पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

देवास से उज्जैन हाेकर बदनावर तक फाेरलेन बनेगा पर शहर का हिस्सा टू-लेन ही रहेगा

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
प्रातीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रातीकात्मक फोटो।
  • एमपीआरडीसी से एनएचएआई काे हस्तांतरित हाे रही राेड की याेजना काे चार दिन पहले मुख्यमंत्री दे चुके हैं मंजूरी
  • नागूखेड़ी से उज्जैन राेड रेलवे ब्रिज तक 3 किमी सड़क टू लेन रह जाएगी, कांग्रेसी बोले - जुड़वाएंगे शहर का हिस्सा

देवास. देवास से उज्जैन हाेकर बदनावर तक फाेरलेन बायपास के नागूखेड़ी फाटे से बनना शुरू हाेगा। इससे नागूखेड़ी से उज्जैन राेड रेलवे ब्रिज तक 3 किमी सड़क टू लेन ही छूट जाएगी। राेड नागूखेड़ी के बजाय उज्जैन राेड रेलवे ब्रिज से चालू हाे ताे ही लाेगाें काे नई सड़क का पूरा फायदा मिलेगा। अन्यथा 3 किमी में परेशानी यथावत रहेगी।


फाेरलेन की मंजूरी 4 दिन पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ दे चुके हैं। इसके साथ ही एक उलझन खड़ी हाे गई है। वह है देवास शहर के अंदर के उज्जैन राेड की। दरअसल यह राेड देवास में नागूखेड़ी में जहां बायपास खत्म हाेता है, वहां से बनेगा। ऐसे में नागूखेड़ी से उज्जैन राेड रेलवे ब्रिज तक का 3 किमी का राेड जाे अभी टूलेन है, वह ऐसा ही रह जाएगा। स्वीकृत याेजना के तहत देवास से उज्जैन हाेकर बदनावर तक का राेड अभी एमपीआरडीसी का है लेकिन नई याेजना में इसे नेशनल हाईवे के रूप में अधिसूचित किया गया है और फाेरलेन का निर्माण एनएचएआई कर रहा है। 


राेड एमपीआरडीसी से एनएचएआई काे हैंडओवर हाेगा। याेजना पूर्ण हाेने के बाद उज्जैन तक फाेरलेन हाे जाएगा लेकिन देवास शहर से उज्जैन जाने वाला यह 3 किमी का हिस्सा टूलेन रह जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में हाेने से निर्माण की जिम्मेदारी निगम काे साैंपी जाती है ताे आर्थिक हालात ऐसे हैं कि बरसाें तक निगम राशि नहीं जुटा पाएगा, जब तक कि राज्य शासन से बजट ना मिले। देवास-बदनावर फाेरलेन नागूखेड़ी के बजाय उज्जैन राेड ब्रिज से शुरू हाे ताे समस्या का सामाधान हाे सकता है।

शहर के बीच का हिस्सा फाेरलेन बनाना इसलिए जरूरी

  • ढाई किमी बचाने के लिए शहर से जाता है उज्जैन से भाेपाल का ट्रैफिक: उज्जैन से भाेपाल के लिए जाने वाला अधिकांश ट्रैफिक शहर के अंदर से जाता है। इसका कारण यह है कि बायपास से भाेपाल तिराहे तक जाने में 10 किमी की दूरी हाे जाती है। जबकि देवास में शहर के अंदर से जाने पर साढ़े 7 किमी हाेता है। ढाई किमी बचाने के लिए लाेग निकलते हैं।
  • रेलवे का रैक प्वाइंट और सीमेंट के गाेदाम से है भारी ट्रैफिक: रेलवे का रैक प्वाइंट इसी राेड पर है। इसके कारण बड़ी संख्या में ट्रक इस टूलेन हिस्से में आते हैं। इसी हिस्से में सीमेंट के गाेदाम भी है। उनका भी ट्रैफिक रहता है। बार-बार यहां जाम लगता है। यह ट्रैफिक इस हिस्से में यथावत बना रहेगा।
  • श्रद्धालु माता दर्शन करते हुए जाते हैं, इसलिए शहर से हाेकर निकलते हैं: उज्जैन से भाेपाल या मक्सी की तरफ जाने वाले लाेग देवास शहर के अंदर से लाते हैं। इसकी वजह है माता टेकरी। लाेग माता दर्शन करते हुए जाते हैं। इस कारण इस राेड पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा है। बायपास चालू हाे चुका है। बावजूद ज्यादा ट्रैफिक शहर के भीतर वाले इस टूलेन हिस्से में ही है।
  • शहर भी इस तरफ फैल रहा, गर्ल्स काॅलेज भी यहीं: शहर भी उज्जैन राेड की तरफ तेजी से फैल रहा है। बायपास तक निर्माण हाे चुके हैं। गर्ल्स काॅलेज भी यहीं हैं। उज्जैन राेड के लिए इटावा बस स्टैंड भी इसी बीच अाता है। राम मंदिर है, जहां दर्शन के लिए खासी भीड़ रहता है। बीमा राेड से बड़े हिस्से काे यह राेड जाेड़ता है।