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‘भोपाल गैंग रेप में दोषियों को उम्रकैद, लापरवाह अफसरों के खिलाफ चल रही जांच’

गैंग रेप के बहुचर्चित मामले पर वहां के एडीशनल एसपी धर्मवीर सिंह सोमवार को हाईकोर्ट में हाजिर हुए।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 08:50 AM IST

जबलपुर. भोपाल में एक युवती के साथ हुए गैंग रेप के बहुचर्चित मामले पर वहां के एडीशनल एसपी धर्मवीर सिंह सोमवार को हाईकोर्ट में हाजिर हुए। उन्होंने चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट देकर कहा कि मामले के आरोपियों को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। इस बयान को सुनकर युगलपीठ ने मामले की सुनवाई 3 माह के लिए मुलतवी कर दी।


- गौरतलब है कि 31 अक्टूबर की शाम को करीब 7 बजे विदिशा में रहने वाली एक युवती भोपाल के एमपी नगर में यूपीएससी की कोचिंग लेकर वापस अपने घर जाने की तैयारी में थी। इसी दौरान हबीबगंज रेलवे स्टेशन के पास चार लोगों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया।

- युवती करीब 3 घंटे तक उनकी प्रताड़ना का शिकार हुई। युवती ने जाकर एमपी नगर और हबीबगंज थाने में रिपोर्ट कराना चाही, लेकिन घटना को काल्पनिक होने की बात कहकर दोनों थाने की पुलिस पल्ला झाड़ती रही।
- दोनों थाना पुलिस ने युवती को उसी हालत में एक से दूसरे थाने भटकने मजबूर किया। इसके बाद युवती ने अपने परिवार जनों की मदद से चार में से एक आरोपी को हबीबगंज थाने के पास से पकड़ा और फिर उसे पुलिस के हवाले किया।

- इसके बाद मामले की एफआईआर 1 नवम्बर को रेल पुलिस में दर्ज हुई। उसके बाद लड़की का मुलाहजा कराया गया। पूरा मामला दैनिक भास्कर में प्रकाशित होने के बाद चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने गैंगरेप का शिकार हुई युवती की पीड़ा को काफी संजीदगी से लेते हुए इस मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में करने के निर्देश दिए थे।
- इस मामले पर विगत 13 नवंबर को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने भोपाल के जिला सत्र न्यायाधीश को निर्देशित किया है कि इस मामले की सुनवाई उपयुक्त अदालत में हर रोज कराई जाए।साथ ही युगलपीठ ने महाधिवक्ता को कहा था कि एफआईआर न लिखने वाले अधिकारियों के खिलाफ की जाने वाली विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर पेश की जाए।

- सोमवार को वकीलों द्वारा मनाए जा रहे प्रतिवाद दिवस के चलते खुद एडीशनल एसपी कोर्ट में हाजिर हुए और उन्होंने रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पर गौर करने के बाद युगलपीठ ने सुनवाई मुलतवी कर दी।