• Hindi News
  • Madhya Pradesh
  • Indore
  • News
  • Indore - बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक
--Advertisement--

बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक

बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक सिटी रिपोर्टर | इंदौर सिंधी के साहित्यकार कृष्ण...

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 03:51 AM IST
Indore - बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक
बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक

सिटी रिपोर्टर | इंदौर

सिंधी के साहित्यकार कृष्ण खटवाणी की स्मृति में किए गए कार्यक्रम में उनकी दो कहानियों पर नाटक मंचित किए गए और गायिका निशा चेलानी ने गीतों की प्रस्तुति दी। रविवार को प्रीतमलाल दुआ सभागृह में भोपाल के सिंधी रंग समूह ने विछोडो व सियारे जो हिक डिह नाटकों का मंचन अशोक बुलानी के निर्देशन में किया। किया।

बिछाड़ो और सियारे जो डिह नाटक किए गए मंचित

मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग की सिंधी साहित्य अकादमी ने सिन्धु संस्कृति परिषद इंदौर के सहयोग से किए इस कार्यक्रम में साहित्यकार रश्मि रमानी ने कृृष्ण खटवाणी के जीवन और उनकी रचनात्मकता पर संबोधन दिया। गायिका निशा चेलानी ने शास्त्रीय संगीत पर आधारित सिंधी गीतों को प्रस्तुत किया। कीबोर्ड पर योगेश पाठक, ऑक्टोपेड पर पंकज राजानी, तबले पर मुकेश रासगया और ढोलक पर शुभम आईना ने संगत की। नाटक बिछाड़ो विभाजन के समय दो प्रेमियों की मार्मिक कहानी है। देश विभाजन के समय दो प्रेमी एक दूसरे से बिछड़ जाते हैं और बरसों बाद एक एअयपोर्ट पर मिलते हैं। लड़का लड़की से पूछता है कि क्या आपने शादी कर ली। लड़की के हां कहने के बाद लड़का कहता है कि मैं तो आज तक तुम्हारा इंतज़ार कर रहा हूं। लड़के रवि की भूमिका गुल पहलाजजानी और लड़की रेखा की भूमिका मीना पहलाजानी ने की। दूसरा नाटक एक ऐसे व्यक्ति ज्ञानचंद की कहानी है जो ठेले से व्यापार शुरू कर शो रूम का मालिक बनता है लेकिन उसका बेटा आलीशान मकान बनाने के लिए शो रूम बेच देता है और माता-पिता को अकेला छोड़ देता है। ज्ञानचंद जब नौकरी ढूंढने एक शो रूम पर जाता है तो उसका मालिक कहता है कि आप ही ने मुझे एक ठेला दिलाकर कहा था कि व्यापार करो। उसी ठेसे ले मैंने तरक्की कर यह शो रूम बनाया। आप मेरे शो रूम पर बैठिए, आप ही इसके मालिक हैं। इसमें ओ.पी. आसूदानी, सरिता खियानी,गुल पहलाजानी, ज्योति चावला और विजय ज्ञानचंदानी ने भूमिकाएं की। स्वागत प्रकाश पारवानी और राजेंद्र प्रेमचंदानी ने किया। गोपाल वाधवा का सम्मान किया गया।

साहित्यकार कृष्ण खटवानी की दो कहानियों पर नाटकों का मंचन किया गया, निशा चेलानी ने गीतों की प्रस्तुति दी

निशा चेलानी

Indore - बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक
X
Indore - बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक
Indore - बंटवारे और रिश्तों की त्रासदी को बयां करते दो सिंधी नाटक
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..