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खाली पालने की यह तस्वीर सुखद है, 4 महीने से 8 जगह पालने रखे, एक भी लावारिस बच्चों का केस नहीं आया सामने

नवजात को लावारिस छोड़ने या जंगल में फेंकने के बजाय इसमें रख दें लेकिन पालना है खाली।

Bhaskar News | Last Modified - Jun 11, 2018, 08:50 AM IST

  • खाली पालने की यह तस्वीर सुखद है, 4 महीने से 8 जगह पालने रखे, एक भी लावारिस बच्चों का केस नहीं आया सामने
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    रेलवे स्टेशन पर रखा यह खाली पालना

    खंडवा (इंदौर). रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 5 पर रखा यह खाली पालना सुखद अहसास करा रहा है। क्योंकि फरवरी 2018 से पालने को यहां रखा है ताकि कोई भी नवजात को लावारिस छोड़ने या जंगल में फेंकने के बजाय इसमें रख दें। उसका पालन पोषण महिला सशक्तिकरण विभाग करेगा। यह तस्वीर इसलिए भी सुखद है क्योंकि पिछले दो साल में 10 नवजात लावारिस मिले थे। यानी हर सवा दो महीने में एक लावारिस बच्चा।


    लावारिस बच्चों को फेंकने से रोकने और इनकी सुरक्षा के लिए शहर के 8 सार्वजनिक स्थानों पर पालना लगाया गया। महिला सशक्तिकरण विभाग की पहल पर फरवरी 2018 में पालने लगाने के बाद एक भी बच्चा चार महीने में लावारिश नहीं मिला। इससे एक महीने पहले यानी जनवरी में ही प्लेटफार्म नंबर-6 पर कुछ दिन पहले जन्मी नवाजात लावारिश हालत में मिली थी।

    अफसर बोले- पालन-पोषण हमारी जिम्मेदारी

    समिति एवं विभाग के सदस्य और अफसरों ने लोगों से अपील की है कि नवजात को फेंके नहीं, हमें दें, हम उनका पालन-पोषण करेंगे। ऐसे बच्चों को पालने में छोड़ जाएं। बच्चे की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए बाल संरक्षण विभाग की टीम बाल कल्याण समिति के माध्यम से जरूरी कार्यवाही करेगी। बच्चों की सुरक्षा तय करेगी।

    11 बच्चों को पाल रहे धनाढ्य परिवार

    पिछले पांच सालों में 20 से ज्यादा नवजात शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लावारिश हालत में मिले। कानूनी प्रक्रिया के तहत शहर के 11 परिवारों ने बच्चों को गोद लिया। फिलहाल बच्चों की परवरिश शहर के धनाढ्य परिवारों में हो रही है।

    यहां हैं पालने

    शहर में 8 सार्वजनिक स्थानों पर पालने लगे हैं। महिला सशक्तिकरण विभाग ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-6 के साथ हिंदू बालसेवा सदन, बालसखा रतागढ़, नवजीवन चिल्ड्रन होम, वन स्टाफ सेंटर में पालना लगाया है।

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    जनवरी में प्लेटफार्म पर मिली थी बच्ची।
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Web Title: Unclaimed Children's Case Did Not Come
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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