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ट्रैक के गैप में 2 का सिक्का रख ग्रीन सिग्नल किया था रेड, ट्रेन में थी वारदात की योजना

भोपाल और इटारसी के बीच पवारखेड़ा स्टेशन के पास चार बदमाशों के एक गिरोह ने रेलवे ट्रैक के गैप में दो रुपए का सिक्का...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:45 AM IST
भोपाल और इटारसी के बीच पवारखेड़ा स्टेशन के पास चार बदमाशों के एक गिरोह ने रेलवे ट्रैक के गैप में दो रुपए का सिक्का रखकर ग्रीन सिग्नल को रेड कर दिया। ट्रेन में वारदात करने के इरादे से रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ की गई। इससे संपर्क क्रांति एक्सप्रेस रुक गई। मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने गिरोह के एक आरोपी पीपल मोहल्ले के कलीम को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को इसे रेलवे कोर्ट भोपाल में पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके तीन साथियों की तलाश की जा रही है। इनमें एक हत्या का आरोपी है जो अपने साथियों के साथ ट्रेनों में अवैध वेंडरिंग करता है।

घटना 14 मई को शाम करीब 5 बजे की हैं। जांच में यह पुष्टि हो गई कि बदमाशों के गिरोह ने ट्रैक की पटरी पर सिक्का रख सिग्नल में गड़बड़ी की इससे ग्रीन से रेड सिग्नल हो गया। जब आरपीएफ ने पड़ताल की तो गिराेह का पता चल गया। सिग्नल के साथ छेड़छाड़ करने वाला एक आरोपी पीपल मोहल्ला निवासी कलीम निकला। पूछताछ करने पर गिरोह के तीन अन्य आरोपी गुड्डू उर्फ मामा, विनोद और रोशन के नाम सामने आए। इसमें एक आरोपी पर हत्या का भी आरोप है। पूछताछ में आरोपी कलीम ने पुलिस को सवालों के भटकाने वाले जवाब दिए। कभी कहता सिक्का चपटा करने के लिए ऐसा किया तो कभी मजे लेने व परेशान करने के लिए सिग्नल फेल किया। सिग्नल खराब करने के पीछे का ठोस कारण आरोपी नहीं बता पाया है। आरपीएफ फिलहाल यह अनुमान लगा रही कि ट्रेन में लूट की वारदात करने की योजना भी हो सकती है। गाड़ी तो खड़ी कर दी लेकिन वारदात नहीं कर पाए जिसे वे अंजाम देने वाले थे। आरपीएफ इंसपेक्टर एसपी सिंह ने बताया आरोपी कलीम को गुरुवार को रेलवे कोर्ट भोपाल में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने घटना का सही कारण नहीं बताया। घुमा-फिरा कर जवाब दिए। उसके तीन अन्य आरोपियों के पकड़ाने पर ही घटना के पीछे का सही कारण पता चलेगा।

गैप के बीच दो रुपए का सिक्का रख देते हैं

बदमाशों ने ट्रेन रोकने के लिए भौतिक-विज्ञान की साधारण तकनीक का इस्तेमाल किया। दो ट्रैकों के गैप रखा जाता है। सर्किट को बंद करने इसमें इंसुलेटिंग मटेरियल (रोधक पदार्थ) भरा जाता है। ट्रेन चलती है, तो इसके पहिए ट्रैक और सिग्नल की बीच कनेक्ट के रूप में काम करते हैं। जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती ये लोग उस गैप के बीच एक या दो रुपए का सिक्का इस तरह रख देते थे जिससे ये दोनों ट्रैकों के टच में रहे। ट्रैक को सिग्नलिंग सर्किट से दूर रखता है जिससे सिग्नल लाल हो जाता है और ट्रेन रुक जाती है।

सागर मांझी हत्याकांड का

आरोपी रोशन

पीपल मोहल्ले का 20 वर्षीय रोशन केवट ने सितंबर 2017 में तालाब के पास भीड़ भरे बाजार में सागर मांझी की हत्या मामूली बात पर कर दी थी। उसे भोपाल में निशातपुरा पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा था। रोशन अवैध वेंडरिंग करता है। मारपीट के 4 मामले पहले से दर्ज हैं।

रेड सिग्नल देख पायलट ने ट्रेन रोकी

14 मई को पवारखेड़ा-इटारसी स्टेशन के मध्य किमी 746/8 के पास ट्रैक पर सिक्का रखकर तकनीकी गड़बड़ी की गई। सिग्नल एस-107 टीआर 478 का ट्रैक सिग्नल फेल गया। सिग्नल ग्रीन से रेड हो गया। तभी भोपाल की ओर से आ रही हजरत निजामुद्दीन-यशवंतपुर संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस के पायलट ने रेड सिग्नल देखकर ट्रेन रोक दी।