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50 परिवाराें के बच्चे सीख रहे बाल विद्या संस्कार

स्कूल की परीक्षा हो गई अब जैन समाज के बच्चों के लिए सात दिन की संस्कारों की पाठशाला शुरू हो गई है। यह कदम अार्यिका...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 03:30 AM IST
स्कूल की परीक्षा हो गई अब जैन समाज के बच्चों के लिए सात दिन की संस्कारों की पाठशाला शुरू हो गई है। यह कदम अार्यिका संघ की पहल पर समाज की महिलाओं ने उठाया है। बाल विद्या संस्कार एवं प्रशिक्षण पाठशाला सात दिनों की है। यह पाठशाला एक मार्च से पहली लाइन के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में शुरू कर दी गई है। पहले दिन 50 परिवारों के बाल प्रशिक्षणार्थी आए। मंदिर में दर्शन, आरती व परिक्रमा करने वाले बच्चे अब पार्श्वनाथ वेदी के समक्ष संस्कार की क्लास में बैठेंगे। शाम को महावीर भवन में गुरुभक्ति सीखने जाएंगे।

सात दिनों की संस्कार पाठशाला की जिम्मेदारी श्रीजी महिला मंडल व राजुल महिला मंडल को दी गई है। इसमें शिक्षाप्रद ज्ञान से 4 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण किया जाएगा। सुबह शिविर स्थल पर ही बच्चों के स्वल्पाहार का इंतजाम किया गया है। गांधीनगर के शांतिनाथ मंदिर एवं न्यास कॉलोनी कावेरी स्टेट के आदिनाथ मंदिर से बच्चों को शिविर स्थल तक लाने ले जाने हेतु परिवहन की व्यवस्था की जा रही है। इससे शिविर में बच्चों की संख्या 80-100 तक पहुंच जाएगी।

अार्यिका संघ की पहल

जैन समाज की महिलाओं ने पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में लगाई 7 दिन की पाठशाला

इटारसी। बच्चों को बाल विद्या संस्कार की जानकारी देती अार्यिका।

आर्यिकाएं बोलीं संस्कार प्रधान है जैन धर्म

संघ प्रमुख आर्यिका दुर्लभमति एवं अंतर्मति ने बताया कि जैन धर्म में संस्कारों का विशेष महत्व है। शिविर लगाने का उद्देश्य बच्चाें को शरीर, मन और मस्तिष्क की शुद्धि और उनको बलवान करना है। इससे बच्चे समाज में अपनी भूमिका आदर्श रूप मे निभा सकेंगे।

ऐसे लाया जाएगा नई

पीढ़ी में बदलाव

1 शिविर में आने वाले बच्चे सात दिन में सामूहिक पूजन और गुरुभक्ति में पारंगत हो जाएंगे। बच्चों को संस्कारों की शिक्षा दी जाएगी।

2 समाज की एक चिंता बच्चों का मोबाइल फोन और वीडियो गेम्स में बिजी रहना है। उन्हें परिवार के साथ संवाद और समाज में सक्रिय भागीदारी से जोड़ा जाएगा।

3 बच्चों में छुपी सृजनात्मक क्षमता को बढ़ावा दिया जाएगा। आध्यात्मिक खेल गतिविधियां भी होंगी। बच्चों को इसके लिए प्रेरित समाज की ही टीन एजर्स छात्राएं करेंगी।