--Advertisement--

इंदौर में ऐसा क्यों? सड़क, सफाई, नाला, ब्रिज... महकमों के काम, कोर्ट दखल दे तो ही मिले जनता को आराम

निगम, आईडीए, पुलिस से लेकर स्वास्थ्य महकमे तक का काम करना पड़ रहा हाई कोर्ट को

Dainik Bhaskar

Sep 08, 2018, 12:55 AM IST
The High Court has to work from Corporation, IDA, Police to Health Department

इंदौर. हाई कोर्ट का काम कानूनी भाषा में अपीलों की सुनवाई करना माना जाता है। निचली अदालतों के फैसले पर अपीलों को सुनना हाई कोर्ट का मूल काम है, लेकिन कोर्ट को इसके अलावा कानून-व्यवस्था, साफ-सफाई, बच्चों के एडमिशन से लेकर नगर निगम परिषद की बैठकें तक करवाने के लिए कलम चलाना पड़ रही है। राज्य सरकार से लेकर नगर निगम, पुलिस तक के कामकाज में कोर्ट को दखल देना पड़ रहा है। कार्यपालिका के कामकाज की सुस्ती, गलतियों को न्यायपालिका दुरुस्त कर रही है। दर्जनों ऐसे उदाहरण हैं जिनमें हाई कोर्ट को दखल देना पड़ा। इसका सकारात्मक असर समाज को देखने को मिला।

स्वच्छता की खातिर... सफाई में नंबर-1 के लिए अफसरों को फटकारा
सफाई में नंबर-1 शहर का तमगा लगने के पीछे हाई कोर्ट के नगर निगम को समय-समय पर दिए गए निर्देश हैं। हाई कोर्ट ने ही कचरा प्रबंधन की याचिका पर ट्रेंचिंग ग्राउंड में डिस्पोजल की व्यवस्था, मलबे से पैवर ब्लॉक बनाने, कचरे से खाद बनाने के आदेश निगम को दिए थे। निगमायुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों को तलब कर उनसे सफाई के शपथ पत्र लिए थे। इसी के बाद सफाई ने जोर पकड़ा था।

शहर की खातिर... नाले को फिर नदी बनाने के लिए जस्टिस पैदल भी घूमे
कान्ह और सरस्वती नदी आज वास्तव में नदी का रूप ले रही हैं तो ऐसा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के कारण संभव हुआ है। नगर निगम और प्रशासन ने जब गंभीरता नहीं दिखाई तो एनजीटी के जज दो बार भोपाल से इंदौर आए। नदी किनारों पर पैदल घूमे। नदी किनारों के अतिक्रमण हटवाए, फिर एसटीपी प्लांट लगवाए। पांच मैरिज गार्डन आज भी इसी वजह से बंद हैं।

सुगम ट्रैफिक के लिए... 8 साल से अधूरा ब्रिज बनवाया
केसरबाग ब्रिज अधूरी स्थिति में करीब आठ साल से पड़ा हुआ था। आईडीए और कॉन्ट्रैक्टर के झगड़े में ब्रिज बन नहीं पा रहा था। हाई कोर्ट में मामला पहुंचा तो जजेस ने संभागायुक्त को जवाबदारी सौंपी। बचे काम शुरू करने के सख्ती से आदेश दिए। हर दिन की प्रगति रिपोर्ट बनाकर पेश करने के लिए कहा। तत्कालीन संभागायुक्त संजय दुबे ने 35 दिन का प्लान बनाकर कोर्ट में सौंपा। कोर्ट ने भी हर सप्ताह सुनवाई कर ब्रिज को जनता के लिए शुरू कराया।

वाहन चालकों के लिए... फीडर सड़कें और बीआरटीएस भी बनवाया
11 किमी के बीआरटीएस और शहर की सभी फीडर सड़कें आज चौड़ी हुई हैं तो वह भी कोर्ट की वजह से। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण करने वालों के बाधक हिस्से तत्काल हटाने के आदेश जारी किए। आईडीए जब काम समय पर पूरा नहीं करवा पा रहा था, तब बीआरटीएस के लिए 250 से ज्यादा याचिकाओं का निराकरण हाई कोर्ट से ही हुआ। 200 फीट चौड़ा शहर के बीच से गुजर रहा बीआरटीएस तभी तैयार हो पाया है।

निगम को चेताया... परिषद की बैठकें अब होने लगी हैं नियमित
मौजूदा नगर निगम परिषद की बैठकें और 22 वार्ड कमेटी का गठन हाई कोर्ट के दखल के कारण ही हुआ। परिषद की बैठकें नियमित नहीं होने पर जनहित याचिका लगी। निगम से कोर्ट ने जवाब मांगा तो बैठकें शुरू हो गईं। साढ़े तीन साल में वार्ड कमेटी गठित नहीं हुई तो हाई कोर्ट ने निगमायुक्त को अवमानना का नोटिस दिया। इस पर निगम ने कमेटी गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी।

X
The High Court has to work from Corporation, IDA, Police to Health Department
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..