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लेफ्टिनेंट कर्नल का लैपटॉप, कंप्यूटर व मोबाइल एमआई ने लैब में भेजे

लेफ्टिनेंट कर्नल की ओर से कईं हाईली कॉन्फिडेंशियल दस्तावेज देश के बाहर भेजे जाने की बात सामने आ रही है।

Dainik Bhaskar

Feb 15, 2018, 08:14 AM IST
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जबलपुर. 506 आर्मी बेस वर्कशॉप से गिरफ्त में लिए गए लेफ्टिनेंट कर्नल की ओर से कईं हाईली कॉन्फिडेंशियल दस्तावेज देश के बाहर भेजे जाने की बात सामने आ रही है। चौबीस घंटों की इंटेरोगेशन के बाद कुछ और भी गंभीर खुलासे हुए हैं। यही वजह है कि आर्मी ऑफीसर के कंप्यूटर हार्डडिस्क, लैपटॉप और मोबाइल मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) द्वारा फारेंसिक जांच के लिए लैब में भेज दिये गए हैं। हनी ट्रैप और गोपनीय दस्तावेज लीकेज के संदेश पर गिरफ्त में लिए गए सैन्य अधिकारी को लेकर मामला और गहराने लगा है।

- आर्मी के कमांड मुख्यालय लखनऊ ने यह अनौपचारिक तौर पर कहा है कि प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर जांच पड़ताल को और आगे बढ़ाया जा रहा है। जबलपुर से जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। स्थानीय तौर पर दूसरे दिन भी सैन्य अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया हासिल नहीं हो पाई।


हर मेल, हर मैसेज की स्क्रीनिंग..!
लैब में इस बात की जांच पड़ताल की जाएगी कि आर्मी ऑफीसर की मेल आईडी से कितने मेल सेंड और रिसीव किए गए। सैन्य सूत्रों का कहना है कि मोबाइल की कॉल डिटेल निकाली जा रही है और साथ ही लोकेशन भी। सूत्रों का कहना है कि इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऑफीसर जिस वक्त डाउटफुल कनेक्टिविटी से जुड़े उस दौरान वे अपने निवास पर रहे या कि दफ्तर में? पी-3

अब एमआई हैडक्वार्टर की मॉनीटरिंग

- मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली स्थित एमआई हैडक्वार्टर ने पूरी प्रक्रिया को अपनी मॉनीटरिंग में ले लिया है।

- सूत्रों का कहना है कि आगे की कार्यवाही के लिए भी मुख्यालय से दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन इस मामले में लखनऊ मुख्यालय के कुछ अधिकारियों को भी शामिल रखा गया है।

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