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ओरछा के रामराजा मंदिर पहुंचे सीएम, दर्शन को आए श्रद्धालुओं को एक घंटे रोका

रामराजा मंदिर में बुधवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दर्शन किए।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 06:23 AM IST

ओरछा/टीकमगढ़ . ओरछा के इतिहास में पहली बार प्रशासन ने प्रजा (जनता) को रामराजा सरकार के दर्शनों से रोका। यह बात जब ओरछा पहुंचने पर सीएम को पता चली तो उन्होंने अफसरों को फटकार लगाते हुए तत्काल जनता के लिए मंदिर के द्वार खुलवाए। इस दौरान करीब एक घंटे तक प्रशासन ने जनता को मंदिर के अंदर नहीं जाने दिया और बैरिकेड्स लगाकर मंदिर में प्रवेश से रोके रखा। मामला बुधवार सुबह का है जब प्रशासन को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आरेछा पहुंचने की सूचना मिली। सीएम को यहां चल रही मोरारी बापू की रामकथा में शामिल होना था।

- सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने सुबह करीब 9:30 बजे रामराजा सरकार के मंदिर के प्रवेश द्वारा पर बैरिकेड्स लगा कर आम श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी। सुबह 9 बजे मंदिर के द्वार खुलने के थोड़ी देर बाद ही जनता के मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी से वहां मौजूद भक्त समुदाय नाराज हो गया।

- पुलिस व प्रशासन के अफसरों से बहुत मिन्नतें कीं लेकिन उन्हें मंदिर के अंदर नहीं जाने दिया। बात मीडिया व स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंची। इन सभी ने भी रामराजा सरकार के दर्शनों से आमजन को न रोके जाने गुजारिश की लेकिन प्रशासन नहीं माना।

सीएम पहुंचे सीधे रामकथा में
- मुख्यमंत्री शिवराज चौहान सुबह करीब 10.15 बजे ओरछा पहुंचे और सीधे मोरारी बापू की रामकथा में शामिल होने चले गए। वहां सीएम को प्रशासन द्वारा जनता को मंदिर में जाने देने से रोकने की सूचना मिली। सूत्रों के मुताबिक सीएम के निर्देश पर साढ़े दस बजे के करीब रामराजा सरकार के मंदिर में जनता को प्रवेश दिया गया।

दरबार में टेका माथा और प्रशासन को फटकारा
- बाद में मुख्यमंत्री आम प्रजा की तरह रामराजा सरकार के दरबार में पहुंचे और माथा टेक कर , पूजा-अर्चना की व प्रदेश की जनता की खुशहाली की कामना की। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को इस बात के लिए फटकारा भी कि उनके लिये आम जनता को रामराजा सरकार के दर्शन से क्यों रोका गया?