है।

दो बार में भी पास नहीं कर पाए थे परीक्षा
आयुक्त बोलीं कि केवल 16 शिक्षक नहीं है। जिन स्कूलों का रिजल्ट 0 से 30 प्रतिशत था उनके 6000 शिक्षकों की परीक्षा 12 जून को कराई थी। उसमें देखा कि 1300 ऐसे शिक्षक थे जो कि पास होने के लिए 50 प्रतिशत अंक भी नहीं ला पाए। इसके बाद विभाग ने तय किया कि हम ट्रेनिंग देंगे और पढ़ाने के बाद परीक्षा लेंगे। 14 अक्टूबर को दोबारा परीक्षा कराई गई। उसके बाद हमने पासिंग मार्क भी कम करके 33 प्रतिशत कर दिए। इसके बावजूद शिक्षक पास नहीं हो पाए। जिन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी उन 72 शिक्षकों को मनमाफिक पोस्टिंग दी। 35 हजार शिक्षकों को हमने स्वैच्छिक स्थानांतरण दिया। हमने दिल्ली में प्रशिक्षण के लिए भी भेजा।

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