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जीएम आज 45 मिनट तक करेंगे निरीक्षण एक दिन पहले अफसरों ने देखी व्यवस्थाएं

रेल जीएम के दौरे की तैयारी, एक दिन पहले एफओबी की जाली पर रंग-रोगन चलता रहा। पिछले साल जीएम के निरीक्षण के समय बिजली...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 05:55 AM IST

रेल जीएम के दौरे की तैयारी, एक दिन पहले एफओबी की जाली पर रंग-रोगन चलता रहा।

पिछले साल जीएम के निरीक्षण के समय बिजली सप्लाई हो गई थी बंद

भास्कर संवाददाता | इटारसी

जबलपुर रेल जोन के महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई शुक्रवार को 45 मिनट में इटारसी जंक्शन का निरीक्षण करेंगे। शुक्रवार सुबह 10:15 बजे से 11 बजे तक जीएम इटारसी में रहेंगे। यहां नए कार्य वॉटर रिसाइकिलिंग प्लांट, 12 बंगला में नई टिकट खिड़की, बुनियादी प्रशिक्षण केंद्र, एसी शेड में सीमूलेटर सेंटर का निरीक्षण करेंगे। औपचारिक उद्घाटन के बाद ये प्रोजेक्ट शुरू होंगे।

जीएम के आने के 24 घंटे पहले गुरुवार को भाेपाल मंडल से आए विभागीय अधिकारी स्टेशन की कमियों को दुरुस्त करने में जुटे रहे। प्लेटफार्म, मुसाफिरखाना, बुकिंग ऑफिस, फुट ओवरब्रिज पर सफाई व रंग-रोगन का काम चलता रहा। जीएम के दौरे को लेकर एक माह से स्टेशन पर तैयारियां चल रही थीं।

जहां शिकायत थी वहां इलेक्ट्रिक विभाग ने केबल लाइन चैक की और फॉल्ट ठीक किए ताकि पिछले साल जीएम के निरीक्षण के समय बिजली सप्लाई बंद होने की नौबत दोबारा न आए। गाैरतलब है कि 2017 में जीएम पिल्लई इटारसी आए थे। जैसे ही उन्होंने स्टेशन प्रबंधक कक्ष में प्रवेश किया। तभी बिजली गुल हाे गई थी।

वाॅटर रिसाइकिलिंग प्लांट

2.5करोड़ रुपए

अभी तक यह थी समस्या : ट्रेनों में वाॅटरिंग, स्टेशन की धुलाई के बाद हजारों लीटर पानी बह जाता था। गर्मियों के दिनों में पानी की किल्लत से यात्रियाें को पानी के लिए भटकना पड़ता था। ट्रेनों में वाटरिंग प्रभावित होती थी।

ये हाेगा फायदा : वाॅटर रिसाइकिलिंग प्लांट में स्टेशन से बेकार हुए पानी को दोबारा रिसाइकिल किया जाएगा। इस पानी का उपयोग प्लेटफार्म की धुलाई में होगा। प्रतिदिन में 6 लाख लीटर पानी को रिसाइकिलिंग करेंगे। जिससे पानी की समस्या में कमी आएगी।

स्टेशन पर इन यात्री सुविधाओं की दरकार

स्टेशन का खुला परिसर

टिकट बुकिंग ऑफिस के बाहर का क्षेत्र खुला होने से बरसात के दिनों में यात्रियों को खड़े रहने की समस्या आती है। ऑटो तक आने-जाने में यात्री भीग जाते हैं। यहां टीन शेड लगाया जा सकता है।

इनका स्टॉपेज चाहिए

इटारसी से हरिद्वार के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हरिद्वार एसी ट्रेन यहां से निकलती है पर रुकती नहीं। राजधानी ट्रेन का स्टाॅपेज नहीं है।

एफओबी कब बनेगा

एक फुट ओवरब्रिज है। यात्री मुंबई छोर की तरफ बोगियों से उतरते हैं तो उन्हें पैदल चलकर एफओबी तक आना पड़ता है। दूसरे एफओबी की घोषणा खुद जीएम ने की थी।

स्टेशन का खुला परिसर

टिकट बुकिंग ऑफिस के बाहर का क्षेत्र खुला होने से बरसात के दिनों में यात्रियों को खड़े रहने की समस्या आती है। ऑटो तक आने-जाने में यात्री भीग जाते हैं। यहां टीन शेड लगाया जा सकता है।

इनका स्टॉपेज चाहिए

इटारसी से हरिद्वार के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हरिद्वार एसी ट्रेन यहां से निकलती है पर रुकती नहीं। राजधानी ट्रेन का स्टाॅपेज नहीं है।

एफओबी कब बनेगा

एक फुट ओवरब्रिज है। यात्री मुंबई छोर की तरफ बोगियों से उतरते हैं तो उन्हें पैदल चलकर एफओबी तक आना पड़ता है। दूसरे एफओबी की घोषणा खुद जीएम ने की थी।

रेल सुविधाओं का इजाफा

एसी शेड में सिमूलेटर सेंटर

10करोड़ रुपए 2015 में निर्माण कार्य चालू हुआ था।

यह थी समस्या

जबलपुर जोन में सिमूलेटर सेंटर नहीं होने से ड्राइवरों को प्रशिक्षण के लिए भुसावल जाना होता था। भुसावल में केवल डब्ल्यूएजी-5 पैटर्न के इंजनों को चलाने का ही प्रशिक्षण मिलता था।

फायदा

सिमूलेटर सेंटर खुलने से भुसावल नहीं जाना होगा। यह सेंटर हाईटेक रहेगा। इसमें डब्ल्यूएपी-4 और डब्ल्यूएजी-7 पेटर्न के इंजनों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्टेशन का खुला परिसर

टिकट बुकिंग ऑफिस के बाहर का क्षेत्र खुला होने से बरसात के दिनों में यात्रियों को खड़े रहने की समस्या आती है। ऑटो तक आने-जाने में यात्री भीग जाते हैं। यहां टीन शेड लगाया जा सकता है।

इनका स्टॉपेज चाहिए

इटारसी से हरिद्वार के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हरिद्वार एसी ट्रेन यहां से निकलती है पर रुकती नहीं। राजधानी ट्रेन का स्टाॅपेज नहीं है।

एफओबी कब बनेगा

एक फुट ओवरब्रिज है। यात्री मुंबई छोर की तरफ बोगियों से उतरते हैं तो उन्हें पैदल चलकर एफओबी तक आना पड़ता है। दूसरे एफओबी की घोषणा खुद जीएम ने की थी।

12 बंगला तरफ नया टिकटघर

अभी तक ये आती थी समस्या

12 बंगला क्षेत्र, पुरानी इटारसी सहित 15 गांवों के लोगों को ट्रेनों की टिकट लेने स्टेशन के उत्तरी छोर पर आना पड़ता था। यह मांग रेल उच्च प्रबंधन तक पहुंची थी।

ये होगा फायदा

यात्रियों काे दक्षिण छोर से टिकट मिलेगी। मुख्य टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ कम होगी।

कैरिज वॉटर सिस्टम

1.60 करोड़ रुपए। प्लेटफार्म 7 जबलपुर छोर पर पानी की टंकी। समय छह से 8 माह लगे।

यह थी समस्या: ट्रेन की वॉटरिंग में दस मिनट लगते थे। कई बार ट्रेनों के कुछ कोचों में पानी ही नहीं भरा पाता था।

ये होगा फायदा : कैरिज वॉटर सिस्टम से प्रेशर के साथ ट्रेन के सभी कोच में एक साथ वॉटरिंग होगी। वॉटरिंग में केवल पांच मिनट लगेंगे।

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