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प्रेमिका से शादी करने बदली पहचान, रिज़वान ने रख लिया लड्डू पटेल अपना नाम

जब डाउनलोडेड फाइल नहीं खुली तो ई-गवर्नेंस के अधिकारियों ने दूसरी तरकीब अपनाई।

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 04:47 AM IST
आधार कार्ड की असलियत जानने के आधार कार्ड की असलियत जानने के

जबलपुर(मध्यप्रदेश). शहर की होटल में लड्डू पटेल नाम से शादी करने वाले रिजवान का आधार वेरीफिकेशन कराने के लिए पुलिस के अधिकारी मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित ई-गवर्नेंस सोसायटी के दफ्तर पहुंचे। रिजवान द्वारा दिए गए आधार नंबर और इससे लिंक उसके मोबाइल नंबर को जब ई-गवर्नेंस के अधिकारियों ने स्कैन करना शुरू किया, तो रिजवान का फर्जीवाड़ा सामने आने लगा। असली पहचान के साक्ष्य सामने आने पर जब रिजवान से पूछा गया कि उसने यह फर्जीवाड़ा क्यों किया। इसके जवाब में उसने कहा कि अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए उसने फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवाए थे।

प्रेमिका की बहनों को भी उसका असली नाम मालूम था

बकौल रिजवान करेली में रहने वाली उसकी प्रेमिका को उसकी पहचान पता थी। यही नहीं रिजवान का कहना है कि प्रेमिका की बहनों को भी उसका असली नाम मालूम था, लेकिन प्रेमिका ने कहा कि रिजवान नाम बताने पर उसके घरवाले कभी शादी के लिए हामी नहीं भरेंगे। इसके चलते उसने अपने असली आधार नंबर से एक नकली आधार कार्ड बनवाया। इस फर्जी कार्ड में उसने अपना नाम लड्डू पटेल रख लिया।

दो कार्ड के कारण असमंजस
पता चला है कि जब पुलिस ने रिजवान को गिरफ्तार किया था, तब उसके पास से दो आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड जब्त किए गए थे। आधार कार्ड की असलियत पता लगाने के लिए ही मदन महल थाने की पुलिस रिजवान को लेकर ई-गवर्नेंस के आॅफिस पहुंचे थे। जब आधार कार्ड की पड़ताल शुरू की गई तो बायोमेट्रिक के जरिए उसका असली आधार डाउन लोड किया गया, लेकिन जब डाउनलोडेड आधार को खोलने के लिए उसके नाम के शुरूआती चार अक्षर और जन्म का साल डाला गया तो फाइल नहीं खुली। इस हालत में आधार की असलियत सामने नहीं आ सकी।

तरकीब दौड़ाई तो ऐसे खुली पोल
जब डाउनलोडेड फाइल नहीं खुली तो ई-गवर्नेंस के अधिकारियों ने दूसरी तरकीब अपनाई। सबसे पहले रिजवान के आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से उसका एक डिजी लॉकर खोला गया। डिजी लॉकर की आईडी बनने के बाद उसमें आधार कार्ड रखने के लिए मोबाइल पर ओटीपी भेजी गई। ओटीपी के माध्यम से जब आधार लॉकर में आ गया तो उसका असली आधार कार्ड और उसकी डिटेल सामने आ गई। असली आधार कार्ड सामने आने पर पता चला कि रिजवान का आधार मोहम्मद रिज़वान के नाम से बना है और इसमें उसने गढ़ा पुरवा का पता दिया है। वहीं जो आधार कार्ड पुलिस को जब्त हुए थे उसमें नाम मो. रिजवान लिखा हुआ था। इसी प्रकार वोटर आईडी की जांच में पता चला कि यह रिजवान अख्तर के नाम से जारी हुआ है। वोटर आईडी में रिजवान का पता मदरसा नगर टोली पैठान, आमोर, बिहार दर्ज है।

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