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  • The Tradition Of Ger, Which Has Been Going On Since 1927, Did Not Stop Until The Emergency Of 1976, Today Its Color Faded, The Emergency Situation Of Corona

1927 से चल रही गेर की पर परंपरा को 1976 की इमरजेंसी तक नहीं रोक पाई, आज उसके रंग फीके किए कोरोना की आपात स्थिति ने

एक वर्ष पहले
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बजरबट्टू सम्मेलन पर भी कोरोना वायरस का असर नजर आया। - Dainik Bhaskar
बजरबट्टू सम्मेलन पर भी कोरोना वायरस का असर नजर आया।
  • प्रशासन ने देर रात आयोजकों के साथ बैठक कर रंगपंचमी से जुड़े सभी कार्यक्रम रद्द किए
  • इससे पहले आपातकाल, दंगों और भीषण सूखे के दौर में भी इंदौर में गेर का सिलसिला नहीं थमा

इंदौर. कोरोना के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने रंगपंचमी पर निकलने वाली सभी गेर की अनुमति निरस्त कर दी है। यूं तो गेर 1927 से चल रही है, लेकिन आजादी के बाद से यह नियमित हो गई। इसके बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब रंगपंचमी पर गेर नहीं निकलेगी, वरना आपातकाल, दंगों और भीषण सूखे के दौर में भी सिलसिला नहीं थमा। प्रशासन ने शुक्रवार देर रात आयोजकों के साथ बैठक कर रंगपंचमी से जुड़े अन्य सभी कार्यक्रम भी रद्द कर दिए।

1976 : आपातकाल की बंदिश में भी सीएम ने दिलवाई अनुमति
आपातकाल के दौरान श्यामाचरण शुक्ल सीएम थे। संगम गेर के संयोजक प्रेमस्वरूप खंडेलवाल ने बताया, 1976 में गेर की अनुमति न मिलने के संकेत हमें मिल गए थे। हफ्तेभर पहले तत्कालीन एडीएम रावत और सीएसपी नरेंद्रसिंह ने कहा कि पैदल घूमते हुए गेर निकाल लो। हम सभी ने विरोध किया। बात सीएम तक पहुंची। उन्होंने कलेक्टर सूद से रास्ता निकालने को कहा। सूद साहब मल्हारगंज आए और आयोजकों से बोले- आप तो गेर निकालो, परंपरा में हम कहीं बाधा नहीं बनेंगे। 
 

1992 : दंगे का माहौल, तो भी गेर निकाली ताकि बने सौहार्द
टोरी कॉर्नर गेर के संयोजक शेखर गिरि ने बताया, 74 साल में हमारी गेर अभी पांच साल पहले हमारे एक साथी के निधन के कारण रद्द की थी।  इसके अलावा 2002-03 में सूखा पड़ने पर प्रशासन ने कम पानी वाली गेर निकलवाई थी, लेकिन निरस्त तो ये आपातकाल में भी नहीं हुई। उलटे 90 के दशक में जब रामजन्म भूमि आंदोलन के दौरान शहर के कई हिस्सों में दंगा हुआ था, तब कलेक्टर नरेश नारद ने हम सबको बुलाया और बोले- आप लोग इस बार गेर जरूर निकालो। इससे माहौल बदलेगा। और ऐसा ही हुआ। गेरों का रंगारंग कार्यक्रम हुआ, उसके बाद शहर में तनाव भी कम हो गया। 

...लेकिन इंदौरवासियों का जज्बा जोरदार, शान से निकला बजरबट्टू का जुलूस 
बजरबट्टू सम्मेलन पर भी कोरोना वायरस का असर नजर आया। प्रशासन द्वारा जारी गाइड लाइन के बाद यह सम्मेलन शुक्रवार को निरस्त करने के आदेश हो गए, लेकिन इसकी शोभायात्रा जोश के साथ निकाली गई। विशेष वेशभूषा में रथ, ट्राले, बग्घी, घोड़े आदि पर सवार होकर बजरबट्टू निकले। 

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