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सीबीएसई / बोर्ड परीक्षाओं में लाने होंगे 33% अंक, सीआईएससीई शुरू करेगा कंपार्टमेंट एग्जाम



cbse exam student need to score 33percent to succeed cisci will conduct com
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cbse exam student need to score 33percent to succeed cisci will conduct com

  • सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए किए बदलाव
  • कक्षा 12वीं के अंग्रेजी कोर के पैटर्न भी बदला

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 12:37 PM IST

जबलपुर.  सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने इस बार कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में कुछ बदलाव किए हैं। जिसमें पहला बड़ा बदलाव कक्षा 10वीं को लेकर है। इसमें छात्रों को थ्योरी और प्रैक्टिकल में अलग-अलग 33% अंक नहीं लाने होंगे। अब उन्हें दोनों ही एग्जाम को मिलाकर कुल 33% अंक प्राप्त करने होंगे। 

 

इसका फायदा यह होगा कि छात्रों को दोनों ही एग्जाम के लिए अलग से तैयारी नहीं करनी होगी, बल्कि वे पहले से ही मिक्स स्ट्रेटजी तैयार कर एग्जाम दे पाएंगे। दूसरी ओर, सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के अंग्रेजी कोर के पैटर्न में बदलाव किया है।

 

इसलिए कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले छात्रों को अब इस पैटर्न के हिसाब से ही तैयारी करनी होगी। सीबीएसई के मुताबिक इस सब्जेक्ट में जहां क्वेश्चन पेपर का पैटर्न बदला है। वहीं सवालों की संख्या भी पहले की अपेक्षा घटाई गई है। रीडिंग सेक्शन में भी कई तरह के बदलाव किए हैं। एक्सपर्ट की मानें तो पिछले साल और इस सत्र के पैटर्न में बहुत अंतर है। इसलिए स्टूडेंट्स को नए पैटर्न को अच्छे से समझना होगा। 


सीआईएससीई जुलाई में कराएगा कंपार्टमेंट एक्जाम: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन (सीआईएससीई) 2019 से कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन करेगा। इससे आईसीएसई और आईएससी के छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। अगर वे फेल हो जाते हैं, तो उनको 10वीं और 12वीं परीक्षा पास करने के लिए सालभर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह एग्जाम हर साल जुलाई में होगा और इसका रिजल्ट अगस्त में आएगा।

 

12वीं क्लास के वह छात्र जो इंग्लिश और अन्य दो विषय क्लियर कर चुके हैं और चौथे में फेल हैं, वे परीक्षा दे सकेंगे। वहीं 10वीं क्लास के वे छात्र जो इंग्लिश और अन्य 3 विषयों में पास हैं, लेकिन पांचवे विषय में फेल हो गए है, वे भी परीक्षा दे सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि छात्रों को एक साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा उनको बोर्ड की ओर से एग्जाम में पास होने का मौका दिया जाएगा। 

 

यह रहेगा पेपर के पैटर्न में बदलाव:- 


सवालों की संख्या 
अब-2019 से इस हिस्से में केवल 35 सवाल ही पूछे जाएंगे। 
तब- पहले पेपर में 40 सवाल पूछे जाते थे। 
पैसेज 
अब- सेक्शन-ए रीडिंग में पैसेज की संख्या घटा दी गई है। अब दो पैसेज पेपर में होंगे। 
तब- पहले पेपर में तीन पैसेज होते थे, शब्द सीमा अलग थी। 
क्वेश्चन टाइपोलॉजी 
अब- सवालों का वर्गीकरण अलग होगा। अब यह दो पैसेज में बंटा होगा। 
तब- पहले 1-1 नंबर के 6 एमसीक्यू पूछे जाते थे। 
सेक्शन-ए के सवाल 
अब- इस साल होने वाले एक्जाम में सेक्शन-ए से 30 नंबर के 19 सवाल इस बार पेपर में आएंगे। 
तब- अभी तक 30 नंबर के 20 सवाल पूछे जाते थे। 

 

एमपी बोर्ड: स्कूलों में लगेंगी स्पेशल क्लास: शासकीय स्कूलों में इस साल कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड एक्जाम में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के रिजल्ट को सुधारने के लिए स्पेशल क्लास लगाई जाएंगी। यह क्लास दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू होंगी। इसमें छात्र-छात्राओं के अद्धवार्षिक परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद उनकी सब्जेक्ट संबंधी समस्या का समाधान एक्सपर्ट की टीम करेगी।

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