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इंदौर. शहर में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो आपके आधार कार्ड और पेन नंबर चोरी कर आपके नाम पर निजी बैंकों से लोन लेकर धोखाधड़ी कर रहा है। यही नहीं आपकी जानकारी के बिन आपके आईडी पर लोन लेकर इस गिरोह द्वारा शहर में सैकड़ों लोगों का सिबिल रिकार्ड भी खराब किया जा चुका है। लेकिन पुलिस इस गिरोह पर गंभीर नहीं हैं। जबकि सप्ताह में एक दो पीड़ित रोज थाने और डीआईजी ऑफिस पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को भी एक पीड़ित बृजेश पिता किशोरी लाल वाघमारे क्राइम ब्रांच पहुंचा। बृजेश ने शिकायत की है कि वह एक निजी कैब कंपनी में कार्यरत है। किसी ने उसके आधार कार्ड व पैन कार्ड का गलत ढंग से इस्तेमाल कर उसके नाम पर 25 हजार रुपये का लोन ‘इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड कंपनी’ से लिया है। यही नहीं फर्जीवाड़ा करने वालों ने लोन लेने के बाद मेरे आईडी के दस्तावेजों में हेरफेर कर कोडक महिंद्रा बैंक में मेरे ही नाम से आन लाइन अकाउंट खोलकर उसमें लोन राशि ट्रांसफर करवा ली और रुपये निकाल लिए। धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के कारण मेरा सिबिल रिकॉर्ड बिगड़ गया है और अब मुझे कोई भी बैंक लोन नहीं दे रही है।
बृजेश ने बताया कि उसे इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब लगी जब वह अपनी ज़रुरत के लिए आईआईएच एल बैंक में लोन के लिए आवेदन किया तो वहां के मैनेजर ने उसे बताया कि उसके नाम पर इंडिया बुल्स कंपनी में 25 हजार का लोन स्वीकृत है और उसकी एक भी किश्त नहीं चुकाई है। जब मैंने इंकार किया तो उन्होंने मुझे मेरा सिबिल रिकार्ड दिखा दिया जिसमें मुझे डिफाल्टर बताकर पूरा सिबिल बिगाड़ दिया गया। आरोपियों ने मेरे नाम पर फर्जी लोन लेकर उसकी एक भी किश्त नहीं भरी।
भास्कर ने किया था खुलासा, पर पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
23अगस्त को भास्कर ने इस बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी। लेकिन खबर के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने इस सक्रिय गैंग पर न तो कोई एक्शन लिया ना ही कोई गंभीरता से पड़ताल की। इस गैंग ने शहर में ही नहीं बल्कि आस-पास के ग्रामीण अंचलों में कई लोगों के साथ ऐसी ही धोखाधड़ी की है। यह गैंग साफ्टवेयर कंपनी के डायरेक्टर रहे प्रियम ठेपे निवासी अमितेष नगर के साथ भी ऐसे ही 25 हजार की धोखाधड़ी कर चुकी है। इंजीनियर ने मामले की शिकायत तुकोगंज पुलिस को की थी। इसमें पुलिस ने केस भी दर्ज किया था लेकिन निजी कंपनियों के किसी भी अधिकारी को पुलिस आरोपी नहीं बना सकी। इसके बाद पुलिस को करीब आधा दर्जन पीड़ितों ने ओर शिकायत की लेकिन किसी में भी एक्शन नहीं हुआ।
निजी बैंकों के कर्मचारियों की है सांठगांठ
इस गिरोह के पीछे लोन देने वाली निजी बैंकों के ही कर्मचारियों का गिरोह सक्रिय है। ये लोगों की आईडेंटिटी चुराने के बाद उनके आधार कार्ड व पेन कार्ड के डेटा चोरी कर उनमें फोटो बदलकर उनके नाम पर लोन लेकर दूसरी कंपनी में ऑन लाइन खाता खुलवाकर लोगों को उलझा रहे हैं और बैंक से लोन राशि व खुद का टारगेट पूरा कर कंपनी में अपना का दिखाते हैं। कई बड़ी लोन देने वाली कंपनी रोजाना करोड़ों का लोन पास कर आम लोगों से धोखाधड़ी कर रही हैं।




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