सागर / ईनाम में कार और बाइक देने का झांसा देकर चिटफंड कंपनी ने 6 लोगों से की 7 लाख की ठगी



fraud in sagar
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fraud in sagar

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 12:41 PM IST

सागर। जिले के बेरोजगार युवक एक चिटफंड कंपनी के झांसे में आकर ठगे गए। उनसे करीब 7 लाख रुपए जमा कराकर कंपनी के कर्ताधर्ता भाग खड़े हुए। लोगों को चैन सिस्टम बनाकर रुपए जमा कराने का एक तय टारगेट दिया गया था। जिसे पूरा करने पर कार व बाइक इनाम में देने का सपना दिखाया था। इस संबंध में आईजी सतीश सक्सेना से शिकायत की गई है। पुलिस मामले की जांच करा रही है। 


अशोड नामक चिटफंड कंपनी द्वारा ठगी के शिकार लोगों में बिलहरा कटंगी के निवासी राहुल दांगी, खजुरिया के सत्यम ठाकुर, खेजरा माफी के सतीश राजपूत, पनारी के अमित दांगी व हरिओम दांगी तथा खेजरामाफी के अजय कोरी शामिल हैं। आईजी को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि शनिचरी टौरी निवासी आरिफ वल्द शेख आशिक मूलत: मांडग भडरा महाराष्ट्र का रहने वाला है। अतिशय वल्द राजेश जैन मूडरा जरुवाखेड़ा, अमित जाट वल्द तेजसिंह जाट पथरिया जाट तथा रेवती उर्फ सैफाली पिता सुदामा चौबे जैतपुर केसली ने मिलकर अशोड नामक फर्जी कंपनी बनाकर ठगी की। हर्बल यूनानी हेल्थ प्रोडक्ट के नाम पर लोगों का जाल में फांस लिया। ये सभी गोपालगंज थाने के पास एमएनसी परिवार कंपनी के डिस्ट्रूब्यूटर हैं। आसिफ अपने आपको पुणे स्थित कंपनी के हेड ऑफिस में पदस्थ बताता है। 


ऐसे लालच में फंसे बेरोजगार : बेराेजगारों को 1200 रुपए की दवा बेंचकर उसे सदस्य बनाया जाता था। इसके बाद वह जब अपने नीचे सदस्य बनाता तो उसे भी कमीशन मिलता था। यह चैन सिस्टम चल रहा था। जालसाजों ने कंपनी से जुड़े एजेंटों को टारगेट दिया। एक एजेंट ने 5 लड़कों से 6 हजार रुपए जमा कराए तो उसे एक बाइक फाइनेंस करा दी। 36 हजार रुपए जमा कराने वाले को पल्सर और 90 हजार रुपए जमा कराने वाले स्फिट डिजाइर कार देने का प्रलोभन दिया। इस झांसे में आकर राहुल दांगी ने 1 लाख 20 हजार रुपए, सत्यम ने 90 हजार रुपए व अन्य लोगों ने भी राशि जमा कराई। इस तरह 7 लाख रुपए जमा कराकर कंपनी के कर्ताधर्ता भाग निकले। 

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