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ट्रैक के गैप में 2 का सिक्का रख ग्रीन सिग्नल किया था रेड, फिर देते थे वारदात को अंजाम

बदमाशों के एक गिरोह ने रेलवे ट्रैक के गैप में दो रुपए का सिक्का रखकर ग्रीन सिग्नल को रेड कर दिया।

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 11:51 AM IST

इटारसी (एमपी)। भोपाल-इटारसी के बीच पवारखेड़ा स्टेशन के पास 4 बदमाशों के एक गिरोह ने रेलवे ट्रैक के गैप में 2 रुपए का सिक्का रखकर ग्रीन सिग्नल को रेड कर दिया। ट्रेन में वारदात करने के इरादे से रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ की गई। इससे संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रुक गई। मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने गिरोह के एक आरोपी कलीम को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को इसे रेलवे कोर्ट भोपाल में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके तीन साथियों की तलाश की जा रही है।


- घटना 14 मई शाम करीब 5 बजे की है। जांच में यह पुष्टि हो गई कि बदमाशों के गिरोह ने ट्रैक की पटरी पर सिक्का रख सिग्नल में गड़बड़ी की इससे ग्रीन से रेड सिग्नल हो गया।

- जब आरपीएफ ने पड़ताल की तो गिराेह का पता चल गया। सिग्नल के साथ छेड़छाड़ करने वाला एक आरोपी इटारसी के पीपल मोहल्ला निवासी कलीम निकला।

- पूछताछ करने पर गिरोह के तीन अन्य आरोपी गुड्डू उर्फ मामा, विनोद और रोशन के नाम सामने आए। इसमें एक आरोपी पर हत्या का भी आरोप है।

- पूछताछ में आरोपी कलीम नेसवालों के भटकाने वाले जवाब दिए। कभी कहता सिक्का चपटा करने के लिए ऐसा किया तो कभी मजे लेने व परेशान करने के लिए सिग्नल फेल किया।

- सिग्नल खराब करने के पीछे का ठोस कारण आरोपी नहीं बता पाया है। आरपीएफ फिलहाल यह अनुमान लगा रही कि ट्रेन में लूट की वारदात करने की योजना भी हो सकती है।

- गाड़ी तो खड़ी कर दी लेकिन वारदात नहीं कर पाए जिसे वे अंजाम देने वाले थे।

- आरपीएफ इंसपेक्टर एसपी सिंह ने बताया, आरोपी कलीम को गुरुवार को रेलवे कोर्ट भोपाल में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

- आरोपी ने घटना का सही कारण नहीं बताया। घुमा-फिरा कर जवाब दिए। उसके तीन अन्य आरोपियों के पकड़ाने पर ही घटना के पीछे का सही कारण पता चलेगा।


इसी हफ्ते हो चुकीं लूट की वारदातेें
- इटारसी के पवारखेड़ा स्टेशन के पास सिग्नल फेल होने की घटना के दो दिन पूर्व रात एक बजे झेलम एक्सप्रेस को रोका गया था। एस-3 कोच की विंडो के पास सो रही महिला के गले से सोने की चेन खींची गई। वारदातें कर आरोपी फरार हो जाते हैं।


रेड सिग्नल देख पायलट ने ट्रेन रोकी
- 14 मई को पवारखेड़ा-इटारसी स्टेशन के बीच ट्रैक पर सिक्का रखकर तकनीकी गड़बड़ी की गई। सिग्नल को फेल किया गया। सिग्नल ग्रीन से रेड हो गया। तभी भोपाल की ओर से आ रही हजरत निजामुद्दीन-यशवंतपुर संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पायलट ने रेड सिग्नल देखकर ट्रेन रोक दी।

- आरपीएफ ने ट्रैक पर रखा सिक्का जब्त किया। उप निरीक्षक डीपी सिंह, चंद्रमोहन यादव, संतोष सिंह कुशवाहा को जांच अधिकारी नियुक्त किया।

- टीम ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। गैंग का एक आरोपी कलीम पकड़ाया। उसने बताया गुड्डू, विनोद, रोशन और एक अन्य ने सिग्नल फैल किया था।


गैप के बीच दो रुपए का सिक्का रख देते हैं
- बदमाशों ने ट्रेन रोकने के लिए भौतिक-विज्ञान की साधारण तकनीक का इस्तेमाल किया। दो ट्रैकों के गैप रखा जाता है। सर्किट को बंद करने इसमें इंसुलेटिंग मटेरियल (रोधक पदार्थ) भरा जाता है।

- ट्रेन चलती है, तो इसके पहिए ट्रैक और सिग्नल की बीच कनेक्ट के रूप में काम करते हैं। जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती ये लोग उस गैप के बीच एक या दो रुपए का सिक्का इस तरह रख देते थे जिससे ये दोनों ट्रैकों के टच में रहे।

- ट्रैक को सिग्नलिंग सर्किट से दूर रखता है जिससे सिग्नल लाल हो जाता है और ट्रेन रुक जाती है।


ऐसी घटनाएं प्राय: यूपी के इलाहाबाद, जौनपुर, वाराणसी, मुगलसराय तथा बिहार के बक्सर व आरा में हुईं हैं जहां कई ट्रैकों पर सिक्के रखकर ट्रेनों को रोका गया। मप्र में पिछले साल मंडीबामोरा के पास सिग्नल प्वाइंट पर सिक्का रखकर सिग्नल फेल कर भोपाल-रीवा एक्सप्रेस को रोका गया था।

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