--Advertisement--

दीपोत्सव / अष्ट कमल चक्र बनाकर करें महालक्ष्मी की स्थापना पूजा में उन्हें हाथ जोड़कर नहीं, फैलाकर करें प्रणाम



diwali 2018
X
diwali 2018

Dainik Bhaskar

Nov 07, 2018, 11:11 AM IST

जबलपुर। ऐश्वर्य और धन की देवी लक्ष्मी का पर्व दिवाली 7 नवंबर को मनाया जाएगा। इस पर्व पर विधि-विधान से महालक्ष्मी का पूजन सुख-समृद्धि और धन-संपत्ति देने वाला होगा। 

 

माता लक्ष्मी की पूजन विधि के संबंध में ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी का कहना है कि दिवाली पर अष्ट लक्ष्मी पूजन का विधान है। इसके लिए सबसे पहले चौक बनाकर उस पर चौकी रखें। फिर उसके ऊपर गुलाबी रंग के कपड़े पर अष्टचक्र बनाएं। इस पर लक्ष्मी की फोटो या प्रतिमा (घर में बैठी लक्ष्मी और व्यापारी खड़ी लक्ष्मी) स्थापित करें। इसके बाद कलश की स्थापना करें। उसमें जल भरकर सुपारी, चावल, हल्दी की गांठ, सिक्का, आम के पत्ते रखें और ऊपर से एक नारियल रख दें। षोडशोपचार पूजन के बाद दीप प्रज्ज्वलित करें और फिर मां लक्ष्मी को दोनों हाथ फैलाकर प्रणाम करें। लक्ष्मी जी को कभी भी हाथ जोड़कर प्रणाम नहीं करना चाहिए, क्योंकि हाथ जोड़ने का मतलब होता है लक्ष्मी जी को विदा करना। लक्ष्मी जी को हाथ फैलाकर प्रणाम करना चाहिए। 

 

पंच महायोग में होगी पूजा, राष्ट्र सेवकों को मिलेगा पद व प्रतिष्ठा 
ज्योतिषाचार्य पं. विजयभूषण वेदार्थी ने बताया कि इस बार दिवाली महोत्सव पर अर्ध चंद्र योग एवं दान योग की निष्पत्ति हो रही है। अर्ध चंद्र योग के कारण राष्ट्र सेवा, समाजसेवा करने वाले जातकों को इस योग में लक्ष्मी पूजन करने से राज सम्मान एवं पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। दान योग के फल स्वरूप विद्या, बुद्धि एवं धन लाभ के लिए लक्ष्मी जी की विशेष कृपा प्राप्ति से विद्यार्थी वर्ग लाभान्वित होगा। 

 

ज्योतिर्विद डॉ.एचसी जैन के अनुसार बुधवार को अमावस्या रात्रि 9:31 बजे तक रहेगी। इस बार बुधवार स्वाति नक्षत्र, वृष लग्न को बुध एवं गुरु देखने से व्यापारी वर्ग दुकानदारों, साधु-संतों को विशेष लाभ होगा। ज्योतिषाचार्य सतीश सोनी के अनुसार दिवाली के दिन गुरु और शनि का योग 59 साल बाद बन रहा है। इस योग के बनने से मां लक्ष्मी की कृपा साधकों पर विशेष रूप से रहेगी। बुधवार के दिन यह योग बनने से आमदनी बढ़ेगी। व्यापार, शेयर मार्केट, प्रॉपर्टी डीलरों के लिए अच्छे योग लेकर आ रही है। इस दिन पंच महायोग भी बन रहा है। महालक्ष्मी की पूजा पंच महायोग यानी त्रिग्रही योग, मालव्य योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और गुरु-शनि के दुर्लभ योग में होगी। 

गोवर्धन पूजा और भाईदूज पर हैं विशेष योग 
गोवर्धन पूजा 8 नवंबर को होगी। इस दिन माला योग, गजकेसरी योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो दूसरे दिन 9 नवंबर भाईदूज को भी रहेगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. एचसी जैन के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए गोवर्धन पूजा की जाती है और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाता है। इस दिन गाय के गोबर से घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत का निर्माण किया जाता है। ज्योतिषाचार्य पं. नितिन तिवारी (रिंकू शास्त्री) ने बताया कि भाईदूज के दिन विश्वकर्मा एवं चित्रगुप्त पूजा के साथ यम द्वितीया का महोत्सव मनाया जाएगा। 

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..