• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Itarsi News
  • चतुर्थ श्रेणी के दर्जे के लिए अड़े कुली यात्रियों ने खुद उठाया अपना सामान
--Advertisement--

चतुर्थ श्रेणी के दर्जे के लिए अड़े कुली यात्रियों ने खुद उठाया अपना सामान

हम दुनिया का बोझ उठाते हैं, इसके बाद भी हमारे बारे में कोई भी सुनने वाला नहीं है। सरकार हम लोगों की ओर ध्यान नहीं दे...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:55 AM IST
हम दुनिया का बोझ उठाते हैं, इसके बाद भी हमारे बारे में कोई भी सुनने वाला नहीं है। सरकार हम लोगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है। यह कहते हुए रेलवे स्टेशन के बैग स्कैनर के पास बुधवार सुबह 9 बजे से इटारसी के कुली हड़ताल पर बैठे। धरना प्रदर्शन कर ग्रुप डी का दर्जा दिलाने के लिए किया गया।

रेलवे जंक्शन, स्टेशनों पर ट्रेन यात्रियों का बोझ उठाने वाले कुलियों को चतुर्थ श्रेणी में शामिल कराने की मांग को लेकर नेशनल फेडरेशन ऑफ रेलवे पोर्टर्स, वेंडर वेयरर्स के तत्वावधान में पूरे देशभर में एक दिवसीय हड़ताल की गई। हड़ताल के कारण हजारों यात्रियों को अपना सामान खुद उठाना पड़ा। सबसे ज्यादा उन बुजुर्गों को परेशानी हुई जिनके पास तीन-चार बैग साथ में थे। होली के दो दिन पहले स्टेशन पर यात्रियों की ज्यादा भीड़ रही। बुधवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कुली हड़ताल पर बैठे रहे। इसके बाद सभी अपने-अपने घर गए। किसी ने भी काम नहीं किया। कुलियाें ने सरकार को चुनौती दी कि जल्द हमारी मांगे नहीं पूरी हुई तो उग्र अांदोलन करेंगे।

इटारसी|

सरकार के ध्यान नहीं देने से नाराज कुली बोले- भूखे मरने की नौबत आ गई है

लिफ्ट, ट्रॉली बैग के चलने से भूखे मरने की आ रही नौबत


हम चतुर्थ श्रेणी के हकदार है, हमें नौकरी मिलना चाहिए


पूर्व रेल मंत्री ने चतुर्थ दर्जा दिलाने के लिए कहा था

नेशनल फेडरेशन ऑफ रेलवे पोर्टर्स, वेंडर वेयरर्स की इटारसी इकाई अध्यक्ष अर्नेस्ट ने कहा पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्ष 2008 में कुलियाें को चतुर्थ श्रेणी का दर्जा दिए जाने के लिए कहा था। उसके बाद किसी भी रेल मंत्री ने उनके परेशानियों की तरफ ध्यान नहीं दिया। कोई उचित पारिश्रमिक तय नहीं किया है। शारीरिक रूप से कमजोर होने पर हम बेरोजगार हो जाते हैं। वृद्धावस्था में भी कोई योजना नहीं है। कुलियों के मामले में सरकारें संवेदनहीन हैं।

कंधे पर बैग उठाकर ले जाना पड़ा