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रेलवे / चलती ट्रेनों में यात्रियों को मिलेगी चिकित्सा सुविधा, टीटीई, गार्ड, स्टेशन मास्टर के पास भी मिलेंगी दवाइयां



doctor on call will be available on moving train
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doctor on call will be available on moving train

  • किसे कौन की दवाई देना है, इसके लिए होगा प्रशिक्षण 
  • एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टर बताएंगे दवाइयां

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 11:31 AM IST

जबलपुर। रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में अचानक बीमार पड़े रेलयात्रियों को फर्स्ट एड की सुविधा मिलेगी। स्टेशनों पर एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बताई गई दवाएं रखी जाएंगी। ये ऐसी दवाएं होंगी, जो अकस्मात स्थिति में यात्रियों की जान बचाने में सहायक साबित हो सकती हैं। इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को आदेश जारी किए हैं। 

रेलवे के मुताबिक चलती ट्रेन में ये दवाएं ट्रेन कैप्टन, टीटीई, गार्ड या अन्य रनिंग स्टाफ से संपर्क कर ली जा सकेंगी। वहीं स्टेशन मास्टर के पास भी ये दवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा 138 नंबर पर भी किसी भी तरह की मेडिकल हेल्प के लिए फोन कर सकते हैं। यात्रियों को कब कौन सी दवा देनी है, इसके लिए स्टेशन मास्टर, टीटीई आदि स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री बीमार पड़ जाए या घायल हो जाए तो फर्स्ट एड की व्यवस्था काफी कारगर साबित होगी। यात्रा के दौरान गंभीर रूप से बीमार पड़े यात्रियों के लिए अगले स्टेशन पर एम्बुलेंस, चिकित्सक आदि की व्यवस्था भी रेलवे करेगा। जबलपुर मंडल से गुजरने वाली सभी ट्रेनों में यह व्यवस्था की जाएगी। इसे लेकर प्लानिंग तैयार की जा रही है। 

 

जल्द ही मिलेगा मनपसंद खाना : रेलवे ने ई-कैटरिंग को बढ़ावा देने के लिए प्लान तैयार किया है। प्लान के तहत स्टेशनों पर स्थित रेस्टोरेंट या फूड स्टोर ट्रेनों में खाना बेच सकेंगे। हालांकि इसके पहले वेंडरों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। रेलवे बोर्ड ने ट्रेन साइड वेडिंग नीति को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था से अवैध वेंडर ट्रेनों में खाना नहीं बेच पाएंगे। इसके बाद भी अवैध वेंडर खाना बेचते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 
अभी विकल्प नहीं: रेलवे स्टेशन पर खाने के सामान का कम विकल्प मौजूद रहने के कारण यात्रियों को ट्रेन की पेंट्रीकार के खाने पर निर्भर रहना पड़ता है या फिर स्टेशनों की लगी हुई स्टॉल के भरोसे काम चलाना पड़ता है। ऐसे में यात्रियों को कई बार उचित खाना नहीं मिल पाता। इसी का फायदा अवैध वेंडर उठाते हैं और मनमानी कीमतों पर ट्रेनों में सप्लाई करते हैं। अब यात्री रेलवे द्वारा ई-कैटरिंग में रजिस्‍टर्ड रेस्टोरेंट या फूड स्टोर से खाना बुला सकेंगे। 

 

यह होगा फायदा 

  • ट्रेनों में यात्रियों को मिलेगा गुणवत्ता पूर्ण खाना। 
  • मनमाफिक खाने के लिए भी यात्री कर सकेंगे ऑर्डर। 
  • ट्रेनों में अवैध वेंडरों द्वारा की जा रही सप्लाई पर लगेगी रोक। 
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