मप्र / पीथमपुर से गुणावद तक पटरी के लिए बना बेस, टीही में बनी टनल



Tunnel built from Pithampur to Gunavad, a base built for the track
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Tunnel built from Pithampur to Gunavad, a base built for the track

  • इंदौर-दाहोद व्हाया धार रेल लाइन : 27 साल बीते फिर भी धीमी है रफ्तार

Dainik Bhaskar

Oct 13, 2019, 07:09 AM IST

उदय आरस  |धार 27 साल पहले जब इंदौर-दाहोद वाया धार वैकल्पिक रेल लाइन स्वीकृत की गई थी तब पीथमपुर में अधिक बसाहट नहीं थी। रेल की पटरी बिछाने के साथ अन्य कामों में देरी होती गई। इस बीच पीथमपुर में घनी आबादी बस गई है। इस कारण पूर्व में सीधी निकलने वाली रेल लाइन की जगह पर अब उसे तीन किमी की टनल के माध्यम से निकाला जा रहा है, ताकि पीथमपुर के लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अभी तक पीथमपुर में चौपाटी से आधा किमी पहले बिचौली के पास धार तरफ का सिरा बन चुका है, पीथमपुर से टीही की ओर पानी आ जाने से काम बंद है। मोटरों से पानी निकालने का प्रयास चल रहा है। 


जो सुरंग बनाई जा रही है वह पीथमपुर के नीचे से निकाली जाएगी। इसकी कुल लंबाई 3 किमी है। धार तरफ के छोर से पीथमपुर की ओर अभी तक 0.75 किमी (750 मीटर) का काम हो चुका है। इसके आगे का काम जारी है। कर्मचारियों की माने तो पहले कच्चा काम होता है। इसमें खुदाई के बाद लोहे की जाली बनाकर छत व बेस पक्का किया जाता है। फिर विशेषज्ञ इंजीनियर इसे चेक करते हैं। यदि काम में कमी रह जाती है तो उसे फिर से बनाया जाता है। 


इंदौर, राऊ, टीही तक रेल की पटरी बिछ गई है। पीथमपुर से टीही रेलवे स्टेशन तक कंटेनर पहुंच रहे हैं। इससे सड़क पर भार कम हुआ है। इधर धार जिले में पीथमपुर, बिचौली, सुलावड, खेड़ा, बक्साना, घाटाबिल्लौद और इसके बाद गुणावद तक 20 किमी क्षेत्र में अर्थवर्क हो गया है। गुणावद में भेरू मंदिर तक अर्थवर्क किया गया है। इसके बाद सड़क क्रास कर धार की ओर बढ़ना है, लेकिन यह काम अभी शुरू नहीं किया गया है।

 

  •  इंदौर, राऊ, टीही तक रेल की पटरी बिछ गई।
  •  पीथमपुर, बिचौली, सुलावड, खेड़ा, बक्साना, घाटा बिल्लौद और गुणावद तक अर्थवर्क पूरा हुआ।
  •  गुणावद से धार तक अर्थवर्क भी अधूरा है। 
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